सैन्य सम्मान के साथ शहीद हरेंद्र को अंतिम विदाई
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकवादियों से संघर्ष में हुए शहीद
लैंसडौन। जम्मू कश्मीर के पुंछ में आंतकियो के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए नायक हरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार मंगलवार को रिखणीखाल के पीपल सारी गांव में उनके पैतृक घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। हरेंद्र सिंह के सात वर्षीय पुत्र ने चिता को मुखाग्नि दी। हरेंद्र की शहादत की खबर से पूरे गांव में गमगीन माहौल रहा। मंगलवार की सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रिखणीखाल से उनका पार्थिव शरीर उनके गांव पीपलसारी पहुंचाया गया। शहीद हरेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा देख उनके परिवारजनों में उनके पिता छवान सिंह रावत, माता सरोजनी देवी,पत्नी लता देवी और 11 वर्षीय पुत्री आकांक्षी फुट फुट कर रोने लगी। वहीं शहीद की अंतिम यात्रा में ग्रामवासियों सहित आस-पास के क्षेत्रों का हुजूम उमड़ पड़ा। क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद हरेंद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोमवार शाम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल , लैंसडौन विधायक महंत दलीप सिंह रावत सहित जनप्रतिनिधियों ने शहीद को पुष्प चक्र अर्पित किए। परिवारजनों को ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि देश के रक्षा के लिए शहीद की शहादत और बलिदान को याद रखा जाएगा। हमे अपने देश के शहीदों पर गर्व है। रविवार को शहीद का पार्थिव शरीर जौलीग्रांट हवाई अड्डे से सेना के विशेष विमान से लैंसडौन लाया गया था। सोमवार सुबह से अत्यधिक वर्षा के कारण शहीद का पार्थिव शरीर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिखणीखाल में रखा गया था। पीपलसारी गांव का रास्ता खराब होने और अत्यधिक वर्षा के कारण मंगलवार को शहीद हरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इस मौके पर एडीएम इला, उपजिलाधिकारी स्मृति परमार, गढ़वाल राइफल के कर्नल विवेक मिश्रा, नायाब तहसीलदार हरीश जोशी, राजस्व उप निरीक्षक ज्योति मंजेरा, थाना अध्यक्ष, राजस्व निरीक्षक , रघुवीर विष्ट,पूर्व प्रमुख पिंकी नेगी, प्रधान अनुज आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
बारिश ! बारिश ! आफ़त की बारिश।
उत्तर से दक्षिण तक बारिश का कहर ।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और केरल में भारी बारिश के चलते बाढ़, भूस्खलन,बादल फटने से तबाही ही तबाही,
किसानों की फसलों को पहुंचा भारी नुक़सान, यूपी के मुख्यमंत्री योगी की किसानों के लिए राहत की घोषणा, जिन किसानों की फसल बारिश से तबाही हुई उन्हें 2 लाख का मिलेगा मुआवजा।
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में अब तक बारिश के कहर से 35 लोग काल के गाल में।
नैनीताल जिले के रामगढ़ और मुक्तेश्वर में बादल फटने से मची तबाही, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने किया हवाई सर्वेक्षण
गढ़वाल मंडल में भी बारिश ने बरपाया कहर, चमोली, रूद्रप्रयाग में कई जगह भूस्खलन।
उत्तराखंड में बारिश से 150 से ज्यादा सड़कें हुई बंद। एनडीआरएफ, सेना और पुलिस के जवान राहत और रेस्क्यू में दिन रात जुटे।