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6869 नामांकन पत्रों में से जांच के बाद 313 नामांकन पत्र निरस्त

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

6869 नामांकन पत्रों में से जांच के बाद 313 नामांकन पत्र निरस्त

पंचायत चुनाव में 9762 पदों पर 6554 पर दावेदार 

पौड़ी। पौड़ी गढ़वाल जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2025 के लिए नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के लिये कुल 6869 नामांकन पत्र जमा हुए, नामांकन पत्रों की जांच के उपरांत 313 नामांकन पत्र निरस्त किये गये जाने के बाद अब 6554 दावेदार अपना भाग्य आजमाएंगे ।

गौरतलब है कि पंचायत चुनाव के तहत ग्राम पंचायत सदस्य के 8188 पदों के लिए 2468 नामांकन हुए थे, जिसमें नामांकन पत्रों की जांच के उपरांत 245 नामांकन पत्र निरस्त किये गये और 2223 नामांकन पत्र वैध पाये गये। वहीं ग्राम प्रधान के 1166 पदों के लिए 2894 नामांकन हुए थे, जिसमें 41 नामांकन पत्र निरस्त किये गये, जबकि 2851 नामांकन वैध पाये गये। वहीं क्षेत्र पंचायत के 370 पदों के लिये 1326 नामांकन हुए, जिसमें 22 नामांकन पत्र निरस्त हुए और 1304 नामांकन पत्र वैध पाए गये। जबकि जिला पंचायत सदस्य के 38 पदों के लिये 181 नामांकन हुए, जांच के बाद 05 नामांकन पत्र निरस्त किए और 176 नामांकन पत्र वैध पाये गये।

सभी पीठासीन एवं मतदान अधिकारियों को 10 से 18 जुलाई तक प्रशिक्षण दिया जाएगा

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने को लेकर जिला मुख्यालय पौड़ी में गुरुवार को पीठासीन अधिकारियों को द्वितीय प्रशिक्षण दिया गया। संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। प्रशिक्षण में 880 पीठासीन व मतदान अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदान केंद्रों पर किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट की सहायता ली जा सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी आपदा या सड़क मार्ग बंद होने की स्थिति में प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने पीठासीन अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया शुरू व समाप्ति के बाद मतपेटिका को सुरक्षित रूप से जमा करवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी मतदान टीमों के साथ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी है, ताकि किसी भी परिस्थिति में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

प्रशिक्षण में नोडल अधिकारी प्रशिक्षण दीपक रावत ने पीठासीन अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि मतदान की पारदर्शिता एवं गोपनीयता बनाए रखना अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी पीठासीन अधिकारी को पेपर सील की जानकारी संबंधित लेखा डायरी में दर्ज करनी चाहिए। साथ ही यदि कोई मतदान अभिकर्ता पेपर सील की संख्या नोट करना चाहता है, तो उसे ऐसा करने से न रोका जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मतदान के लिये मतपेटी तैयार होने के बाद, पीठासीन अधिकारी को उपस्थित अभिकर्ताओं या उम्मीदवारों को निर्वाचक नामावली दिखाएं और उन्हें मतदान की गोपनीयता बनाये रखने की जानकारी दें।

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