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स्वयं सहायता समूह संगठन को सीढियां बनाकर सफल उद्यमी बनती महिलाएं

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 स्वयं सहायता समूह संगठन को सीढियां बनाकर सफल उद्यमी बनती महिलाएं

 कोटद्वार/दुगड्डा। उत्तराखंड में महिलाओं के कंधों पर परिवार की देखभाल से लेकर कृषि कार्य, पशुपालन और समबंधियों के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ होता है।इन सब जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए कोई महिला अपने हुनर और मजबूत इरादों के साथ सफल उद्यमी के रूप में अपने को स्थापित करे तो निश्चित ही अनोखा और सीख देने वाला काम होगा।

 ऐसी ही बुलंद इरादों और संगठन व सरकारी मशीनरी के बीच तालमेल विठाकर अपने सहयोगी महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के लिए कार्य कर रही पौड़ी जिले के दुगड्डा ब्लाक की पूर्व प्रधान उमा देवी एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।उमा देवी ने एन आर एल एम और उत्तराखंड आजीविका मिशन के दिशा निर्देशन में स्वयं सहायता समूह का गठन कर अपना स्वरोजगार सिलाई,व फूड प्रोसेसिंग इकाई के साथ पहाड़ी उत्पादों के से शुरू किया। स्वयं और साथी महिलाओं के सहयोग से उनका प्रयास सफल होने लगा। उमा देवी और उनके समूह के के उत्पादों को आजीविका मिशन ने हिमांश नाम से बाजार में पहचान दिलाई।

  उमा देवी की मेहनत ने उन्हें दुगड्डा ब्लाक के कलस्टर की जिम्मेदारी सौंपी। उमा ने कलस्टर की जिम्मेदारी के साथ अब दुगड्डा में बिना सरकारी मदद के अपने समूह के धनराशि से लाखों रूपए लागत से दुगड्डा में बेकरी उद्योग की सफल शुरुआत की है। स्थानीय बाजार में समूह के बेकरी उत्पाद,रस,फैन,बन,क्रीम बन, पिज्जा बेस, सैंडविच, बिस्कुटों सहित कई बेकरी उत्पाद उतार दिए हैं। उमा देवी ने बताया कि उनके साथ वर्तमान में पांच लोग प्रत्यक्ष काम कर रहे व इतने ही लोग मार्केटिंग से जुड़े हैं। यही नहीं मार्केटिंग की जिम्मेदारी भी महिलाओं ने संभाली हुई जो बाजार और घरों तक समूह के उत्पादों को पहुचा रही हैं।काम की मांग को देखते हुए उन्होंने अतिरिक्त बडे़ आकार के मशीनों और ओवन का आर्डर किया है, जिससे आसपास के बाजार की मांग पूरी की जा सके।

  

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