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शिक्षा मंत्री के जिले में गिरते शिक्षा स्तर के चलते सरकारी स्कूल बंदी की कगार पर

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

  शिक्षा मंत्री के जिले में गिरते शिक्षा स्तर के चलते सरकारी स्कूल बंदी की कगार पर

 पौड़ी जिले के 14 सरकारी स्कूलों पर लगा ताला 

जिले में शिक्षा के मंदिरों पर लटक रहे ताले तो शराब की दुकानोंं में हो रहा इजाफा 

 उत्तराखंड में लगातार सरकारी विद्यालयों की बदहाल स्थिति चाहे वह गिरता शिक्षा का स्तर हो, विद्यालयों की बदहाल हालत ( बंजर भवन, शिक्षकों की कमी, विद्यालयों में संसाधन की कमी, बिजली पानी व शौचालय की बदहाल स्थिति) जैसे प्राथमिक आवश्यकताओं के अभाव के कारण. आपके लोकप्रिय पोर्टल लोक संवाद टुडे ने कुछ दिन पूर्व भी पौड़ी जिले के एक प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्तिथि की हालत बयां की थी. आज फिर लोक संवाद टुडे आपको शिक्षा मंत्री के गृह जिले के विद्यालयों की खबर से रुबरु करा रहा है.

  शिक्षा मंत्री उत्तराखण्ड सरकार के गृह जिले मे सरकार शिक्षा के प्रति कितनी गंभीर है व स्वयं शिक्षा मंत्री कितने संवेदनशील …? यह तो वर्तमान सरकार और सूबे के शिक्षा मंत्री के जिले में शिक्षा के मंदिर को प्रोत्साहित करने के बजाय ही शराब की दुकानों में प्रशासन के सहयोग से इजाफा हो रहा है वहीं जिले के दुगड्डा विकास खंड से लेकर कोट,नैनीडांडा,बीरोंखाल,जयहरीखाल, आदि विकास खंडों में आने वाले प्राथमिक स्कूलों से लेकर माध्यमिक विद्यालयों में घटती छात्र संख्या के कारण जिले के 14 विद्यालय बंदी की कगार पर पहुँच गए हैं. जिला शिक्षा प्रशासन ने इन सरकारी 14 विद्यालयों को बंद भी करवा दिया है। पौड़ी जिले में शिक्षा विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद भी प्राइमरी व माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संख्या नहीं बढ़ पा रही है। जिसके चलते मौजूदा सत्र में छात्र संख्या शून्य हो जाने की वजह से जिले के 14 स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया।  विगत सत्र में प्राथमिक स्कूलों की संख्या 1407 थी। वही इन स्कूलों के बंद हो जाने के बाद अब जिले में स्कूलों की संख्या का आंकड़ा घटकर 1397 पर आ गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या मानकानुसार शून्य होने पर विद्यालय में तैनात 18 शिक्षकों का समायोजन भी विभाग ने अन्य विद्यालय में करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

सरकारी स्कूलों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार घटती छात्र संख्या को लेकर शिक्षा महकमा चिंता की स्थिति में है।  मिली जानकारी के मुताबिक जिले के विकास खंड दुगड्डा से लेकर बीरोंखाल, नैनीडांडा, जयहरीखाल, कोट आदि विकास खंडों में आने वाले स्कूलों में छात्र संख्या लगातार घटती हुई नजर आ रही है। राज्य सरकार द्वारा इस दौरान निजी स्कूलों की तर्ज पर आदर्श स्कूलों का भी संचालन किया परन्तु इसका भी कुछ खास परिणाम शिक्षा विभाग को मिलता नजर नहीं आया। शिक्षा विभाग ने जिले के कुछ स्कूलों को अंग्रेजी स्कूलों की तर्ज पर मॉडर्न भी  बनाया है। वर्तमान समय में पौड़ी जिले में आदर्श स्कूलों की संख्या 45 है। हर ब्लॉक में एक आदर्श स्कूल है। इन स्कूलों में वन प्लस फाइव टीचर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा स्कूल पूरी तरह से इंग्लिश मीडियम में संचालित हो रहे हैं। साथ ही पीएम श्री उत्कृष्ट स्कूलों का भी चयन किया गया है। इसमें 1 से लेकर 12वीं तक के स्कूलों का चयन मानकों के तहत किया गया है।

पौड़ी जिले में ऐसे 13 स्कूल चयनित हैं, जिसमें 6 माध्यमिक और शेष प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। केंद्र सरकार इनके पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर व्यय उठा रही है। स्कूलों में कंप्यूटर से लेकर लाइब्रेरी आदि की सुविधाएं भी दी जाएंगी। 

  पौड़ी के डीआईओ डॉ. शिव पूजन सिंह का कहना है कि छात्र संख्या शून्य हो जाने के कारण, ऐसे स्कूलों में तैनात 18 शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में समायोजित कर दिया गया है। इनका प्रस्ताव संबंधित ब्लॉकों से आया था। इसके बाद यह निर्णय लिया गया है।

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