वन मंत्री हरक सिंह अब कौन सा गुल खिलाने वाले हैं उत्तराखंड की राजनीति में ?
देहरादून/कोटद्वार। राजनीति में क्या हो जाए कोई भविष्य वक्ता सही टिप्पणी नहीं दे सकता। अब दुश्मन दोस्त बन जाए राजनीति में यह कहना भी मुनासिब नहीं। कौन किसको गाली दे रहा और कब एक दूसरे की गलबहियां डाले हाथ में हाथ डाल राजनीति के पार्क में घूमने लगे आश्चर्य नहीं होता। यह सब युवा उत्तराखंड में नेताओं ने ऐसे सिखा दिया जैसे स्कूल में गुरुजी अपने विद्यार्थियों को डंडे के बल पर रट्टा कर सिखाते हैं। ऐसा ही कुछ उत्तराखंड के कुछ फायरब्रांड नेता कहें जाने वाले नेताओं के बारे कहा और लिखा जा सकता है। यह नेता अपने वजूद को मजबूती देने के लिए गाहे-बगाहे अलग अलग तरह के पटाखे छोड़कर अपनी ताकत टटोलने का काम करते नजर आते हैं। इस तरह के नेता उत्तराखंड में सभी राजनीतिक दलों में अपनी अच्छी खासी पकड़ बनाए हैं। वर्तमान में उत्तराखंड के वन एवं ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत इस कड़ी में सबसे आगे चल रहे हैं। उत्तराखंड की राजनीति की धुरी बन डा. रावत जहां वर्तमान सत्ताधारी दल भाजपा के लिए आंख का बाल बन हुए हैं वहीं विरोधी पार्टियों के नेताओं के लिए बदहजमी का सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं। डा. रावत के बारे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे भाजपा को छोड़ने का मन बना चुके हैं लेकिन भाजपा फिर से अपनी गलती दोहराने के मूड में नजर नहीं आती क्योंकि डॉ रावत का पार्टी छोड़ने का मतलब है भाजपा का जनता में जनाधार पर असर पड़ना और अपने कार्यकर्ताओं पर अविश्वास करना। सभी राजनीतिक दल डा. रावत की आक्रामक राजनीति से परिचित हैं वह जब भी कोई निर्णय के लेते हैं उसमें उनका निजी हित के साथ राजनीतिक विपक्षियों के लिए मुसीबतों की फसल तैयार की हुई होती है। ऐसा ही हाल में उनके मंत्री पद से दिए इस्तीफे से साफ झलकता है। डॉ रावत ने इस्तीफा देकर अपना उल्लू तो सीधा किया पार्टी संगठन को भी फजीहत में धकेल दिया साथ ही विपक्षी पार्टियों के नेताओं का हाजमा भी बिगाड़ दिया। विपक्षियों को लगा कि कहीं डा. रावत उनकी पार्टी के गले न पड़ जाए। ऐसा ही एक और मामला पिछले दो-तीन दिनों से हरक सिंह रावत की कोटद्वार आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ फोटो सूट की वाइरल फोटो ने शोसल मीडिया में हंगामा मचाया हुआ है। ग्रुप फोटो के मायने जो भी डा. रावत एक बार फिर अपनी उछल-कूद की छवि के कारण फिर चर्चाओं में छा गए हैं, परिणाम जो भी हो। देखते हैं डॉ रावत का अगला टारगेट।
लोक संवाद टुडे के लिए ” पुष्कर पवार’पदम’ की रिपोर्ट”