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August 5, 2026
2022 विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के लिए 30 लाख 80 हजार का मानक चुनाव आयोग ने किया निश्चित
निजी संपत्ति पर चुनाव सामाग्री लगानी हेतु सम्बंधित मालिक से सहमति लेना जरूरी
राज्य सरकार द्वारा 2022 विधानसभा चुनावों के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्चे की धनराशि निर्धारित करने का निर्णय ले लिया। आगामी विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सफलतापूर्वक संचालन हेतु जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार पौड़ी में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चुनाव सामाग्री दर के संबंध चर्चा बैठक आयोजित की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा प्रति उम्मीदवार हेतु 30 लाख 80 हजार तक की धनराशि व्यय करने का प्रावधान किया गया है, इससे ज्यादा प्रत्याशी खर्च नही कर सकता है। आदर्श आचार सहिंता लागू होने के बाद कोई भी राजनैतिक दल सरकार सम्पतियों पर चुनाव संबंधी सामाग्री नही लगा सकता है। साथ ही उन्होंने सम्बंधित नोडल अधिकारी को निर्देशित किया कि चुनाव सामाग्री रेट लिस्ट, प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक/सोशल मीडिया (डीएवीपी/डीआईपीआर) की दरों सूची एनआईसी बेबसाइट में अपलोड करना सुनिश्चित करें, जिससे राजनीतिक दलों के प्रत्याशी या प्रतिनिधि बेबसाइड से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से झंडे, टोपी, वाहन का प्रतिदिन व्यय, लाउड स्पीकर, होर्डिंग, पोस्टर, वीडियोग्राफी, मतपत्र नमूना, समाचार पत्र/इलोक्ट्रॉनिक मीडिया, भोजन आदि 45 चुनाव प्रचार-प्रसार सामाग्रियों पर चर्चा कर दरें निर्धारित कर स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन तिथि घोषित होने के बाद प्रचार-प्रसार पर व्यय की जाने वाली धनराशि प्रत्याशी के खर्चे में जुड़ना शुरू हो जायेगी, जिसकी निगरानी फ्लाइंग स्कॉट टीम द्वारा किया जाएगा, उन्होंने कहा कि समस्त राजनैतिक दलों के प्रत्याशी/प्रतिनिधि आचार सहिंता लागू होने के बाद सरकारी संपत्ति पर पोस्टर, होर्डिंग, पार्टी का चिन्ह, झंडे सहित अन्य चुनाव प्रचार सामाग्री नहीं लगा सकते हैं। उन्होंने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को कहा कि निजी संपत्ति पर चुनाव सामाग्री लगानी हेतु सम्बंधित मालिक से सहमति लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली का आलेख 21 नवम्बर, 2021 को प्रकाशित किया जा चुका है, जिसकी एक-एक प्रति पंजीकृत दलों को निःशुल्क उपलब्ध करा दी गई है, अन्य दल भी इसकी प्रति जिला निर्वाचन कार्यालय पौड़ी से ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली का अन्तिम प्रकाशन 05 जनवरी, 2022 को किया जायेगा, उसकी प्रति भी संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा उपलब्ध करा दी जायेगी। इस वोटर स्लिप में बूथ का नाम, गांव की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कम्प्यूटर, प्रिंटर, लैबटॉप तथा बड़ी माला की दर निर्धारित करते हुए सूची संबंधित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के साथ ही वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश संबंधित नोडल अधिकारी को दिये। साथ ही नोडल अधिकारी राजनैतिक पार्टी को निर्देशित किया कि सुविधा पोर्टल की जानकारी हेतु सार्वजनिक स्थलों में पोस्टर लगाना सुनिश्चित करें। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के संशयों का समाधान भी किया गया।
इस अवसर पर उप निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, मुख्य कोषाधिकारी लखेंद्र गौंथियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के एस कोहली, नेहरू युवा केन्द्र अधिकारी शैलेश भट्ट, कांग्रेस से वीरेंद्र रावत, सतीश चंद, संजय नेगी, भजपा से राजेन्द्र रावत, राजेन्द्र राणा, उत्तराखंड क्रांति दल से सुधीर रावत, अर्जुन नेगी, बसपा से महंगी राम, सहित अन्य उपस्थित रहे।
आरोग्य संवाद में छलका लाभार्थियों का दर्द, मदद के लिए जताया आभार
देहरादूनः राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की पहल पर श्रीनगर में आयोजित आरोग्य संवाद कार्यक्रम से जो निकल कर आया उससे यह शीशे की तरह साफ हुआ है कि अस्वस्थता के दिनों में आयुष्मान किसी वरदान से कम नहीं है। और जिसने अभी तक कार्ड नहीं बनाया वह अपेक्षाकृत कम समझदार है। छल छलाई आंखों से विभिन्न क्षेत्रों से आए लाभार्थियों ने अपने खराब दिनों के अनुभव साझा किए, और साथ ही योजना के महत्व पर रोशनी डाली। यहां बुरे दिनों के संघर्ष की भी तस्वीर खिंची तो बीमारी पर विजय का उल्लास भी साफ दिखा। यहां जानकारों ने योजना के क्रियान्वयन में आ रही व्यवहारिक दिक्क्तों और उनके समाधान के सुझाव रखे।
रूद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी जनपद निवासी सुमित्रा देवी, पिंकी देवी, रेखा देवी, कमला देवी, गुलाबी देवी, भागीरथी देवी, गुंदर सिंह, शिव सिंह, राजेंद्र गैरोला समेत आरोग्य संवाद मेें पहुंचे तमाम लाभार्थियों ने जो बात कही उससे कुल जमा लब्बोलुआब तो यही निकलता है कि आयुष्मान योजना जन जीवन की रक्षा के लिए बेहद अहम है।
स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत के मार्गदर्षन में आयोजित आरोग्य संवाद कार्यक्रम में प्रदेश मेें सबसे पहले आयुष्मान कार्ड बनाने वाली रूद्रप्रयाग निवासी तारादेवी ने जब अपने अनुभव साझा किए तो उन्होंने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। तारादेवी कहती हैं कि आयुष्मान योजना के तहत उन्हें सबसे पहले कार्ड बनाने का गौरव हासिल है। वह बताती हैं कि मेरे पति को दिल का दौरा पड़ा, तो कार्ड की अहमियत ठीक से समझ में आई। बीमारी में पूरा इलाज मुफ्त मंे हुआ, और आज उसके पति पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
कई लाभार्थियों ने छल छलाई आंखों से आयुष्मान की मदद को किसी उपकार से कम नहीं बताया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण से लेकर अस्पताल तक की व्यवस्थाओं का आभार जताते हुए उस सोच को भी सलाम किया जिसने इस जीवन दायनी आयुश्मान योजना का खाका सबसे पहले तैयार किया होगा। जन कल्याण की इस योजना को रफ्तार देने के लिए लाभार्थियों के साथ ही पूरे सिस्टम ने स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत की कार्य प्रणाली को सराहा और उनका आभार जताया।
स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया के साथियों से सुझाव लिए। और व्यवहारिक दिक्कतों को मौके पर ही निस्तारित किया। साथ ही योजना के संचालन में सहयोगी सूचीबद्ध अस्पतालों के साथ ही यहां मौजूद जनप्रतिनिधियों के सुूझावों पर भी संज्ञान लिया। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चैयरमैन डीके कोटिया व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूणेंद्र चौहान ने योजना की प्रगति को सामने रखा।
कार्यक्रम के दौरान लगे आयुष्मान कार्ड बनाने के शिविर में भी आम जन की जुटी भीड़ भी इस बात को पुख्ता करती दिखी कि आयुष्मान को लेकर लोगों में जागरूकता का तेजी से फैलाव हुआ है। जो केंद्र व राज्य सरकार के साथ ही योजना की बेहतरी के लिए भी अत्यंत सुखद है।