शिक्षा मंत्री के जिले में गिरते शिक्षा स्तर के चलते सरकारी स्कूल बंदी की कगार पर
पौड़ी जिले के 14 सरकारी स्कूलों पर लगा ताला
जिले में शिक्षा के मंदिरों पर लटक रहे ताले तो शराब की दुकानोंं में हो रहा इजाफा
सरकारी स्कूलों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार घटती छात्र संख्या को लेकर शिक्षा महकमा चिंता की स्थिति में है। मिली जानकारी के मुताबिक जिले के विकास खंड दुगड्डा से लेकर बीरोंखाल, नैनीडांडा, जयहरीखाल, कोट आदि विकास खंडों में आने वाले स्कूलों में छात्र संख्या लगातार घटती हुई नजर आ रही है। राज्य सरकार द्वारा इस दौरान निजी स्कूलों की तर्ज पर आदर्श स्कूलों का भी संचालन किया परन्तु इसका भी कुछ खास परिणाम शिक्षा विभाग को मिलता नजर नहीं आया। शिक्षा विभाग ने जिले के कुछ स्कूलों को अंग्रेजी स्कूलों की तर्ज पर मॉडर्न भी बनाया है। वर्तमान समय में पौड़ी जिले में आदर्श स्कूलों की संख्या 45 है। हर ब्लॉक में एक आदर्श स्कूल है। इन स्कूलों में वन प्लस फाइव टीचर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा स्कूल पूरी तरह से इंग्लिश मीडियम में संचालित हो रहे हैं। साथ ही पीएम श्री उत्कृष्ट स्कूलों का भी चयन किया गया है। इसमें 1 से लेकर 12वीं तक के स्कूलों का चयन मानकों के तहत किया गया है।
पौड़ी जिले में ऐसे 13 स्कूल चयनित हैं, जिसमें 6 माध्यमिक और शेष प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। केंद्र सरकार इनके पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर व्यय उठा रही है। स्कूलों में कंप्यूटर से लेकर लाइब्रेरी आदि की सुविधाएं भी दी जाएंगी।
पौड़ी के डीआईओ डॉ. शिव पूजन सिंह का कहना है कि छात्र संख्या शून्य हो जाने के कारण, ऐसे स्कूलों में तैनात 18 शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में समायोजित कर दिया गया है। इनका प्रस्ताव संबंधित ब्लॉकों से आया था। इसके बाद यह निर्णय लिया गया है।