खाता बंद कराने पहुंची थी महिला, मिला 2 लाख का चेक, छलक आयें आँसू…
पिथौरागढ़ : किसी ने सच ही कहा कि ईमानदारी और गरीबों पर ईश्वर एक न एक दिन अवश्य मेहरबान होता है। जब मेहरबान होता है तो छप्पर फाड़कर देता है। ऐसा ही कुछ नजारा कहें या फिर वाक्या उत्तराखंड के मुनस्यारी तहसील में देखने को मिला।
क्या था मामला ….?
पांच माह पूर्व मृतक पति का बैंक में खाता बंद कराने आई गरीब विधवा महिला उस समय भौचक रह गई जब उसे बैंक ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana – PMJJBY) का दो लाख रुपये का चेक दिया। पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना का चेक मिलने पर विधवा भावुक हो उठी।
मुनस्यारी तहसील के रांथी गांव निवासी महिला के पति बलराम का जून माह में निधन हो गया था। बलराम दिहाड़ी मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण करता था। घर के एकमात्र सदस्य बलराम के निधन से उसकी पत्नी विमला देवी के सम्मुख अपने और अपने दो छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश की समस्या पैदा हो गई। पति की मृत्यु के बाद वह मेहनत मजदूरी कर बच्चों व खुद का भरण पोषण कर रही है।
एसबीआई में था मृतक का खाता
विमला के पति बलराम का बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक मुनस्यारी शाखा में खाता था, जिसमें जमा धन नहीं के बराबर था। खाते में भविष्य में भी राशि जमा नहीं कर पाने की लाचारी को देखते हुए विमला खाता बंद कराने के लिए बैंक पहुंंची और बैंक प्रबंधक वरुण गुप्ता को बैंक खाता बंद कराने का प्रार्थना पत्र सौंपा। मृतक बलराम का बैंक में खाते के साथ पीएम जीवन ज्योति बीमा कवर था। बैंक प्रबंधक वरुण गुप्ता ने जब बलराम के खाते को चेक किया तो पता चला कि उसने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा करवाया था। प्रबंधक ने विमला देवी को यह बात बताते हुए अपने कार्यालय में ही उससे फार्म भरवाया और बीमा धनराशि दर्ज की। गुरुवार को विमला को स्वीकृत दो लाख रुपये की बीमा राशि का चेक दिया गया तो उसे पाकर विमला देवी भावुक हो उठी।
विमला ने कहा कि वह अपने बच्चों के साथ पति की मृत्यु के बाद मुश्किल भरे दिन बिता रही है। इस घड़ी में बैंक प्रबंधक सहित स्टाफ ने उसकी मदद कर उसे बीमा राशि प्रदान की है, जो उसके परिवार के लिए वरदान से कम नहीं है। चेक प्राप्त करने पर उसने बैंक प्रबंधक सहित बैंक स्टाफ का आभार जताया।
लाेगों को योजना की जानकारी नहीं
पूर्व ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकांश लोगों को अभी तक इस योजना की जानकारी तक नही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रचार, प्रसार की मांग की है।
उत्तराखंडी लोकपर्व इगास का आयोजन कर जिलाधिकारी पौड़ी ने की अनोखी शुरूआत
स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों को लोगों ने सराहा
पौड़ी के रामलीला मैदान में भैला खेलने उमड़ लोग
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने उत्तराखंड के प्रसिद्व लोकपर्व इगास का रामलीला मैदान पौड़ी में आयोजन करके स्थानीय लोक संस्कृति के संरक्षण में बड़ा कदम उठाया। जिलाधिकारी व वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे सहित जनपद स्तरीय विभिन्न अधिकारियों तथा कार्मिकों के साथ-साथ मीडिया प्रतिनिधियों, व्यापार मंडल के सदस्यों, महिला मंगल दलों, लोक संस्कृति से सीधे जुड़े हुए स्थानीय कलाकारों, बच्चों, बुजुर्गों सहित स्थानीय जनमानस सभी ने जनपद में पहली बार आयोजित किये जा रहे इगास लोकपर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
स्थानीय लोक संस्कृति और त्यौहार को जीवंत होते देख सभी लोगों ने जिलाधिकारी और उनकी टीम की मुक्तकण्ट प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह से आज जनपद पौड़ी से लोक संस्कृति को बचाने की अनुठी मुहिम शुरू हुई है इससे स्थानीय संस्कृति के शूभचितंकों, स्थानीय निवासियों और पहाड़ की संस्कृति से प्यार जताने वालों को आशा जगी है कि अब स्थानीय संस्कृति के दिन फिर से बहुरने वाले हैं। सभी लोगों ने जिलाधिकारी को इस पुनित कार्य के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि संस्कृति के संरक्षण के इस तरह के प्रयास आगे भी निरंतर होते रहने चाहिए।
इस दौरान इगास पर्व कार्यक्रम का शुभांरभ करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में वैश्वीकरण की बहार में लोग अपनी स्थानीय संस्कृति को भूलते-बिसरते जा रहे हैं। जबकि हमें अपनी स्थानीय संस्कृति की अच्छी चिजों को देश-दुनियां के सामने लाना चाहिए। इससे एक ओर तो लोग हमारी संस्कृति से रूबरू होंगे दूसरा लोग जब हमारे क्षेत्र में पर्यटन भ्रमण पर आयेंगे या हमारे स्थानीय उत्पाद-व्यंजकों को अपनायेंगे तो इससे हमारी आर्थिकी भी मजबूत होगी। इसलिए लोगों को अपनी मूल जड़ो से जुड़े रहना चाहिए तथा वैश्वीकरण के दौर में अपनी संस्कृति के बलबूते जितना बेहतर हम हासिल कर सकते है उस दिशा में सकारात्मक पहल करती रहनी चाहिए।
वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि स्थानी इगास पर्व को लेकर लोगों में जो उत्साह और उमंग है वह देखने लायक है। उन्होंने इगास पर्व के अवसर पर लोगों के उत्साह की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी। जिलाधिकारी व वरिष्ट पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारियों और कार्मिकों ने महिला मंगल दल, स्थानीय महिलाओं, युवा, बुजुर्गों तथा सामान्य जनमानस के साथ इगास के भैलों में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रसिद्व लोक कलाकार गजेंद्र राणा ने भी अपने गीतों की शानदार प्रस्तुति दी तथा लोगों को झूमने पर मजबूर किया। स्थानीय महिला मंगल दल की टीम द्वारा इगास गीत, वीर माधो सिंह भंडारी के इगास गीत गाकर लोक पर्व में चार-चांद लगाए।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी आयोनकर्ताओं को बहुत ही कम समय में आयोजन करवाने पर बधाई दी तथा इगास पर्व की सभी प्रदेश वासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, मुख्य कोषाधिकारी गिरीश कुमार, मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ0 आंनद भारद्वाज, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, जिला क्रिड़ा अधिकारी गिरीश कुमार, व्यपार मंडल उपाध्यक्ष कुलदीप गुसांई, मंहिला मंगल दल अध्यक्ष कमला रावत, सरिता नेगी सहित अन्य अधिकारी, कार्मिक व स्थानीय लोग उपस्थित रहे ।

