रिपोर्टर: Author
August 5, 2026
सौतेली माँ का चार बच्चों पर कहर, गर्म चाकू से दागकर देती थी सजा
बच्चों की शिकायत पर पुलिस कर्मियों की भी रूह कांपी
पति को वीडियो कालिंग कर दिखाती थी बच्चों की सजा
माँ शब्द जहन में आते ही एक ऐसा चेहरा सामने आता जो अपने बच्चों के लिए रात रात भर जगकर गीले में सोकर रातें विता देती हो, बच्चे को बचाने के शेर से भिड़ जाती हो,बच्चों को खाना खिलाकर भूखे सो जाती हो. उत्तर प्रदेश में एक मां की ममता को शर्मसार कर देने वाला हैवानियत भरा मामला सामने आया है. सौतेली मां से परेशान चार बच्चों ने थाने पहुंचकर अपनी जान बचा लेने की गुहार लगाई है. बच्चों के मामा ने भी थाने में शिकायत की है. इस मामले में गांव के लोगों ने बच्चों का साथ दिया है. मामला सिकरीगंज थाना क्षेत्र के खुई बाजार का है. यहां की 15 साल की सिमरन अपनी सौतेली मां के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने में पहुंच गई. वहां उसने अपने साथ दो छोटी बहन और एक छोटा भाई का जान बचाने की गुहार लगाई. शिकायत में सिमरन ने बताई कि उसकी सौतेली मां उसको खाना बनाने के लिए कहती है. दिन भर काम कराती है. हम तीन बहनों और एक भाई को घर में कैद करके रखती है.
हमको घर से बाहर नहीं जाने देती है. कई बार मारती पीटती है. अब तो चाकू गर्म कर शरीर दाग देती है. वह जान से मार डालने की फिराक में है. हमारे बहनों और भाई की बचाने की जिम्मेदारी अब्बू की है. मगर, वो रोकने के बदले और मारने को कहते हैं. अब्बू शराबी हैं, इसलिए कुछ महीने पहले हमारी सगी मां उनकी प्रताड़ना से तंग आकर घर छोड़कर चली गई हैं.
पीड़िता ने बताया कि घर से नहाने का बहाना करके भागकर थाना पहुंची हूं. मुझे अब उस घर में नहीं जाना है. मुझे अपने मामा-मामी के साथ रहना है. वहीं, मामा फिरोज शेख ने बताया कि बच्चों की सगी मां का पति की प्रताड़ना से मानसिक संतुलन बिगड़ गया है. बच्चों की सौतेली मां से पिता कहता है कि पिटाई करते समय मुझे भी वीडियो कॉल करके दिखाया करो.
मामले में सिकरीगंज के थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया, “बच्चों और उसके मामा के तरफ से लिखित शिकायत मिली है. लड़की अपने मामा के साथ आई थी. मैंने मामला दर्जकर सौतेली मां को धारा 151 के तहत शांति भंग करने में हिरासत में ले लिया गया है.बच्ची का मेडिकल कराया जा रहा है. साथ ही बच्चों को उनके मामा के पास सुपुर्द कर दिया गया है.
भारतीय स्टेट बैंक को ग्राहक के खाते से विना जानकारी रुपये काटना पडा़ मंहगा
लोक अदालत ने लगाया ₹ 10,000 का जुर्माना
हल्द्वानी: राष्ट्रीयकृत बैंकों को आम ग्राहकों से मनमानी तब मंहगा पड़ गया जब जब बैक के आम ग्राहक द्वारा बैंक की मनमानी की शिकायत लोक अदालत में दायर की. मामला उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के एसबीआई को ग्राहक के खाते से 118 रुपए काटना महंगा पड़ गया। स्थायी लोक अदालत नैनीताल के प्रभारी अध्यक्ष दर्शन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया गया कि नैनीताल में भारतीय स्टैट बैंक के विरूद्व वाद दायर हुआ। वादी द्वारा अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर कहा कि उसके बचत खाते से बैंक द्वारा 118/-रूपये की गलत तरीके से कटौती की गई थी। वादी के निरन्तर अनुरोध करने के बावजूद भी विपक्षी भारतीय स्टैट बैंक द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। स्थायी लोक अदालत में मामला सुनवाई के लिए रखा गया था।
सुनवाई के दौरान उभयपक्षों के मध्य दौराने बहस करते हुए, विपक्षी बैंक की ओर सुलह-समझौता का प्रयास असफल रहा। स्थायी लोक अदालत, नैनीताल द्वारा गुण-दोष के आधार पर निर्णय पारित किया कि वादी के खाते से गलत तरीके से बैंक द्वारा काटे गये रूपये मय ब्याज वादी को लौटाने तथा मानसिक, शारीरिक प्रताड़ना व वाद व्यय के रूप में रूपये दस हजार का अनुतोष प्राप्त करने का अधिकारी पाया गया।
विपक्षी बैंक यह धनराशि वादी को दो माह के भीतर अदा करेगा। इस तरह दोनों पक्षों के मध्य स्थायी लोक अदालत, नैनीताल में इस मामले में महत्वपूर्ण बात यह रही की मामले का निस्तारण कम से कम समय के भीतर हो गया। स्थायी लोक अदालत में लोग जन उपयोगी सेवाएं से सम्बन्धित अपनी जन उपयोगी शिकायत जैसे बीमा सेवा, दूरसंचार, विद्युत, अस्पताल सेवा, जल सेवा, लोक सफाई, भू-सम्पदा, परिवहन सेवा, वित्तीय व बैंकिंग आदि जन उपयोगी सेवाओं से सम्बंधित मामले स्थायी लोक अदालत नैनीताल में पेश कर सकते हैं। लोग अपनी जनउपयोगी सेवाओं की शिकायतों का निवारण जल्दी करा सकते हैं.