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लायंस क्लब डिग्निटी कोटद्वार द्वारा उत्कृष्ट शिक्षण के लिए प्रधानाचार्य और शिक्षकों को किया सम्मानित

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

  लायंस क्लब डिग्निटी कोटद्वार द्वारा उत्कृष्ट शिक्षण के लिए प्रधानाचार्य और शिक्षकों को किया सम्मानित

 कोटद्वार। अंधकार से प्रकाश की ज्योति दिखाने, किसी भी देश, राज्य का भविष्य तैयार करने वाले और समाज को सभ्य सुसंस्कृत बनाने में बुनियाद के नीव की भूमिका निभाने वाले शिक्षक समाज के योगदान को कोई कभी नहीं नजर अंदाज कर सकता। गुरुओं के इसी योगदान को आधार बनाकर 5 सितंबर अध्यापक दिवस पर कोटद्वार में लायंस डिग्निटी क्लब द्वारा कोटद्वार क्षेत्र में शिक्षा के लिए समर्पित प्रधानाचार्यो व  शिक्षकों को सम्मानित किया। 

  लायंस डिग्निटी क्लब द्वारा राजकीय पीडी स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार की प्राचार्या श्रीमती जानकी पंवार, वाणिज्य संकाय की ऋचा जैन, अंग्रेजी संकाय की डा. वंदना चौहान, राजकीय जूनियर हाईस्कूल नगर क्षेत्र बालक के प्रधानाचार्य नफीस अहमद, सहायक अध्यापक हुकुम सिंह नेगी, नवयुग सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल की प्रतिभा गुंसाई, लिविंग आफ आर्ट की मोनिका बत्रा व जूनियर हाईस्कूल औरंगजेबपुर सहेली, बिजनौर की अध्यापिका अनुराधा पाल को उनके द्वारा शिक्षा के लिए किए जा अथक प्रयासों, छात्र छात्राओं और गुरुओ के बीच गुर शिष्य परम्परा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में तालमेल बनाकर छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और शिक्षा के मूल सिद्धांत शिक्षक -अविभावक-छात्र का अनुकरण कर शिक्षा को व्यवहारिक और सरल बनाकर शिक्षा को सर्व सुलभ बनाने के लिए पुरूस्कृत किया गया।

  पुरूस्कार समारोह के मुख्य अतिथि पौड़ी जिले के ए एस पी शेखर चंद्र सुयाल जो कि पूर्व में नौ वर्ष तक शिक्षक और प्रधानाचार्य के रूप में सेवा कर चुके हैं रहे। एएसपी सुयाल द्वारा सभी पुरूस्कृत शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है वहीं शिक्षक किसी भी देश के उस कुम्हार की तरह है जो जैसी आकृति अपने घडे को देना चाहता है बना देता है,उसी तरह शिक्षक भी अपने छात्रों को अनुशासित और श्रेष्ठ शिक्षा देकर देश को बुलंदियों पर पहुंचा लेता है।भारत देश आज जिस बुलंदियों पर है उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षकों का ही है। 

पंडित दीनदयाल शैक्षिक सम्मान समारोह में 22 शिक्षकों

व 19 विद्यालयों को मिला शिक्षा क्षेत्र के लिए उत्कृष्टता पुरस्कार 
  

 पौड़ी में पंडित दीनदयाल शैक्षिक सम्मान समारोह में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पौड़ी यशपाल बेनाम सहित अन्य अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अथितियों द्वारा डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यापर्ण व द्वीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम में अथितियों ने हाईस्कूल व इण्टर की परिषदीय परीक्षा में उत्कृष्ट परीक्षाफल देने वाले 19 विद्यालयों को पं0 दीनदयाल उत्कृष्टता पुरुस्कार से सम्मानित किया। शिक्षण कार्यो/पठन-पाठन में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 22 शिक्षकों-शिक्षिकाओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न भेट कर सम्मानित किया। 

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर जिला मुख्यालय सहित क्षेत्रीय शिक्षण संस्थानों में शिक्षक दिवस धूम-धाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थिति राजकीय इण्टर कालेज पौड़ी में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने शिक्षकों व छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षक का महत्व हर युग में परिलक्षित होता है। उन्होने कहा कि शिक्षक छात्रों के भाग्य का विधाता होता है इसलिए प्रत्येक शिक्षक को अपने दायित्व का शतप्रतिशत निर्वह्न व छात्रों को अपने विवेक व आचरण पर विशेष बल दिये जाने की आवश्यकता है ताकि विकसित व समृद्व भारत के सपने को साकार किया जा सके। उन्होने शिक्षकों व छात्रों से कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बहुमुल्य योगदान देने वाले डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के पदचिन्हो पर चलते हुए देश व समाज को और अधिक शिक्षित व विकसित करने का प्रयत्न करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होने अपने जीवन में शिक्षा के प्रति किये गये प्रयासों से भी उपस्थितों को अवगत कराया।

जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने कहा कि हर व्यक्ति के भविष्य निर्धारण में किसी न किसी शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होने कहा कि एक बच्चे का लालन-पालन निसंदेह अभिभावक द्वारा किया जाता है लेकिन उनके भविष्य का निति-निर्माता एक शिक्षक होता है। कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में कुछ नया सीखने की हमेशा से सम्भावना रहती है, इस भाव से हर व्यक्ति को नित्-दिन कुछ न कुछ नया सीखने का प्रयास उसे दूसरो से बेहतर बनाता है। उन्होने कहा कि एक विद्यार्थी किसी शिक्षक के सानिध्य में बमुश्किल एक से दो वर्ष तक रहता है जबकि एक शिक्षक के जीवन काल में यह अवसर बारंबार आता है। इसलिए शिक्षक द्वारा इन एक से दो वर्षो के बीच में छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा उनके भविष्य के निर्माण का अधार स्तम्भ होता है। 

अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए विशेष अवसर व मंच प्रदान करता है जिसमें शिक्षकों को उनकी मेहनत के अनुरुप सम्मान मिलना उनमें एक नई उर्जा का संचार करता है। उन्होने कहा कि छात्रों के भविष्य का निर्माता होने के नाते हर शिक्षक को छात्र की भावना के अनुरुप पठन-पाठन का कार्य करना चाहिए ताकि क्षेत्र विशेष में रुची रखने वाले किसी भी छात्र को उस क्षेत्र में दक्ष बनाया जा सके। इस अवसर पर सम्मान पाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं खासा उत्साहित दिखी। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को सम्मान दिया जाना उनमें नयी उर्जा के संचार करती है जो पठन-पाठन कार्यो में गुणवत्ता हेतु सहायक सिद्व होती हैं। 

इससे पूर्व शिक्षक दिवस के अवसर पर स्टैट बैंक ऑफ इण्डिया शाखा पौड़ी द्वारा विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया वहीं 44 शिक्षक-शिक्षिकाओं को पुरुस्कार भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में अथितियों द्वारा ’’एसबीआई का वेतन खाता एक बेहतर विकल्प’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। 

इस अवसर पर मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ आनन्द भारद्वाज, प्राचार्य डायट एलएस दानू, सीएमओ डॉ प्रवीन कुमार, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रामेन्द्र कुशवाह, क्षेत्रीय मुख्य प्रबंधक प्रणीति जीना, मुख्य प्रबंधक एसबीआई शशिपाल, क्षेत्रीय प्रबंधक कमलेश राणा, प्रधानाचार्य विमल चन्द बहुगुणा, सहित शिक्षक व छात्र उपस्थित थे। 

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