पार्षद की लापरवाही से नाराज वार्डवासियों ने चस्पा किए गुमसुदगी के बैनर
कोटद्वार निगम के वार्ड पार्षदों की लापरवाही अब लोगों पर भारी पडने लगी है। अधिकांश महिला पार्षदों के पतियों का नगर निगम के कार्यों मे दखलंदाजी करना तो आम बात है। यह समस्या केवल महिला पार्षदों के साथ ही नही महापौर के साथ भी नजर आ रही है जिससे महापौर की प्रतिभा और कार्यशैली खुलकर काम करने मे असमर्थ हो रही है। कोटद्वार नगर निगम को नगरपालिका सिस्टम से काम करने का तरीका बदलना होगा। कोटद्वार नगरनिगम के कुछेक को छोडकर लगता है कि उनमे अपने पर भरोसा ही नही। जिन महिला पार्षदों के काम मे उनके पतियों का हस्तक्षेप है उन वार्डो मे तो लोगों ने गुमसुदगी के पोस्टर लगाने शुरू कर दिए हैं।
मेयर ने नवनियुक्त नगर आयुक्त के साथ ली अधिकारीयों की बैठक
कोटद्वार। नगर निगम की महापौर श्रीमती हेमलता नेगी ने नवनियुक्त नगर आयुक्त की मौजूदगी में नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेते हुए ट्रैचिंग ग्राउंड के लिए भूमि उपलब्ध करवाये जाने, पुरानी चुंगी में प्रस्तावित दुकानों का निर्माण सहित बारह सूत्रीय कार्यो को प्राथकिताओं के आधार पर कराये जाने के लिए निर्देशित किया गया। नगर निगम के पहले नगर आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद महापौर श्रीमती हेमलता नेगी ने नव नियुक्त नगर आयुक्त की माजूदगी में नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेते हुए नगर निगम की प्राथमिकताओं को गिनवाते हुए कहा कि वर्तमान में नगर निगम में कूड़ा निस्तारण की सबसे ज्वलंत समस्या बनी हुई है, जिसके लिए अलग से ट्रैचिंग ग्राउंड के लिए प्रदेश सरकार से भूमि दिये जाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार की तरफ से ठोस जबाब नहीं मिल पाया है, महापौर ने नगर आयुक्त से प्राथमिकता के आधार पर ट्रैचिंग ग्राउंड के लिए भूमि उपलब्ध करवाये जाने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार करने एवं भूमि उपलब्ध करवाने में आ रही अडचनों को दूर करने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिये। महापौर ने कहा कि मोटर नगर का मामला भी ट्रिब्यूनल में फंसा हुआ है, जिससे मोटर नगर में निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है, जिसके के लिए ट्रिब्यूनल में नगर निगम का मजबूती से पक्ष रखने के की बात कही है। इसके अलावा नहरों एवं गूलों की सफाई सिंचाई विभाग से करवाये जाने, सिंचाई विभाग के सहयोग से जलभराव की समस्या का समाधान करने, तीन नये ट्रैक्टरों को आरटीओ कार्यालय से पंजीकरण करवाये जाने, पुरानी चुंगी में प्रस्तावित दुकानों का निर्माण करवाये जाने, नगर निगम परिसर में स्वीकृत धन से कार्यालय हाॅल का निर्माण करवाये जाने, साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिये जाने तथा प्रत्येक वार्ड में सेनेटाइजेशन किये जाने के लिए दिशा निर्देश दिये गये। इस मौके पर नव नियुक्त नगर आयुक्त पीएल शाह, सहायक नगर आयुक्त अंकिता जोशी, सफाई निरीक्षक सुनील चैधरी, सोवेन्द्र कुमार, जेई अखिलेश खंडूरी, भगवती चरण कबटियाल मौजूद थे।
रामडी-चरेख-ऐता व उमरैला मार्ग बना शराबियों और ऐय्याशी का स्वर्ग
कोटद्वार। कोटद्वार-रामड़ी-चरेख तथा ऐता-उमरैला-चरेख मोटर मार्ग पर सुबह-शाम असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। जिस कारण क्षेत्र में किसी प्रकार की अनहोनी होने की आशंका बनी रहती है। असामाजिक तत्वों पर रोक लगाने के लिए पठूड अकरा के जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह नेगी ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में कहा गया है कि कोटद्वार-रामड़ी-चरेख तथा ऐता-उमरैला-चरेख मोटर मार्ग पर असामाजिक तत्वों, शराबियों तथा ऐय्याशियोंं की आवाजाही दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। असामाजिक तत्व शराब पीकर आपस में लड़ाई-झगड़ा करने के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को परेशान करते रहते हैं,वही अय्याश प्रवृत्ति के चारापत्ती व मवेशी चराने जंगल जाने वाली महिलाओं के साथ अराजकतत्वों द्वारा बदतमीजी भी की जाती है। बात यहीं खत्म नहीं होती सड़क छाप मजनू द्वारा सड़कों पर आपत्तिजनक स्थिति पैदा कर दी जाती है जिससे दी जाती है जिससे से ग्रामीण क्षेत्रों में आने जाने वालों को शर्मनाक स्थिति से गुजरना पड़ता है गुजरना पड़ता है । भारत नेगी ने कहा कि कोरोना के दौर में आसामजिक तत्वों द्वारा मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न किये जाने की वजह से क्षेत्र में कोरोना महामारी फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। उन्होंने क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
काउंसलिंग में में गेस्ट टीचरों के पद शामिल न करने पर भड़के
कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने एलटी से प्रवक्ताओं की पदस्थापना की काउंसलिंग में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति वाले पदों को शामिल नहीं किए जाने पर रोष व्यक्त किया है। शिक्षकों ने सरकार व विभाग पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन का आरोप लगाने के साथ ही इसे कई सालों से दुर्गम में सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताया और चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार द्वारा इस मामले का कोई समाधान नहीं निकाला गया तो शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट जाने को बाध्य होना पड़ेगा।संगठन कार्यालय में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कई वर्षों के बाद विगत मई माह में एलटी से प्रवक्ता पदों पर विभाग की ओर से पदोन्नति की गई थी, लेकिन कोविड-19 के कारण शिक्षकों की पदस्थापना नहीं हो पाई और अब काफी लंबे समय बाद संबंधित शिक्षकों की पदस्थापना की तैयारी की गई तो सरकार द्वारा गेस्ट के पद रिक्त नहीं दिखाए गए। जिससे शिक्षकों में सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष व्याप्त है। कहा कि गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति के समय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश थे कि गेस्ट के पदों पर नियमित शिक्षक की नियुक्ति होने से उसे उस पद से हटाना पड़ेगा, क्योंकि यह नितांत अस्थाई नियुक्ति है। बैठक में संघ के जिलामंत्री मनमोहन सिंह चैहान, मुकेश रावत, राजेंद्र भंडारी, पंकज ध्यानी, अब्बल सिंह, डबल सिंह, रतन बिष्ट, रविंद्र रावत, बिजेंद्र बिष्ट, परितोष रावत, संजय रावत, आशीष खर्कवाल, प्यारेलाल बड़ोला, विजेंद्र तोमर, आशीष, कुलदीप नेगी, रतन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।