रिपोर्टर: Author
August 5, 2026
राजस्व विभाग व सभी नगर निकायों (नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत) सरकारी और विभागीय भूमि का सत्यापन, चिन्हीकरण और डिमार्केशन करना सुनिश्चित करें – जिलाधिकारी पौड़ी
लैंड रिकॉर्ड के सत्यापन और सर्वे में किसी भी तरह की लापरवाही व हेराफेरी पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही
कोटद्वार/पौड़ी। मंगलवार जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा राजस्व विभाग और सभी नगर निकायों (नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत) के अधिकारियों को अपने-अपने स्वामित्व के अंतर्गत दर्ज भूमि के पूराने रिकॉर्ड को चैक करते हुए भूमि की विभिन्न श्रेणियों, अन्य विभागों से साझा की गयी भूमि, अतिक्रमण भूमि इत्यादि को अलग-अलग आइडेंटीफाई करते हुए उसका भौतिक रूप से सत्यापन करने तत्पश्चात डिमार्केशन तथा यदि भूमि पर किसी का अतिक्रमण है तो उसे अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिये।
उन्होंने मूल रिकॉर्ड का अध्ययन करते हुए समय-समय पर अन्य विभागों को दी गई भूमि तथा अलग-अलग श्रेणी की भूमि का वर्गीकरण और पहचान करते हुए लैंड रिकॉर्ड को अपडेट करने के निर्देश दिये। इसके लिए जिलाधिकारी ने लैंड रिकॉर्ड के अध्ययन करने तथा भौतिक रूप से भूमि का सत्यापन, चिन्हीकरण व डिमार्केशन करने हेतु टीमें बनाकर दायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने राजस्व विभाग के साथ-साथ नगर निकायों की अपनी भूमि के रिकॉर्ड का इसी तरह सत्यापन, चिन्हीकरण, डिमार्केशन और यदि किसी तरह का अतिक्रमण है तो उसे अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश भी दिये।
भूमि रिकॉर्ड और मौके पर सत्यापन के कार्य को उन्होंने गंभीरता से और ध्यानपूर्वक करने को कहा तथा इस बात से भी आगाह किया कि लैंड रिकॉर्ड के सत्यापन और सर्वे में यदि किसी तरह की लापरवाही व हेराफेरी की जाती है तो अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में उपजिलाधिकारी सदर अबरार अहमद, सहायक निर्वाचक अधिकारी राजेंद्र सिंह अधिकारी, सफाई निरीक्षक नगर पालिका हेंमत, सहायक भूलेख अधिकारी पूरन प्रकाश एनआईसी कक्ष में उपस्थित थे तथा अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्मय से बैठक से जुड़े हुए थे।
सचिव भाषा विभाग द्वारा विकासखंड खिर्सू के मीन्दाण गांव में आयोजित चौपाल में प्रतिभाग
सचिव भाषा विभाग, उत्तराखंड शासन, विनोद प्रसाद रतूड़ी ने अपने तीन दिवसीय जनपद भ्रमण के दूसरे दिन विकासखंड खिर्सू के मीन्दाण गांव में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना साथ ही गांव में संचालित विभिन्न योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
चौपाल में मीन्दाण के ग्रामवासियों की विद्युत के झुके हुए पोल को ठीक करवाने की फरियाद पर सचिव ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह शीघ्र गांव व क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करते हुए झूलती तारों और खम्बो को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाना सुनिश्चित करें।
जल संस्थान को लेकर ग्रामीणों की शिकायत थी कि उनके द्वारा बिलों का भुगतान करने के बावजूद उन्ही बिलो को दुबारा उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है साथ ही कुछ व्यक्ति ऐसे हैं जो गांव में निवास नहीं करते हैं बावजूद इसके उनके नाम पर बिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिस पर सचिव द्वारा जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए गए की वे दस दिन के भीतर समस्या का समाधान करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
गांव की महिलाओं द्वारा मशरूम उत्पादन को लेकर व्यक्त की गई इच्छा पर सचिव भाषा विभाग द्वारा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए कि वे शीघ्र ग्रामसभा की खुली बैठक आहूत करवाते हुए गांव के इच्छुक महिला स्वयं सहायता समूह का नाम व प्लान प्रस्तुत करें। ग्रामीण महिलाओं की एक अन्य शिकायत थी कि गांव में जो पॉलीहाउस दिए गए हैं उनमें केवल एक ही बार फसल का उत्पादन हो पा रहा है दूसरी बार बोई गई फसल कामयाब नहीं हो पा रही है। जिस पर सचिव भाषा द्वारा जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए गए की वे पॉलीहाउस की मिट्टी की जांच व महिलाओं को पॉलीहाउस में उत्पादन को लेकर प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करें।
सचिव ने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि गांव के फार्म मशीनरी बैंक में रखे कृषि यंत्रों की स्थिति का तकनीकी परीक्षण करवाना सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीणों को कृषि यंत्रों के संचालन हेतु प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करें।
चौपाल में कृषि, उद्यान, पशुपालन, शिक्षा आदि विभागों द्वारा ग्राम-वासियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके उपरांत सचिव भाषा श्री रतूड़ी द्वारा गांव में कुकुट पालन फॉर्म का निरीक्षण किया गया साथ हीं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा गांव की महिलाओं को मशरूम उत्पादन के संबंध में दिए जा रहे प्रशिक्षण स्थल का जायजा लेते हुए प्रशिक्षण में उपस्थित महिलाओं से संवाद किया।
चौपाल में उप जिलाधिकारी लैंसडाउन शालिनी मौर्य, डी०डी०ओ० मनविंदर कौर, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ० देवेंद्र बिष्ट, तहसीलदार श्रीनगर हरीश जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग पाबौ के०एस०नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, खंड विकास अधिकारी शिव सिंह भंडारी, ग्राम प्रधान मीन्दाण मीना रावत, स्थानीय समाजसेवी धन सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित थे।
.jpg)
