उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा का निदेशक की नियुक्ति विरोध के बाद नए निदेशक की नियुक्ति
शिक्षा मंत्रालय को चहेते को नियुक्ति देने पर खानी पड़ी मुंह की
देहरादून: उत्तराखंड में माध्यमिक शिक्षा का निदेशक की पूर्व नियुक्ति के भारी विरोध के बाद सरकार और शिक्षा सचिव ने पूर्व नियुक्ति को बर्खास्त कर नयी नियुक्ति की गई है। इस संबंध में शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने आदेश जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड शासन के शिक्षा मंत्रालय द्वारा विभागीय नियमों को ताक पर रखकर वरिष्ठता को ठेंगा दिखाकर अपने मनमाफिक पसंदीदा जूनियर को नियुक्ति देकर अपनी हिटलरशाही दिखाई थी। परन्तु सरकार और मंत्रालय को इस नियुक्ति मामले में मुंह की खानी पड़ी और उन्हें अपना निर्णय वापस लेना पड़ा।
मामला वरिष्ठता में अग्रिम पंक्ति के अधिकारियों में लीलाधर व्यास जो कि कुमाऊँ मंडल में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक के पद पर कार्यरत है। जो विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों में से एक है, लेकिन शासन ने उनकी वरिष्ठता को दरकिनार कर पूर्व में उनसे जूनियर अधिकारी अजय नौडियाल को माध्यमिक शिक्षा का प्रभारी निदेशक बना दिया था। जिससे शिक्षा महकमे में इस नियुक्ति को लेकर घोर विरोध और कानूनी लडा़ई की प्रक्रिया भी शुरू होने लगी जिससे शिक्षा मंत्रालय और सरकार को काफी किरकिरी होने लगी। वहीं विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे। शासन ने अब लीलाधर व्यास को विभाग का निदेशक बनाने का आदेश जारी किया है।
मालूम हो कि सरकार को ऐसी ही हिटलरशाही को लेकर माननीय हाईकोर्ट की फटकार भी झेलनी पड़ी है जिससे सरकार को शोसल मिडिया में खूब ट्रोल भी होना पड़ा है।
पाठकों को बताते चलें कि ऐसी नियुक्तियां केवल शिक्षा विभाग में ही नहीं वरन् कृषि, उद्यान व वन विभाग सहित कई विभागों में सामने आ रहे हैं। आपके लोकप्रिय ब्लाग चैनल लोक संवाद टुडे के माध्यम से शीघ्र ही एक विभाग में ऐसी ही नियुक्तियों का खुलासा लोक संवाद टुडे सितम्बर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के पाक्षिक सप्ताह तक खुलासा करने जा रहा है।
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