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सनेह पट्टी के लोगों द्वारा गांवों के बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग 534 सर्वे का विरोध

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 सनेह पट्टी के लोगों द्वारा गांवों के बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग 534  सर्वे  का विरोध 

 कई एकड़ कृषि भूमि तबाह होगी ग्रामीण क्षेत्र से सड़क गुजरने पर
 चार सौ अधिक लोग बेघर हो जाएंगे आल वेदर रोड ग्रामीण क्षेत्र से गुजरने पर 

 हज़ारों अनुसूचित जाति के लोग सड़कों पर भुखमरी की कगार पर आ जाएगे सरकार के तुगलकी फरमान से 

 कोटद्वार । कोटद्वार से गुजरने वाली आलवेदर रोड को पूर्व सीमांकन को दरकिनार कर खेतीहर भूमि को उजाड़ते हुए कृषि भूमि और ग्रामीण आबादी से बाईपास सड़क बनाने का ग्रामीणों द्वारा भारी विरोध शुरू हो गया है। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा फोर लेन आल वेदर रोड जो कि पूर्व में बद्रीनाथ मार्ग होते हुए गुजरनी थी जिसके लिए जिला प्रशासन ने कौडिया से लेकर बेस हास्पीटल टाटा मोटर्स सर्विस स्टेशन तक कई हरेभरे पेड़ों को धरासाई किया था,वही कई भवनों को ध्वस्त करने पर मजबूर किया तो कई व्यापारियों की रोजी रोटी छीन ली परन्तु कुछ भूमाफियाओं और रसूखदारों के दबाव में सीमांकन में बदलाव कर उपजाऊ कृषि भूमि को कंक्रीट में बदलने का षड्यंत्र रचकर भोले भाले किसानों को उनकी ही भूमि से बेघर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सोमवार को सनेह पट्टी के ग्रामीणों ने इसी षड्यंत्र के खिलाफ गांवों के बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग 534 का सर्वे करने का विरोध किया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने सड़क सीमांकन में बदलाव से आक्रोशित होकर तहसील में जबरदस्त प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय राजमार्ग सीमांकन सर्वे के विरोध में सोमवार को सनेह पट्टी के लालपानी, नाथूपुर, बिशनपुर और रतनुपर आदि गांवों के ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष आशीष रावत के नेतृत्व में तहसील में एकत्रित हुए। जहां पार्षद अनिल रावत और सामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट आशीष रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कोटद्वार के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में ग्रामीणों ने आबादी के बीच से राजमार्ग का सर्वे करने के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि राजमार्ग के कारण सैकड़ों लोग आवास विहीन हो जाएंगे। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक, अनुसूचित जाति और अन्य लोगों के परिवार निवास करते हैं। यहां के ग्रामीण खेती कर ही अपना गुजारा करते हैं। वर्तमान में राजमार्ग के सर्वे के कारण ग्रामीणों की जीवनभर की पूंजी दांव पर लगी हुई है, साथ ही ग्रामीणों में असंतोष भी पनप रहा है, इसलिए राजमार्ग का अन्यत्र स्थान से चिन्हीकरण किया जाना चाहिए। चेतावनी दी कि इस संबंध में शीघ्र ही कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को उग्र करने पर बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में भजन सिंह, हरीश नेगी, धीरज सिंह नेगी, सुशील बलूनी, उमा देवी, ममता देवी, महिंद्र  सिंह, कुलदीप रावत, अर्जुन सिंह और सतेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। 

    72वीं जनपदीय शरदकालीन खेलों में दुगड्डा ब्लाक का दबदबा 

कोटद्वार। पौड़ी जिले की 72वीं शरदकालीन क्रीड़ा प्रतियोगिता कोटद्वार के राजकीय स्पोर्टस स्टेडियम में  प्रतियोगिता शुक्रवार से जारी है। प्रतियोगिता के चौथे दिन सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी दुगड्डा अयाजुद्दीन और स्थल संयोजक रवींद्र सिंह रावत के निर्देशन में विभिन्न प्रतियोगिताओं के फाइनल मैच खेले गये।फाइनल मैचों के अंतर्गत अंडर 17 खो-खो बालक वर्ग में दुगड्डा पहले और द्वारीखाल दूसरे स्थान पर रहा। इसी वर्ग की बालिका खो-खो में द्वारीखाल पहले और पोखड़ा दूसरे स्थान पर रहा। अंडर 19 खो-खो बालक वर्ग में दुगड्डा ने पहला और द्वारीखाल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसी वर्ग की बालिका खो-खो में पोखड़ा प्रथम और द्वारीखाल द्वितीय स्थान पर रहा। अंडर 19 बालिका वॉलीबाल में रिखणीखाल ने दुगड्डा को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। अंडर 17 बालक वॉलीबाल में रिखणीखाल ने पहला और नैनीडांडा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। अंडर 14 बालक फुटबाल में पौड़ी ने खिर्सू को 7-0 से हराया। प्रतियोगिताओं को संपन्न कराने में महिपाल लिंगवाल, संजय शर्मा, योगेंद्र पटवाल, इंद्र सिंह रावत, सुनील रावत, रोहित चौधरी, सिद्धार्थ कोटनाला और विनोद पंत आदि शारीरिक शिक्षकों ने सहयोग दिया।

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