कोटद्वार लालढांग चिल्लरखाल मोटर पचड़े पर पचडा़
एनजीटी सबसे बड़ी बाधक, सरकार का प्रयास पुरजोर- बीरेंद्र रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष
कोटद्वार। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से 23 वर्षों में राज्य की गढ़वाल कुमाऊँ को जोड़ने वाली सड़क अधर में लटकी पड़ी है। जब जब सरकार ने राज्य के हितों के लिए गढ़वाल कुमाऊँ को जोड़ने वाली लालढांग चिल्लरखाल कालागढ़ रामनगर सड़क बनवाने का प्रयास किया तब तब राजनीतिक दलों के मोहरों ने आस्तीन का सांप बनकर सड़क बनाने के प्रयासों को डस डाला।
वर्तमान में राज्य और केन्द्र में भाजपा की डबल इंजन सरकार है। राज्य की जनता को उम्मीद बनी है कि दोनों मंडलों को जोड़ने वाली सड़क बनेगी, लेकिन सरकार का आधा अधूरा प्रयास सड़क बनने में रोडा़ बन रहा है।
लालढांग चिल्लरखाल कालागढ़ रामनगर मोटरमार्ग बनाने के लिए वर्तमान सरकार के पौड़ी /कोटद्वार भाजपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र रावत से लोक संवाद टुडे के प्रधान संपादक पुष्कर सिंह पवार ने बात क तो उनका भी मानना है कि लालढांग चिल्लरखाल कालागढ़ रामनगर मोटर मार्ग गढ़वाल कुमाऊँ को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है और इसका बनना भी जरूरी है लेकिन एनजीटी द्वारा बार बार अड़चन लगाने के कारण सड़क बनने में बाधा बन जा रही है। पूर्व भाजपा विधायक और वर्तमान भाजपा विधायक द्वारा इसके लिए हरसंभव प्रयास भी किए जा रहे हैं। वर्तमान विधायक रितु भूषण खंडूरी द्वारा वन विभाग के समस्त उच्चाधिकारियों से इस संबंध में गंभीरता से समाधान निकालने के लिए बैठकों का दौर भी चलाया हुआ है। भाजपा जिलाध्यक्ष का मानना है कि इस कार्यकाल में सड़क अवश्य बना ली जाएगी यह भाजपा के घोषणा पत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।