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रानीखेत के सिंगोली,कनाव व कायिका गांव पीने के पानी को आजादी के बाद से तरस रहे

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

   रानीखेत के सिंगोली,कनाव व कायिका गांव पीने के पानी को आजादी के बाद से तरस रहे
   
  सड़क से सटे होने के बावजूद भी आज तक गांव में जल संस्थान की पाईप लाईन     नहीं पहुंची 
 
 हरीश रावत, बची सिह रावत,अजय भट्ट, करण मेहरा जैसे दिग्गज राजनेताओं का संसदीय व विधानसभा क्षेत्र रहे हैं तीनों राजस्व गांव 



 रानीखेत। कितनी अजब गजब बात है कि राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय जनप्रतिनिधि देने वाले क्षेत्रों के लोग आजादी मिलने के बाद से आज तक पीने के शुद्ध पानी को तरस रहे हैं।रानीखेत से मात्र 5 से 6 किमी दूर सड़क से सटे न 3 गांव सिंगोली, कायका और कनाव गांव में कोई भी सरकार आज तक पेयजल की लाइन ही नहीं भेज पाई। गजब तो और भी तब हो जाता है जब यहां पर यहां के क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने राष्ट्रीय नेतृत्व में प्रतिभाग किया वही राज्य के मुख्यमंत्री पद तक भी पहुंचे लेकिन कहते हैं ना चिराग तले अंधेरा ठीक वही बात इन गांव पर साबित होती है। उत्तराखंड बनने के बाद से उत्तराखंड की राज्य सरकारें अपने अपने वायदों के अनुसार कहती आई है कि पहाड़ों में हर घर तक उन्होंने पेयजल लाइन पहुंचाने का काम किया, लेकिन रानीखेत से मात्र 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर बसे यह तीनों गांव आज भी पेयजल लाइनों के लिए तरस रहे हैं । ग्रामीणों द्वारा अपने निजी संसाधनों से गांव के छोयो,  नोलों   से पाइप लाइन का जुगाड़ कर पानी के पीने की व्यवस्था बनाई हुई है, लेकिन जब से इस क्षेत्र में सड़कों का कटान मशीनों से हुआ है तब से यह यह छोए व नौले भी बंद होने लगे हैं। केंद्र सरकार की नई योजना हर घर नल हर घर जल की योजना के अंतर्गत भी गांव का सर्वे हुए लगभग ढाई वर्ष हो चुके हैं लेकिन आज तक न तो गांव के लिए कोई स्टीमेट बना न हीं पाइपलाइन बिछी। अब ऐसे में कैसे आजादी होते भी यह लोग पानी को तरस रहे हैं….? आज भी अंग्रेजों की गुलामी के युग में जीने को विवश हो रहे हैं। क्षेत्रीय, स्थानीय राज्य स्तरीय व केंद्रीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों की संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों में पीने की पानी की है यह दुर्दशा है तो कैसे पहाड़ के लोगों की प्यास बुझेगी….? यहां पर तो ऐसा लगता है केवल पहाड़ की जवानी ही जवानी रह गई है पानी तो कोई और ले उड़ा। बताते चलें कि यह तीनों गांव सैनिक बाहुल्य गांव है। 80 प्रतिशत से अधिक घरों से सेना में सेवाएं दे रहे हैं और देते आए हैं, उसके बावजूद भी यहां पर जल संस्थान और ना ही जनप्रतिनिधि आज तक पानी की पाइपलाइन बिछा पाए,अब देखना यह है कि कौन जनप्रतिनिधि…? , कौन सरकार…? इन गांव के घरों में पानी पहुंचाने का काम करती है…? 

निर्माणाधीन भवन का स्वयं फीता से पिलरों का नापजोख किया जिलाधिकारी ने

नाली निर्माण कार्य व पेंटिंग कार्य  सही नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जताई      नाराजगी  



जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदंडे ने आज गोड़ख्या-विशल्ड-चोपड़यूं मोटर मार्ग, निर्माणाधीन खंडविकास कार्यालय पाबौ, खेल मैदान पाबौ तथा तालबैंड-मथीगांव- नेगियोंपाखा मोटर मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने मोटर मार्ग का निरीक्षण करते समय संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि नाली निर्माण कार्य व क्रैश बैरियर का कार्य गंभीरतापूर्वक करना सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने नाली निर्माण कार्य व पेंटिंग कार्य सही नहीं पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि जहां-जहां अधूरे कार्य हुए हैं उन्हें 02 दिन के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क की कटिंग कार्यों में तेजी लाते हुए संकरी जगहों पर चौड़ीकरण व मार्ग पर पड़े कंक्रीटों को साफ करना सुनिश्चित करें। उसके उपरांत उन्होंने निर्माणाधीन विकास खंड कार्यालय व खेल मैदान पाबौ का निरीक्षण कर सम्बन्धित को समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

             जिलाधिकारी ने भारी वर्षा के बीच विकासखंड पाबौ के अंतर्गत विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाते लाएं, जिससे समय पर लोगों को उसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने गोड़ख्या-विशल्ड-चोपड़यूं मोटर मार्ग का निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि नाली निर्माण कार्य व मार्गाे पर बेहतर पेंटिंग करना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि मार्ग पर जहां बड़े बैंड है उनका कटान कर सुव्यवस्थित करें, जिससे आवागमन करने वाले वाहनों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। तत्पश्चात उन्होंने निर्माणाधीन विकासखंड कार्यालय पाबौ का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारी से डीपीआर की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया कि कार्यालय में हर प्रकार की सुविधा के साथ ही बड़ी खिड़की लगाएं। उन्होंने निर्माणाधीन भवन का स्वयं फीता से पिलरों का नापजोख भी किया। उन्होंने अगस्त माह तक ग्राउंड लेबल छत का कार्य पूर्ण करने तथा ऊपरी मंजिला में महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने ठेकेदार को निर्देशित किया कि दिसंबर माह तक निर्माणाधीन भवन का कार्य पूर्ण करें। जिससे नए भवन पर कार्यालय का संचालन समय पर किया जा सकेगा। कहा की पार्किंग के लिए स्थान चयन कर डीपीआर तैयार करें। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि कार्यदाई संस्था कार्मिकों की उपस्थिति पंजिका में प्रतिदिन दर्ज करें। वहीं उन्होंने खेल मैदान कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया कि सुरक्षा दीवार, पानी निकासी हेतु नाली का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें।
          जिलाधिकारी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिडोली का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान शिक्षक ने विद्यालय में पानी की समस्या बताई, जिलाधिकारी ने जल्द पानी उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए। साथ ही उन्होंने पुराने विद्यालय के स्थान पर खेल मैदान या आवश्यकतानुसार भवन बनाने हेतु ग्राम सभा की बैठक करने को कहा। कहा की बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा उसका प्रस्ताव बनाकर खंडविकास अधिकारी को प्रस्तुत करें।
         इस अवसर पर अधिशासी अभियंता लोनिवि केएस नेगी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग संजय शर्मा, खंड विकास अधिकारी तेग सिंह रावत, खंड शिक्षा अधिकारी अमित चौहान, जेई पी जल निगम करण सिंह राणा, जेई लोनिवि सुमन पुंडीर उपस्थित रहे।

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