कोटद्वार नगरनिगम बोर्ड बैठक,दाल भात तक सीमित, पार्षदों के बहिष्कार के चलते बैठक स्थगित
भाजपा – कांग्रेस पार्षदों को नगर निगम में एक दूसरे का न्योता नहीं स्वीकार
बहिष्कार करने वाले पार्षदों की नहीं थी बोर्ड बैठक में अपने कार्यो की तैयारी
समर्थक पार्षदों को नगर निगम के विकास कार्यों से नहीं लेना देना,गाल बजाने तक सीमित
कुछ पार्षद बोर्ड बैठक की आड़ में अपने और समर्थकों के दाल भात के जुगाड़ में
नगर आयुक्त के लेट होने पर पार्षदों के बहिष्कार के चलते बोर्ड बैठक निरस्त
कोटद्वार । कोटद्वार नगरनिगम में लम्बे समय से बहुप्रतीक्षित महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक राजनीतिक प्रतिद्वद्धिता के चलते छोटे से मुद्दे को राई का पहाड़ बनाते हुए नगरनिगम पार्षदों द्वारा बहिष्कार कर कोटद्वार नगरनिगम की जनता की समस्याओं बड़ दिया। जिस बोर्ड बैठक में कोटद्वार के 40 वार्डो की समस्याओं को पार्षदों ने बोर्ड में रखना था उससे उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए अपने राजनीतिक हित के लिए बहिष्कार कर जनता की अपेक्षाओं पर भारी कुठाराघात किया है। मामला नगर आयुक्त के लेट होने का बहाना बनाकर गैरजिम्मेदार पार्षदों ने बोर्ड बैठक में भाग न लेकर बहिष्कार की घोषणा कर अपनी जजनता के प्रति जिम्मेदारी से भी पल्ला झाड़कर। बोर्ड बैठक की फजीहत कर डाली। जिस कारण बोर्ड बैठक महज ब्रेड पकोड़े, चाय, दाल भात की पार्टी तक सीमित रह गई।
निर्दलीय पार्षद प्रवेंद्र रावत उवाच
नगर निगम की प्रस्तावित बोर्ड बैठक का बहिष्कार को लेकर निर्दलीय पार्षद प्रवेंद्र रावत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा के पार्षदों द्वारा किया गया बोर्ड बैठक जोकि न्यायोचित नहीं है नगर निगम के वर्तमान हालात को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर कर्मचारियों की छटनी की के संबंध में आज मुख्य बैठक होनी थी जिसमें पार्षदों ने सिर्फ इस बात पर नाराजगी दिखाई कि नगर आयुक्त समय पर बैठक में नहीं पहुंचे जिसका उन्होंने खेद भी व्यक्त किया। महापौर इस बैठक में काफी देर तक बैठी रही किंतु भाजपा के पार्षद अन्य पार्षदों को भी गुमराह कर बाहर ले गए और बैठक का बहिष्कार किया, जिसे हम सही नहीं मानते हैं और इसका समर्थन नहीं करते हैं यह बैठक आवश्यक थी कर्मचारियों के हित में कोटद्वार नगर की जनता के हित में प्रमुख मुद्दों पर आज प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। जनता को जिन पार्षदों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भेजा है नगर निगम में चुनकर वहीं पार्षद बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों के लिए जो शासनादेश जारी हुआ है जिसमें उन्हें आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखने का प्रस्ताव है जिस कारण वे हड़ताल पर हैं, उनकी भी आज की बैठक से बड़ी उम्मीदें थी जिससे उन्हें निराशा हाथ लगी बैठक का बहिष्कार करना उचित नहीं था जिसका मैं समर्थन नहीं करता हूं।