रिपोर्टर: Author
August 5, 2026
विश्व को हैरान करने वाली उपलब्धियों वाला साल 2023
राजनीतिक भूचाल, त्रासदी का काल व भ्रष्टाचार पर लचीलापन के रवैए का साल
खेल जगत में ओलम्पिक, एशियाई खेलों में उपलब्धियों की भरमार तो क्रिकेट में निराशाजनक रहा

बीते साल की गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा
कोटद्वार। 2023 बीत गया 2024 शुरू हो गया। जो बीत गया उसमें की गई गलतियों पर शोक मनाने के बजाय,नये जोश, उत्साह और ताकत से आगे बढ़ना ही श्रेयस्कर होगा, तभी हम 2024 को सही तरह से जी सकते हैं।
पहले तो बीते वर्ष 2023 की विश्व को हैरान करने वाली उपलब्धियों की बात कर ली जाए,जिन उपलब्धियों ने हर भारतीय को गौरवान्वित करने का मौका दिया। सबसे पहले बात करते हैं चांद सूरज की… जी हां जिसकी कल्पना विश्व के पश्चिमी रईस देश करते रह गए और भारतीय वैज्ञानिकों,अंतरिक्ष विशेषज्ञों ने पूरे विश्व को चौंकाते हुए चांद पर कदम रखकर और सूरज के नजदीक पहुंच कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। भारत में हुए जी 20 सम्मेलन ने भारतीय कूटनीतिक राजनीति का लोहा माना।
खेल जगत में ओलम्पिक एवं एशियाई खेलों में अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर क्रिकेट की धूमिल प्रतिभा का साया कम किया।
बीता वर्ष कुछ बहुत सारी त्रासदीयां भी दे गया, जिनमें हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की त्रासदियां प्रमुख हैं जो सरकारों और मानव जाति को चेतावनी देकर गया कि अगर प्रकृति के साथ ज्यादती होगी तो प्रकृति उसे सहन करेगी….! अब मानव जाति को प्रकृति से सामंजस्य स्थापित करते हुए ही विकास कार्य की तैयारियां करनी होगी।
राजनीतिक क्षेत्र में भी काफ़ी उठा-पटक देखने को मिली। जनता जनार्दन ने एग्जिट पोल, राजनीतिक पंडितों के अनुमान और राजनीतिक दलों के बड़े बड़े दावों को नकारते हुए आश्चर्यजनक परिणाम दिए।
भ्रष्टाचार और अपराधिक मामलों पर केन्द्र और राज्य सरकारों का आधा अधूरा प्रयास, राजनीतिक हित को साधने के लिए पक्षपाती कार्यादेश जनता के बीच चर्चाओं में बना रहा।
आलेख – पुष्कर सिंह पवार

बीते साल की गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा
कोटद्वार। 2023 बीत गया 2024 शुरू हो गया। जो बीत गया उसमें की गई गलतियों पर शोक मनाने के बजाय,नये जोश, उत्साह और ताकत से आगे बढ़ना ही श्रेयस्कर होगा, तभी हम 2024 को सही तरह से जी सकते हैं।
पहले तो बीते वर्ष 2023 की विश्व को हैरान करने वाली उपलब्धियों की बात कर ली जाए,जिन उपलब्धियों ने हर भारतीय को गौरवान्वित करने का मौका दिया। सबसे पहले बात करते हैं चांद सूरज की… जी हां जिसकी कल्पना विश्व के पश्चिमी रईस देश करते रह गए और भारतीय वैज्ञानिकों,अंतरिक्ष विशेषज्ञों ने पूरे विश्व को चौंकाते हुए चांद पर कदम रखकर और सूरज के नजदीक पहुंच कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। भारत में हुए जी 20 सम्मेलन ने भारतीय कूटनीतिक राजनीति का लोहा माना।
खेल जगत में ओलम्पिक एवं एशियाई खेलों में अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर क्रिकेट की धूमिल प्रतिभा का साया कम किया।
बीता वर्ष कुछ बहुत सारी त्रासदीयां भी दे गया, जिनमें हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की त्रासदियां प्रमुख हैं जो सरकारों और मानव जाति को चेतावनी देकर गया कि अगर प्रकृति के साथ ज्यादती होगी तो प्रकृति उसे सहन करेगी….! अब मानव जाति को प्रकृति से सामंजस्य स्थापित करते हुए ही विकास कार्य की तैयारियां करनी होगी।
राजनीतिक क्षेत्र में भी काफ़ी उठा-पटक देखने को मिली। जनता जनार्दन ने एग्जिट पोल, राजनीतिक पंडितों के अनुमान और राजनीतिक दलों के बड़े बड़े दावों को नकारते हुए आश्चर्यजनक परिणाम दिए।
भ्रष्टाचार और अपराधिक मामलों पर केन्द्र और राज्य सरकारों का आधा अधूरा प्रयास, राजनीतिक हित को साधने के लिए पक्षपाती कार्यादेश जनता के बीच चर्चाओं में बना रहा।
आलेख – पुष्कर सिंह पवार