तहसीलदार कोटद्वार ने दिखाया वन विभाग को आईना, अवैध लकड़ी से भरा ट्रक किया सीज.. वन विभाग सवालों के घेरे में
कोटद्वार| पहाड़ों में खनन और जंगलों का अवैध कटान जोरों-शोरों पर है। लकड़ियों के कारोबारी बेखौफ होकर धड़ल्ले से अवैध कारोबार में व्यस्त हैं. बिना डरे ये लकड़ी माफिया चंद पेड़ों को काटने की परमिशन लेकर हजारों पेड़ों पर आरियां चला दे रहे हैं, और वन विभाग
के कई अधिकारियों की नाक के नीचे ये काम चल रहा है।तहसीलदार ने यमकेश्वर के कांडाखाल में पकड़ा अवैध लकड़ियों से भरा ट्रक
पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक में तहसीलदार विकास अवस्थी ने इस लापरवाही पर नकेल कसने के लिए लकड़ी माफ़िया के विरुद्ध अभियान चलाया है. अभियान के दौरान पौखाल से यमकेश्वर जा रहा एक अवैध लकड़ियों का ट्रक जिसको रोका गया. जब ड्राइवर ने कागज मांगने पर कुछ नही दिखाया तो तहसीलदार ने ट्रक को सीज कर कोटद्वार तहसील में खड़ा करवा दिया।
वन विभाग कितनी गहरी नींद में?
लकड़ी माफिया के इन बुलंद हौंसलों से सवाल उठ रहा है कि आखिर वन विभाग कितनी गहरी नींद में है जो सब जानकर भी अनजान बना रहता है।तहसीलदार विकास अवस्थी ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान एक लकड़ियों से भरा एक ट्रक कांडाखाल से यमकेश्वर की तरफ जाते हुए दिखाई दिया। उसे रोक कर कागज़ात दिखाने को कहा गया तो कोई भी वैध कागज़ात नही दिखा पाया. जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सीज कर तहसील परिसर में खड़ा करवा दिया गया है। तहसीलदार ने यह भी बताया कि जहाँ भी इस तरह अवैध कटान की शिकायतें मिल रही है वहां के राजस्व निरक्षको को कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दे दिए गए है. समय समय पर इस तरह का अभियान जारी रहेगा।
रेखा नेगी को विरांगना तीलू रौतैली पुरस्कार से सम्मानित
मातृशक्ति के रुप को पहचान दिलाती रेखा नेगी
संघर्षों से सोना बनती रेखा नेगी
कोटद्वार।रेखा नेगी जी का जन्म 7,7,1977 पौड़ी गढ़वाल के भलगांव गांव में हुआ उनकी माता श्रीमती कमला कठैत जोकि प्रधानाचार्य के पद से रिटायर हो चुके है पापा श्री महावीर सिंह कठैत जी जो रिटायर हवलदार गढ़वाल राइफल ग्राम मंगला कोटी पटटी चलणस्यूं पौडी गढ़वाल के निवासी है, और हाल में चौबटृटा खिर्सू में रहते हैं, और उत्तराखंड आन्दोलन में अपना योगदान देने के कारण आज उनको उतराखड आन्दोलनकारी के नाम से भी जाने जाते है रेखा जी शिक्षा/ दीक्षा कन्या जूनियर हाई स्कूल कठूली , जी ,आई, सी ,इन्टर कालेज खिर्सू में हुई, उनके एक बड़ा भाई और एक छोटा भाई है।बचपन से ही अपने मस्त अंदाज और हर खेल में बढचढ कर आगे रहने से वह अपने गुरुजनों के भी प्रिय रही है।रेखा जी को बचपन से ही नृत्य का बहुत शौक था, उ्न्होने अपने कला को बड़े बड़े मंचों पर भी दर्शाया है एक समय था जब उनको मशहूर अभिनेत्री ममता कुलकर्णी की उपाधि दी जाती थी वह ममता कुलकर्णी की हूबहू काफी भी थी।उनका दूसरा शौक पुलिस इंस्पेक्टर बनने का था कई बार उनको मोका भी मिला ,लेकिन उनके मां ने जाने से मना कर दिया बस उनकी जिंदगी की नाकामी कहे या भगवान को मंजूर नहीं था कह नहीं सकते।उसके बाद उनकी शादी 10-12-1995 में श्री मनोज नेगी जी ग्राम नौगांव मल्ला पटटी खातस्यूं पौड़ी गढ़वाल में हुई, घर की बेटी अब बहू बनकर ससुराल वालों के साथ मिलकर अपने परिवार को चलाने लगी, सास का प्यार उनके लिए बहुत ही सुंदर था परिवार का दायरा बढ़ा होने के कारण वह लोग अपने घर से अलग रहने लगे ।उसके बाद उनको 3-7-1997को बड़ी और 1-9-1998 को उनके यहां दो बेटियों ने जन्म लिया अपने हुनर से रेखा नेगी ने अपने परिवार के साथ साथ अपने निजी जीवन में कुछ व्यवसाय के लिए ब्यूटीशियन का कोर्स कर अपने कार्य को घर में रहकर ही किया सासू मां के साथ मिलकर उन्होने घर में ही कपड़े सीना स्वाइटर बनने का कार्य किया साथ रेखा ने पौड़ी में भगतराम न्यूमाडन स्कूल में भी बच्चो को पढ़ाया साथ ही रेखा नेगी ने 2-5-2006 ग्राम सभा नौगांव मल्ला में आंगनबाड़ी केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर अपनी सेवा को शुरू किया,उनके कार्यक्षमता को लेकर सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उन्हें 2007 मे पाबौ ब्लाक का अध्यक्ष बना दिया।यही से रेखा नेगी की राजनीति की पहली सीढ़ी चढ़ी और आज तक पीछे मुड़कर नहीं देखा।अपने बहनों के लिए सदैव तत्पर रहने वाले रेखा नेगी ने अपने बहनों के साथ मिलकर बहुत संघर्ष किया जिसमें उनको कामयाबी भी हासिल हुई।उसके बाद उनको 2008 मे आंगनबाड़ी संगठन का जिला महामंत्री बनाया गया,और इसी तरह उनके नेतृत्व में जिला स्तरीय कार्यकर्ता ,सहायिका ,मिनी कार्यकत्री बहनों के साथ मिलकर उन्होने अपने संघर्ष को जारी रखा।
उनके संघर्ष और मेहनत को देखते हुए 2009मे उनको प्रदेश की बागडोर संभालने के लिए मजबूर किया गया, और उनको प्रदेश महामंत्री के पद पर उत्तराखंड की आंगनबाड़ी बहनों की डोर दे दी गई,
रेखा नेगी नेगी जी ने अपने उत्तराखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका मिनी कार्यकत्री बहनों के लिए सरकार को अपनी बात मनवाने के लिए मजबूर कर दिया जिससे सरकार को उनकी बातों को मानना पड़ा,
और 2011मे समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने उत्तराखंड की बागडोर श्रीमती रेखा नेगी जी के हाथों में सौंपकर उनको प्रदेश अध्यक्ष के पद पर सुशोभित किया, और तब से दौबारा भी उनको र्निविरोध चुन कर आज तक वह अपने बहनों के लिए संघर्ष करती आ रही है।नौकरी के दौरान ही उनको 5-1- 2006 उनको एक पुत्र रत्न की भी प्राप्ति हुई जोकि आज अपने मां के कार्यों में समय समय पर साथ देता दिखाई देता है।रेखा नेगी केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं बल्कि सभी मात्र शक्ति के लिए अपनी आवाज को बुलंद करती है उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को लेकर महिला उजागर समिति का भी गठन किया है उन्होंने महिलाओं के लिए अपने क्षेत्र में वृधापेंशन , विकलांग पेंशन, विधवा पेंशन, के शिवर लगाकर , जनता को सहयोग किया साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए बेटियों को लेकर रंगोली, रस्साकशी , अल्पना मेहंदी जैसी प्रतिभाओं को निखारने के लिए कार्यक्रम करवाये महिलाओं के लिए मंगल दलो के कई बार प्रोग्राम करवाएं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है आज रेखा नेगी अपने सरल स्वभाव और अपने अच्छे कार्य को लेकर सभी के दिलों में है लोग उनसे प्रेम करते है
उनकी कार्यशैली अपने आप अलग तरीके की है वह कभी भी अपने निजी स्वार्थों को लेकर नहीं चलती। उनके लिए कोई भी राजनीतिक पार्टी मान्य नहीं रखती वह हर पार्टी के नेता के व्यक्ति विशेषता को मानती है और जनता की समस्यायों को लेकर अपने कार्यों को करती है। रेखा नेगी 13 सितम्बर 2016 में इंडियन नैशनल कांग्रेस ब्रिगेड युवा प्रकोष्ठ द्वारा श्री श्रवण कुमार(प्रदेश अध्यक्ष) एवं श्री सुशील राठी (युवा कल्याण दर्जा राज्यमंत्री)जी ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उनको सम्मानित किया।उनके सम्मान में और उनके संघर्ष को देखते हुए मनोरमा डोबरियाल शर्मा मैमोरियल फाउंडेशन ने 3 सितम्बर 2019 को श्रीमती आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा (अध्यक्ष)एवं बृजमोहन मोहन शर्मा(चैयरमेन) द्वारा सम्मानित किया गया।
रेखा नेगी जी को अपना परिवार के तहत 2019 में श्रीमती बडोनी (अध्यक्ष महिला समाज कल्याण)जी के हाथों सम्मानित किया गया।
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर 2020 में भारतीय सर्व समाज महासंघ द्वारा श्रीमती ऊषा नेगी (अध्यक्ष)जी द्वारा सम्मानित किया गया।रेखा नेगी द्वारा इस भयानक कोरनावाइरस के काल में जरुरत मंद लोगो और सेवा भाव से समाज में पूरी निष्ठा से काम करने पर संविधान दिवस पर उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच ने उत्तराखंड में कोरना योद्धा के रुप में सम्मानित किया
2020 मे ही हिन्दू युवा वाहिनी के द्वारा श्रीगोविन्द वाधवा(अध्यक्ष) द्वारा भी सम्मानित किया गया।
2020 में उत्तराखंड फिल्म नाट्य संस्था तत्वाधान में माननीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक जी द्वारा उत्तराखंड में तीलू रौतैली पुरस्कार से सम्मानित किया गया।



