शुक्रवार को प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान
शुक्रवार को प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर और शेष जिलों के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश, बर्फबारी हो सकती है। राज्य के मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। बर्फबारी होने की संभावना 2500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर है।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक, 18, 19 व 20 को प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह के समय पाला पड़ने की संभावना है। वहीं दून में शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों में गर्जन वाले बादल विकसित होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 20 व न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। गुरुवार को दून का अधिकतम तापमान 21.5 रहा, जो सामान्य था जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 4.6 डिग्री रहा। जो दून में पिछले आठ साल में दिसम्बर का सबसे कम तापमान भी रहा।
कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) क्षेत्रीय भाषाओं में हो सकती है आयोजित
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में सूचित किया कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया ( बीसीआई) देश में कानूनी शिक्षा के लिए नियामक संस्था है और कानूनी शिक्षा के लिए इसके नियमों में यह “स्पष्ट रूप से” परिकल्पना की गई थी कि शिक्षा का माध्यम विश्वविद्यालयों की सुविधा के अनुसार अन्य क्षेत्रीय भाषाएं भी हो सकती हैं।”
यह जवाब एक प्रश्न के जवाब में था जिसमें क्षेत्रीय भाषाओं में एलएलबी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के सरकार के प्रस्ताव के बारे में जानकारी देने की मांग की गई थी। प्रश्न में पूछा गया था कि अंग्रेजी भाषा में प्रवेश परीक्षा आयोजित होने के कारण भाषाई भेदभाव पैदा करके छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने के मौलिक अधिकार से वंचित किया जाता है।उत्तर में यह माना गया कि अंग्रेजी भाषा के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) आयोजित करने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में मंत्री ने सदन को सूचित किया कि “कानूनी शिक्षा के लिए नियामक संस्था होने के नाते बार काउंसिल ऑफ इंडिया निश्चित रूप से इस पहलू पर विचार करेगी और इस संबंध में विश्वविद्यालयों को एक एडवाइज़री जारी करेगी।”
इसी तरह अन्य विश्वविद्यालयों के लिए उत्तर में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर क्षेत्र के स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए कहेगा।
2020 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने क्षेत्रीय भाषाओं में CLAT परीक्षा आयोजित करने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया था। बीसीआई ने अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में नेशनल लॉ स्कूलों में प्रवेश के लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट आयोजित करने की व्यवहार्यता पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया था। यह कदम तब आया जब दिल्ली हाईकोर्ट ने वैधानिक निकाय को क्षेत्रीय भाषाओं में क्लैट आयोजित करने के लिए याचिकाकर्ताओं द्वारा की गई मांग पर विचार करने का निर्देश दिया।
नवजात शिशुओं को आधार कार्ड देने की तैयारी
बर्थ रजिस्ट्रार के साथ टाईअप का है विचार
आधार कार्ड बनाने वाली अथॉरिटी UIDAI जल्द ही अस्पतालों में नवजात शिशुओं को आधार कार्ड देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए अस्पतालों में जल्द ही एनरोलमेंट शुरू किए जाएंगे। सब कुछ योजना के मुताबिक चला तो बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट आने से पहले उसके पास आधार कार्ड होगा। बर्थ सर्टिफिकेट मिलने में करीब एक महीना लग जाता है।
देश की 131 करोड़ आबादी को एनरोल किया गया
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में UIDAI के CEO सौरभ गर्ग ने कहा कि हम नवजात शिशुओं को आधार नंबर देने के लिए बर्थ रजिस्ट्रार के साथ टाईअप करने की कोशिश कर रहे हैं। गर्ग ने कहा कि 99.7% वयस्क आबादी को आधार के दायरे में लाया जा चुका है। इसके तहत अब तक देश की 131 करोड़ आबादी को एनरोल किया गया है। अब हमारी कोशिश नवजात शिशुओं का नामांकन करने की है। उन्होंने कहा कि हर साल दो से ढाई करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। हम उन्हें आधार में एनरोल करने की प्रक्रिया में हैं। बच्चे के जन्म के समय ही उनकी फोटो क्लिक कर आधार कार्ड दे दिया जाएगा।
डिटेल अपडेट करने पर फोकस
पांच साल की उम्र पार करने के बाद बच्चे का बायोमेट्रिक्स लिया जाएगा
140 करोड़ बैंक खातों में से 120 करोड़ खातों को आधार से जोड़ा गया है।
गर्ग ने बताया कि हम 5 साल से कम उम्र के बच्चों का बायोमेट्रिक्स नहीं लेते हैं, लेकिन इसे उसके माता या पिता में से किसी एक के साथ जोड़ते हैं। 5 साल की उम्र पार करने के बाद बच्चे का बायोमेट्रिक्स लिया जाएगा। हम अपनी पूरी आबादी को आधार नंबर देने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल दूरदराज के इलाकों में 10,000 कैंप लगाए गए। वहां हमें बताया गया था कि बहुत से लोगों के पास आधार नंबर नहीं है। इस कवायद से 30 लाख लोगों को नामांकित किया गया था।
हमने 2010 में पहला आधार नंबर जारी किया था। शुरुआत में हमारा ध्यान ज्यादा से ज्यादा लोगों का नामांकन करने पर था। अब हमारा ध्यान इसे अपडेट करने पर है। लगभग 10 करोड़ लोग हर साल अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर अपडेट करते हैं। 140 करोड़ बैंक खातों में से 120 करोड़ खातों को आधार से जोड़ा गया है।
वोटर कार्ड से भी जुड़ेगा आधार
आने वाले समय में आधार को वोटर कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में इसके बिल को मंजूरी दी गई है। इसका मकसद चुनाव में होने वाली फर्जी वोटिंग को रोकना है। सरकार ने चुनाव आयोग की सिफारिश के आधार पर ही यह फैसला किया है। आधार को वोटर कार्ड से जोड़ने से फर्जी वोटर कार्ड से होने वाली गड़बड़ी रोकी जा सकेगी।