2020 में खनन माफियाओं द्वारा पत्रकारों पर हमले का जिन्न बाहर
रिपोर्ट – पुष्कर सिंह पवार
खनन माफियाओं और खनन में लिप्त प्रशासन में हड़कंप
कोटद्वार के बहु चर्चित अवैध खनन माफियाओं द्वारा पत्रकारों पर किए गए हमले के मामले में शुरू हुई गवाही
मामला वर्ष 2020 का बहुचर्चित पत्रकारों पर खनन की लाइव रिपोर्टिंग के दौरान हमले का है जब सुखरो और खो नदी में अवैध खनन को लेकर उच्च अधिकारियों को बार बार अवगत कराये जाने के बाद भी नहीं रुका तब पत्रकारों ने दिन दहाड़े हो रहे अवैध खनन की लाइव रिपोर्टिंग शुरू की थी तो अवैध खनन माफियाओं को नागवार लगा। पत्रकारों द्वारा जिला प्रशासन सहित पुलिस और कोटद्वार प्रशासन को जगाने के लिए लाइव रिपोर्टिंग करते हुए ही तत्कालीन थानेदार मनोज रतूड़ी , एएसपी, एसपी, जिलाधिकारी को अवैध खनन के बारे में अवगत कराया गया। जिस कारण अवैध खनन माफियाओं ने उस वक्त जब राजीव गौड़ सुखरो नदी में अवैध खनन की लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे, उन पर गोलीबारी की और हमला कर घायल कर दिया था और साथ ही राजीव गौड़ का अपहरण कर अपने साथ उठा कर ले गए थे। डीजीपी अशोक कुमार द्वारा इस घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया गया। पुलिस के दबाव में खनन माफियाओं द्वारा राजीव गौड़ को थाने के पास लेजाकर छोड़ दिया गया था।
उक्त घटना के बाद खुलासा हुआ कि प्रशासन की शह पर अवैध खनन हो रहा था। और बाद में खो और सुखरो नदी में अवैध खनन के भारी-भरकम गड्ढों में छोटे बच्चों की मौत भी हो गईं थी। बाद में अवैध खनन की वजह से सुखरो नदी में पुल का एक पिलर धंस गया, खो नदी में पुल का अटैचमेंट बह गया और मालन नदी में पुल अभी तक टूटा हुआ है।
एडवोकेट राजीव गौड़ ने बताया कि यह कोटद्वार को खनन माफियाओं से बचाने की लड़ाई है, जो बिना जनता की भागीदारी के संभव नहीं है।
उक्त मामले में गुरुवार को कोटद्वार न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) के यहां राजीव गौड़ की गवाही हुई।
