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हरीश नेगी बने कुम्भीचौड साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 सुबोध देवरानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित। हरीश नेगी बने कुम्भीचौड साधन सहकारी समिति में अध्यक्ष

कोटद्वार। कुंभीचौड़ स्थित बहुउद्देशीय सहकारी समिति के सर्वसम्मति से हरीश कुमार नेगी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले तहसीलदार की मोजूदगी में निर्वतमान अध्यक्ष सुबोध देवरानी के खिलाफ पारित अविश्वास प्रस्ताव की पुष्टि की गयी।गौरतलब है कि कुंभीचौड बहुउद्देशी सहकारी समिति के संचालक मंडल ने निर्वतमान अध्यक्ष सुबोध देवरानी के खिलाफ विगत 3 दिसम्बर 2020 को अविश्वास प्रस्ताव पारित कर जिलाधिकारी को भेज दिया गया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी ने उत्तरांचल सहकारी समिति अधिनियम 2004 में निहित नियमों में किये प्राविधानों के अनुरूप कार्यवाही करते हुए तहसीलदार विकास अवस्थी को अविश्वास प्रस्ताव की पुष्टि एवं अध्यक्ष पद पर चुनाव करवाने के लिए कुंभीचौड़ बहुउद्देशीय सहकारी समिति में भेजा। शुक्रवार को तहसीलदार की मौजूद्गी में सहकारी समिति के संचालक मंडल ने सुबोध देवरानी के खिलाफ पूर्व में पारित किये गये प्रस्ताव की पुष्टि की गयी, तथा सर्वसम्मति से आगामी कार्यकाल के हरीश कुमार नेगी को समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया। जिसका कि संचालक मंडल ने अनुमोदन किया गया। इस मौके पर अपर जिला सहकारी अधिकारी डीडी गौड, सहायक विकास अधिकारी राजकुमार सहित संचालक मंडल के दयाल सिंह अधिकारी, जगमोहन सिंह रावत, चन्द्रेश लखेड़ा, नरेन्द्र सिंह, श्रीमती विमला देवी, मोहन सिंह, दीनदयाल, पुष्पेन्द्र कुमार मौजूद थे।

कृषि विभाग ने  किसानों को दी विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी

कोटद्वार। वार्ड नंबर 37 पश्चिमी झंडीचौड़ के पार्षद सुखपाल शाह की अध्यक्षता में किसानों की एक बैठक आहुत की गयी। जिसमें वार्ड नंबर 37 में 30 प्रगतिशील कृषकों को कृषि विभाग के दुगड्डा प्रभारी योगेश रूहाली ने भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी देने हेतु किया।

इस दौरान कृषकों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन में मृदा का महत्व, नमूना लेने हेतु जीपीएस संचालन विधि, प्रतिनिधि मृदा नमूना हेतु ग्रिड चयन करना, मृदा सुधार का प्रयोग, मृदा नमूना लेना एवं रखना, प्रयोगशाला में भेजने की विधि तथा सावधानियां, मृदा स्वास्थ्य कार्ड में वर्णित पोषक तत्वों की पूर्ति करना, जैविक खाद एवं जैव उर्वरक का प्रयोग आदि विभिन्न जानकारी किसानों को दी गई। इस अवसर पर पार्षद सुखपाल शाह ने कहा कि भारत सरकार किसानों कि आय 2022 में दुगनी करने का प्रयास कर रही है जो अच्छा प्रयास है मगर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई गूल नहीं है, जो गूले है वह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं जिससे किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी होती है जंगल से सटे होने के कारण जंगली जानवर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं इसमें भी उत्तराखंड सरकार किसानों के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। इस मौके पर पार्षद सुखपाल शाह, किसान नेता परशुराम, पूर्व प्रधान पुष्पा शाह, कृषि विभाग न्याय पंचायत प्रभारी सूरजपाल रावत, बीटीएम ब्लॉक शशी मोहन बिंजोला, हरि सिंह रावत, बलबीर सिंह रुमेला धीरजलाल, सुरेंद्र सिंह पंवार, सुरेश चंद, दयाल सिंह, कल्याण सिंह, रामप्रसाद शीशपाल सिंह, महेंद्र सिंह राजेंद्र सिंह चौहान, लव किशोर चंद्रमोहन आदि मौजूद रहे।

कुम्भ क्षेत्र में एसडीएम मेहरा की तैनाती पर मोर्चा द्वारा एतराज

कोटद्वार। उत्तराखंड आन्दोलनकारी राष्ट्रीय मोर्चा द्वारा कोटद्वार उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा की तैनाती कुम्भ क्षेत्र मे न लगाने तथा कोटद्वार तहसील में तहसीलदार की तैनाती को स्थाई करने की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे गये ज्ञापन में मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय ध्यानी ने कहा कि शासन द्वारा पौड़ी जिले की सबसे संवेदनशील तहसील के स्थाई उपजिलाधिकारी की तैनाती लगभग 4 माह के लिए कुम्भक्षेत्र हरिद्वार में कर दी गयी है, तथा पिछले 2 वर्षों से कोटद्वार तहसील में तहसीलदार की तैनाती नही की गयी है। ऐसे में उपजिलाधिकारी की तैनाती कुम्भक्षेत्र में किये जाने तथा तहसीलदार की तैनाती भी तहसील कोटद्वार में होने से क्षेत्र एवं तहसील के अतिसंवेदन सील मुद्दो का निस्तारण किस प्रकार से होगा। ऐसे में तो कोटद्वार तहसील बिना प्रशासन की बन गई है। उनहोंने सुझाव देते हुए कहा कि प्रशासन को यदि पीसीएस अधिकारी की तैनाती कुम्भ क्षेत्र में करनी थी तो छोटी तहसीलों के पीसीएस अधिकारी जैसे धुमाकोट, लैन्सडौन, यमकेश्वर से कर सकते थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस ओर उचित कार्यवाही करते हुए शीघ्र उपजिलाधिकारी की तैनाती को कुम्भ क्षेत्र से निरस्त करने की मांग की है।

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