वर्ड विजन द्वारा वैश्विक महामारी कोविड से बचाव हेतु जिलाधिकारी पौड़ी को राहत उपकरण सौपे
कोटद्वार। अन्तर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था वर्ड विजन सं के पदाधिकारियों द्वारा बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे को कोविड-19 से बचाओ हेतु राहत उपकरण सौपे गए।
वर्ल्ड विजन संस्था द्वारा जिलाधिकारी पौड़ी को ऑक्सीजन कन्सेन्टर, कोरोगेटेट बेड, पीपीई किट, आस्को मीटर, एन 95 मास्क, सेनेटाइजर, ग्लब्स सहित अन्य कोविड सबन्धित राहत सामाग्री उपलब्ध कराई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ड विजन सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्वास्थ्य विभाग को कोविड से बचाव सम्बन्धित राहत उपकरण दिए गए हैं। इन उपकरणों को बड़े से छोटे अस्पतालों में पहुंचाए गए, जिससे वहां लोगों को काफी सुविधाएं मिल रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य सम्पन्न और समर्थ लोगों को भी आपदाओं के समय आगे आना चाहिए। कोविड काल में समाजिक,और परोपकारी लोगों ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की काफी मदद की है। उन्होंने सभी संस्थाओं व अन्य लोगों द्वारा दिये गए स्वास्थ्य उपकरणों हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, वर्ड विजन के मैनेजर राजू जेम्स, शिवांग, आशीष, विनय पहाड़ी, विकास, सुभाष आदि उपस्थित थे।
आपदा से पूर्व तैयारी को लेकर पूर्वाभ्यास
कोटद्वार।जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ विजय कुमार जोगदण्डे के दिशा निर्देश पर बुधवार को जनपद मुख्यालय पर आपदा से पूर्व तैयारी को लेकर एक दिन का पूर्वाभ्यास किया गया है। मॉकड्रिल कार्यक्रम के तहत कंडोलिया मैदान पर स्टेजिंग एरिया बनाया गया है, जहां से तीन स्थानों पर घटित तीन विभिन्न घटनाओं का सीनरियों बनाकर अभ्यास किया गया है। पूर्वाभ्यास से पहले जिलाधिकारी डा0 जोगदण्डे एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी. रेणुका देवी ने स्टेजिंग एरिया को निरीक्षण कर मौजूद उपकरण की जानकारी लेते हुए, मॉक ड्रिल के लिए तैयार टीम के तीनों इंसीडेन्ट कमाण्डर से राहत एवं बचाव के कार्यो के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हे कार्य संपादन के महत्वपूर्ण टिप्स दिये। इसके बाद जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला सूचना अधिकारी आपदा परिचाल कन्ट्रोल रूम पौड़ी पहुंचे जहां उन्होने स्पाॅट से आने वाले सूचना एवं संपादित कार्यो के बारे में जानकारी ली। जबकि जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्यो की समय समय पर नवीनतम जानकारी लेते हुए, आवश्यक दिशा निर्देश दिये। वहीं स्टेजिंग एरिया को कमान अपर जिलाधिकारी ने संभालते हुए माॅकड्रिल कार्य को सफलता पूर्वक संपादित किया। जिलाधिकारी डा0 जोगदण्डे एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी एवं संबंधित अधिकारी मॉकड्रिल कार्यक्रम के समापन अवसर पर कंडोलिया मैदान पर पहुंचे, जहां उन्होने सभी टीम से कार्यानुभव की जानकारी लेते हुए, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने डा0 जोगदण्डे कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा के दृष्टिगत संवेदनशीलता बनी रहती है, जिसके क्रम में घटनाओं को लेकर मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह है कि जिला प्रशासन के साथ विभिन्न विभाग की आपदा घटनाओं से निपटने के लिए कितनी तैयारी हैं। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के द्वारा यह पता आसानी से लगाया जा सकता है कि प्रशासन के पास कितने अधिकारी रिस्पांस अफसर के रूप में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि मैन पावर के साथ-साथ आपदा राहत कार्यों के बचाव के लिए उपकरण अपग्रेड हैं या नहीं। कहा कि आज के मॉक ड्रिल में तैनात किए गए विभागों के टीम लीडर प्रशासन को जानकारी देंगे कि आपदा की घटनाओं से निपटने के लिए और किन किन उपकरणों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास कितने टीम लीडर है जो आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य को आसानी से संपादित कर सकेंगे। उन्होने आवश्यक उपकरणों की सूची बनाकर अपर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में सबसे ज्याद परेशानी घटना स्थल तक पहुंचने में होती है। यही नहीं घटना स्थल तक पहुंचने के बाद राहत कार्य में जुटी टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या वहां पर बुनियादी सुविधाओं को जुटाना है। जिसमें सबसे अधिक समय लगता है। कहा कि आपदाओं की घटना के समय मोबाइल फोन के बजाए रेडियो सेट का उपयोग किया जाना आवश्यक है। कहा कि टीम लीडर अपनी अपनी टीमों का पहचान करने के लिए ड्रेस कोड का आवश्यक रूप से इस्तेमाल करें। यही नहीं उन्होंने कहा कि राहत बचाव टीम को आई कार्ड और उसमें उस व्यक्ति की जिम्मेदारी अवश्य अंकित की जानी चाहिए। राहत और बचाव कार्य में तैनात अधिकारियों को जिम्मेदारी के अनुसार ही उन्हें घटनास्थल पर तैनात किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचने के लिए इंसीडेंट कमांडर की जिम्मेदारी सबसे अहम है। घटनास्थल पर कितने लोगों की आवश्यकता है इसी के अनुसार टीम का गठन किया जाना चाहिए। इंसिडेंट कमांडर को घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरी उपकरणों के साथ मैन पावर की जरूरत के अनुसार ही टीम का बैकअप तैयार किया जाना चाहिए। तभी राहत और बचाव कार्य के लिए संचालित अभियान सफल हो पाएगा। साथ ही उन्होंने राहत और बचाव टीमों के साथ एक-एक दक्ष कार्मिक को डॉक्यूमेंटेशन के लिए रखने के भी निर्देश दिए।जिलाधिकारी डा0 जोगदण्डे ने नगरपालिका वन विभाग राजस्व ग्राम पंचायत व पंचायत राज विभाग को हर ग्राम पंचायत में आपदा के राहत व बचाव उपकरणों के लिए एक डिपो तैयार करने के निर्देश। जिसमें गैंती, फावड़ा, स्टेचर, टैंट लाइट, टोर्च आदि उपकरणों होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की मॉक ड्रिल में बेहतरीन कार्य करने वाले कर्मचारियों को दूसरी मॉक ड्रिल में और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को जनपद में सभी इंसिडेंट कमांडरों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। जिससे योग्य और कुशल अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों के लिए इंसीडेंट कमांडर के तौर पर चयनित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद के पुलिस विभाग के क्षेत्राधिकारी, निरीक्षक व उपनिरीक्षक, तहसीलदार, ई.ई. व एई लोनिवि समेत आदि विभागों के अधिकारियों को इंसिडेंट कमांडर के रूप में तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरी मॉक ड्रिल में लैंसडाउन के आर्मी जवानों को भी शामिल किया जाएगा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी. रेणुका देवी ने आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राहत और बचाव कार्यों में आपसी समन्वय का होना जरूरी है। जिससे टीम भावना के साथ सौंपे गए दायित्व को सफलता से हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल आपदा की घटनाओं में राहत और बचाव कार्यों को ओर अधिक सुगमता से करने के लिए किया जाता है। इसी के तहत जरूरी उपकरणों और मेन पावर की भली-भांति परीक्षा भी होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के माध्यम से अपनी कमियों को भी दूर करने अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि बचाव दल को सर्वप्रथम घटनास्थल पर पहुंचना और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में मिलजुल कर कार्य करना भी मॉकड्रिल का हिस्सा है।
इस अवसर पर डीएफओ मुकेश शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, अपर जिलाधिकारी डा0 एस के बरनवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 मनोज शर्मा, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, आपदा प्रबंधन अधिकारी दिपेश चन्द्र काला, डीपीआरओ एम.एम. खान, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अशोक तोमर और उपजिलाधिकारी सदर श्याम सिह राणा सहित अन्य विभागों अधिकारी कर्मचारी व तीनों टीम के इंसिडेट कमाण्डर सहित दल उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिकों ने कोटद्वार विधानसभा राज्य सरकार के कोरे और झूठे विकास कार्यों के खिलाफ दिया ज्ञापन
कोटद्वार। पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने उपजिधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को कोटद्वार विधानसभा में विकास कार्यों में कोरे और झूठे आश्वासन से नाराजगी जताते हुए ज्ञापन प्रेषित किया। सैनिक परिषद से जुड़े वक्ताओं ने कहा कि कोटद्वार विधानसभा के विधायक से लेकर, गढ़वाल सांसद तथा भाजपा के चुनावी एजेंडे में कोटद्वार विधानसभा में केंद्रीय विद्यालय, लालढांग चिल्लरखाल मोटर रोड़ निर्माण, रोडवेज बस स्टैंड का खूनीबड़ में निर्माण के घोषणा पत्र में जैसे मेडिकल कॉलेज, आयुष कालेज, टैक्नीकल कालेज, फोर लाईन देहरादून कोटद्वार रामनगर फोर लाईन मार्ग,मोटर नगर बस स्टैंड और कंणव आश्रम का सौंदर्य जैसे कई घोषणाएं होने के वावजूद सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न होने से भी कोटद्वार विधानसभा की जनता में बहुत आक्रोश है। शीघ्र ही राज्य सरकार और क्षेत्रीय विधायक द्वारा अपने घोषणापत्र पर अमल नहीं किया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में क्षेत्रीय विधायक और राज्य सरकार को इसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहना होगा।


