आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में हुए प्रवेशों की रिपोर्ट तलब
पौड़ी/16 दिसम्बर। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में समग्र शिक्षा एवं पीएम पोषण जिला परियोजना समिति की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में संपन्न बैठक में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत के लिए मांगे गए बजट और कराए गए कार्यों की रिपोर्ट तलब की। मुख्य शिक्षा अधिकारी नागेंद्र बर्त्वाल ने बताया कि जिले में 1354 सरकारी प्राथमिक विद्यालय, 254 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 302 हाईस्कूल व इंटरमीडिएट विद्यालय हैं। शिक्षा विभाग के अंतर्गत तीन केंद्र पोषित योजनाएं समग्र शिक्षा, पीएम श्री योजना और पीएम पोषण योजना संचालित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के चिन्हीकरण हेतु चार स्थानों में कैंप लगाए गए थे। इसमें विशेष सहायता उपकरणों हेतु 68 बच्चों को चिन्हित किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों की आवश्यकता का आकलन कर उनको शिक्षण और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावासों, कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास त्रिपालीसैंण का निरीक्षण तथा पीएम श्री स्कूलों का निरीक्षण कर यह देखने के निर्देश दिए कि विद्यालय के मानकों के तहत संचालित हो रहा है।
जिलाधिकारी ने आरटीई के तहत निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में हुए प्रवेशों की रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि विभाग रिपोर्ट में इसका स्पष्ट उल्लेख करें कि आरटीई के तहत पर्यावरण मित्रों, बीपीएल व अंत्योदय परिवारों और मलिन बस्तियों में रह रहे लोगों के पाल्यों का एडमिशन हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि उनको निरीक्षण के दौरान कहीं भी एडमिशन में गड़बड़ी मिली, तो संबंधित का जवाब-तलब किया जाएगा। उन्होंने छात्रावासों में रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी नागेंद्र बर्त्वाल, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी और जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
1971 के युद्ध में जनपद पौड़ी के 38 जवान हुए थे शहीद,उत्तराखंड के 255 वीर जवान हुए शहीद,
पौड़ी में धूमधाम से मनाया गया विजय दिवस।’
’

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से पाकिस्तानी सेना को पराजित कर एक ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना के 93,000 सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। यह विजय भारत के वीर सैनिकों की असाधारण वीरता और बलिदान का प्रतीक है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी मेजर करन सिंह ने बताया कि 1971 के युद्ध में उत्तराखंड राज्य के 255 वीर जवान शहीद हुए, जिनमें जनपद पौड़ी गढ़वाल के 38 शहीद सैनिक शामिल थे। विजय दिवस पर इन वीर जवानों के बलिदान को विशेष रूप से स्मरण किया गया।
विजय दिवस के अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जो एजेंसी चौक से राजकीय प्रेक्षागृह तक निकाली गई। कार्यक्रम में 1971 के युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर ऐश्वर्या, अमन, मरियम रहे। जबकि चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर शिफात अली, द्वितीय स्थान पर दिशा, तृतीय स्थान पर रितिका रही। क्रॉस कंट्री दौड़ बालक वर्ग प्रथम विजय, द्वितीय धर्मेश, तृतीय स्थान पर जीवन रहे जबकि बालिका वर्ग में प्रथम स्थान पर मीनाक्षी, द्वितीय स्थान पर निधि, तृतीय स्थान पर सुमन रहीं।
कार्यक्रम में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी लैंसडौन कर्नल ओम प्रकाश फर्स्वाण (अ.प्रा.), मुख्य शिक्षा अधिकारी नागेंद्र बर्तवाल, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष राजेंद्र राणा, ऑर्डिनरी कैप्टन सत्य प्रसाद धस्माना, मातबर सिंह, वीरेंद्र सिंह, श्रीचंद सिंह रावत, श्रीमती सुशीला देवी, श्रीमती छैला देवी, बसंती देवी व सुमित्रा देवी और अन्य गणमान्य अधिकारी, एनसीसी कैडेट्स एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।