विश्व प्रसिद्ध तीन दिवसीय सिद्धबली मेला भव्यता के साथ शुरू
विभिन्न राज्यों व स्थानीय कीर्तन मंडलियों की झांकियों ने कोटद्वार को भक्तिरस में भरा.
झांकियों को प्रोत्साहित करने के लिए कोटद्वार के मुस्लिम समाज ने भी लगाया जलपान स्टाल.
कोटद्वार गढ़वाल स्थित विश्व प्रसिद्ध तीन दिवसीय सिद्धबली मेले की शुरुआत भव्यता के साथ पूरे धार्मिक अनुष्ठान, परम्परा के साथ हवन कुंड में यज्ञकर मंत्रोच्चारण व देवों का आशीर्वाद लेकर शुरू हुवा.
सबसे पहले मंदिर समीति के पदाधिकारियों ने मंदिर के मुख्य पुजारी व सहयोगी पुजारियों के साथ प्राचीन सिद्धपीठ व सिद्धबली मंदिर जोकि वर्तमान सिद्धबली मंदिर के ऊपर स्थित जंगल की पहाड़ी पर स्थित है पर पूजा अर्चना व सिद्धबली बाबा के प्रतीक चिह्न ध्वजा को चढाकर सिद्धबली मंदिर परिसर में यज्ञशाला में यजमानों के संरक्षण में हवन यज्ञ कर बाबा के रथ को झांकी के रूप में भक्तों के दर्शनार्थ रवाना किया. तदुपरांत बाहर से विभिन्न सांस्कृतिक धार्मिक व स्थानीय महिला कीर्तन मंडलियों और मंगल दलों को रवाना किया. सभी सांस्कृतिक, धार्मिक और कीर्तन मंडलियों को देखने के लिए कोटद्वार व आसपास के क्षेत्रों के हजारों की संख्या में सिद्धबली मंदिर से लेकर कोटद्वार के देवी मंदिर तक सड़क के दोनों ओर भावविभोर होकर भक्तिरस में डूब रहे थे. मेले की झांकियों को सुचारू रुप से संचालित करने के लिए सिद्धबली बाबा मंदिर के स्वयसेवीयों ने व्यवस्था बनाने में सुंदर सहयोग किया. मेले की कानून व्यवस्था संभालने के कोटद्वार की पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई. यातायात व्यवस्था, कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस द्वारा पूरे सिद्धबली परिसर से लेकर शहर तक कोई कोर कसर नहीं छोडी, जिस कारण मेले के पहले दिन सिद्धबली मेला शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गया.
कोटद्वार में सिद्धबली मेले में प्रतिभाग करने वाली झांकियों को शर्बत, चाय, काफी व विभिन्न प्रकार के नाश्तों के साथ सामप्रदायिक सद्भाव की मिशाल पेश करते कोटद्वार के मुस्लिम समाज द्वारा भी व्यापारियों के साथ जलपान का स्टाल लगाया गया जिसे कोटद्वार की जनता ने खूब सराहा.
