चार दिवसीय विज्ञान प्रचारक
कार्यशाला का हुआ समापन
कोटद्वार। रविवार को चार दिवसीय विज्ञान प्रचारक कार्यशाला का हो गया। विज्ञान एंव प्रौधोगिकी विज्ञान नई दिल्ली के सौजन्य से व समाज सेवा शिक्षा समिति कोटद्वारा द्वारा स्थान जी0 आई0 सी0, कोटद्वारा में चल रही चार दिवसीय विज्ञान प्रचारक कार्यशाला का समापन मुख्य अतिथि महाप्रबन्धक जिला सहकारी बैंक श्री सत्यपाल सिंह नेगी जी ,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दुग्गडा श्री दीपक बडोला संरक्षक श्री पूर्णानन्द गोस्वामी जी श्री महेन्द्र राणा द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा बताया गया की इस प्रकार के आयोजन समाजहित में अति आवश्यक हैंं, आज के समाज में बहुत बडा वर्ग अपनी असफलताओं को सफलता में बदलने के लिये अंधविश्वास का सहारा ले रहा है जहाँ उसे बहुत बडे आर्थिक मानसिक व कभी कभी शारिरिक नुकसान भी उठाना पडता है। ये कार्यशाला समाजहित में मील का पत्थर साबित होगाा। प्रतिभागियों में श्री महेन्द्र राणा व श्री रूपेश कुकरेती ने बताया की आज अंधविश्वास ज्ञान पर हावी हो रहा है जरूरत है सचेत व सतर्क रहने की। कार्यशाला के अन्तिम दिवस पर निम्न चमत्कारो का प्रर्दशन किया ,रासायनिक अभिक्रिया पर आधारित- बिना माचिस के अपनी प्रज्जवलन, चूने से हाथ लाल होना, गोमूत्र का रंग बदलना, नारियाल से भूत जलाना, माचिस तीली का चुम्बक को पकडना, पीलिया कान से निकालना, पीलिया हाथ से निकालना, नीबू से खून निकालना, जल से हीरा लाल।योग शक्ति पर आधारित- अंगद की तरह पैर जमाना कई लोगो द्वारा लगाये बल को सहन करना, शरीर को कठोर बनाना, ऊगलियों पर आदमी उठाना। शरीर के त्वचा से वजन उठाना, गाल में सूई पार करना। इस कार्यशाला में दुग्ड्रडा ब्लाक के 70 शिक्षक गण मोजूद रहे। उपस्थित मुख्य अतिथियो द्वारा प्रतिभागियो को प्रमाणपत्र वितरित किये गये। कार्यक्रम में रवि कुकशाल सुमित गौड, पवन शुभम नेगी मोजूद रहें ।
सांस्कृतिक विरासत के सरंक्षण एवं विकास को लेकर लिए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
कोटद्वार। यूनिवर्सल सांस्कृतिक शोध नाट्य एकेडमी के तत्वावधान में मालवीय उद्यान में सांस्कृतिक विरासत के सरंक्षण एवं विकास को लेकर लिए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।रविवार को मालवीय उद्यान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी, महापौर श्रीमती हेमलता नेगी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। बतौर मुख्य अतिथि पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान विभिन्न संगठनों के द्वारा हिमालय की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं विकास के पौराणिक एवं पारम्परिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, कहा कि हिमालय की सांस्कृतिक विरासत में इतनी ज्यादा मधुरता एवं मिठास की सुगंध भरी हुई है, जिससे सुनने के लिए देश विदेश में रह रहे उत्तराखंड के लोग आतुर रहते है, उन्होंने यूनिवर्सल सांस्कृतिक शोध नाट्य एकेडमी के द्वारा किये जा रहे प्रयासों की भी सराहना करते हुए कहा कि नाट्य एकेडमी के द्वारा उभरते हुए नवोदित कलाकारों को मंच उपलब्ध करवाकर लोक संस्कृति को बढावा देने का काम कर रही है। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर भी जागरूक रहने की सलाह दी है। इस मौके पर संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ठ अतिथियों को पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में चौफला, थडिया, पौराणिक लोक गाथा पर आधारित नंदा देवी राजजात यात्रा की प्रस्तुति दी गयी। इस मौके पर देव भूमि के अध्यक्ष खुशहाल सिंह बिष्ट, आंनद सिंह नेगी, हुकुम सिंह नेगी, संस्था की संस्थापक नीलम नेगी, जिलाध्यक्ष डा़ चन्द्रमोहन खर्कवाल, महानगर अध्यक्ष संजय मित्तल, मनवर सिंह आर्य सहित कई लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के निर्देशक राकेन्द्र रौथाण ने किया।



