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लैंसडाउन में राजकीय बालिका इंटर कालेज को रंगाई-पुताई के लिए शोसल मिडिया से मांगनी पड़ रही भीख

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 

रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी कोटद्वार में

प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी दिनांक 31.10.2021 को अपने एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत जनपद गढ़वाल तहसील कोटद्वार क्षेत्रान्तर्गत पहंुचेंगे। जिला प्रशासन से प्राप्त सूचना के अनुसार माननीय मुख्यमंत्री दिनांक 31 अक्टूबर, 2021 को समय 14ः00 बजे (हेलीकॉप्टर द्वारा) गढ़वाल विश्वविद्यालय परिसर हैलीपैड चौरास टिहरी से प्रस्थान कर 14ः20 बजे बी.ई.एल. हैलीपैड कोटद्वार पहुंचेंगे। समय 14ः25 बजे बी.ई.एल. हैलीपैड कोटद्वार से (कार द्वारा) प्रस्थान कर 14ः35 बजे विजय गार्डन देवी मंदिर कोटद्वार पहुंचेगे। मा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समय 14ः35 बजे से 15ः35 बजे तक विजय गार्डन देवी मंदिर कोटद्वार में सैनिक सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। तत्पश्चात् समय 15ः35 बजे विजय गार्डन देवी मंदिर कोटद्वार से प्रस्थान कर 15ः45 बजे बी.ई.एल. हैलीपैड कोटद्वार पहुंचेंगे तथा 15ः50 बजे बी.ई.एल. हैलीपैड से देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगे।


लैंसडाउन में राजकीय बालिका इंटर कालेज को रंगाई-पुताई के लिए शोसल मिडिया से मांगनी पड़ रही भीख

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी, विधायक को डूब जाना चाहिए चुल्लू भर पानी में ।
 
वहीं विद्यालय में मोटी सैलेरी लेने वाले शिक्षिकाओं और प्रशासनिक कर्मचारियों को भी भीख का कटोरा लेकर शहर में घूमना चाहिए
 गढ़वाल के प्रसिद्ध हिल स्टेशन लैंसडाउन जो कि एक गढ़वाल राइफल्स का सेंटर भी है तथा गढ़वाल के सम्पन्न शहरों में गिना जाता है वही अपनी सांस्कृतिक, शैक्षणिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका में राज्य में पहचान बनाए हुए हैं। इसी लैंसडाउन शहर के वर्षों पुराने राजकीय बालिका इण्टर कालेज की दुर्दशा, बदहाली की तस्वीर शोसल मिडिया से मिली। बड़े ही दुःख के साथ लोकसंवाद टुडे को तीखे शब्दों में लिखना पड़ रहा है कि गढ़वाल के वीआईपी कल्चर के शहर में बालिका शिक्षा का बखान करने वाली सरकार में भारी कद्दावर जनप्रतिनिधियों के रहते विद्यालय की रंगाई पुताई के लिए शोसल मिडिया के जरिए भीख मांगनी पड़ रही है। कहां विद्यालय का अविभावक संघ…..? कहां है क्षेत्र के विधायक ….? कहां है कैंट बोर्ड के अध्यक्ष ….? कहां है क्षेत्र के ब्लाक प्रमुख ….? जिनके पास विद्यालय की रंगाई पुताई के लिए 25-40 हजार का बजट बालिका विद्यालय के लिए नहीं है। ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुल्लू भर पानी पानी में डूबे जाना चाहिए जो शिक्षा के मंदिर को नहीं संवार सकते। अयोध्या और मथुरा के मंदिरों में राम और कृष्ण के लिए तो इनके पास बजट है लेकिन बालिका शिक्षा मंदिर के लिए नहीं। वहीं शिक्षा के मंदिर में सेवाएं देने वाले शिक्षिकाओं और बाबूओं को भी  अपने पर शर्म आनी चाहिए जो हजारों की सैलरी विद्यालय के बच्चों को पढ़ाने और स्कूल व्यवस्था में लेते हैं, अगर कभी कभार दो-चार हजार का चंदा आपस में मिलकर जुटाकर पुताई रंगाई करवा लेते न कि शोसल मिडिया में भीख मांगकर! ऐसी ही अगर विद्यालय स्टाफ में गरीबी की हुई है तो स्टाफ को शहर में कटोरा लेकर घूमना चाहिए।



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