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भ्रष्टाचार में लिप्त तीन न्यायिक अधिकारी हुए बर्खास्त

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

  भ्रष्टाचार में लिप्त तीन न्यायिक अधिकारी हुए बर्खास्त

 न्याय करने वालों पर ही सुपर न्याय का पडा चाबुक 

इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी और कठोर कार्यवाही


प्रयागराज: सौ दिन सुनार के एक दिन लुहार का यह कहावत चरितार्थ हुई है उत्तर प्रदेश के न्यायिक विभाग में। जहां भ्रष्टाचार में लिप्त तीन न्यायिक अधिकारियों को अपनी सेवाएं बर्खास्त होकर चुकानी पड़ी। मिली सूचना के आधार पर  उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) की प्रशासनिक समिति को पांच न्यायिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार (Corruption) के आरोप की शिकायत मिली थी। वहीं, जांच-पड़ताल के दौरान उत्तर प्रदेश में तैनात 3 न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोप को सही पाए जाने के बाद उन्हें बर्खास्त (Dismissed) कर दिया है। बता दें कि दो अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार (Corruption) के ठोस सुबूत नहीं मिलने के कारण हाई कोर्ट (High Court) ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी करेगी।

दरअसल, उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के जिन अधिकारियों को न्यायिक कदाचार का दोषी पाया गया है, उनमें अशोक कुमार सिंह (षष्ठम एडीजे), हिमांशु भटनागर, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और डॉ. राकेश कुमार नैन, स्पेशल जज अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम शामिल हैं। बता दें कि 28 मार्च 2001 को अशोक कुमार सिंह को अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), गाजीपुर के रूप में तैनात किया गया था। 4 जुलाई 2015 को उन्हें अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश बदायूं के रूप में नियुक्त किया गया। बीते 11 जुलाई 2015 को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।

वहीं, हिमांशु भटनागर को 19 मार्च, 1996 को अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में नियुक्त किया गया। जहां पर उन्हें 16 अप्रैल 2021 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलिया में तैनात किया गया था। इसके अलावा डॉ। राकेश कुमार नैन ने 11 अगस्त, 1999 को प्रदेश की न्यायिक सेवा में आए थे। इस दौरान वह स्पेशल जज (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण) अधिनियम), सिद्धार्थ नगर रहे हैं।

बता दें कि तीनों न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ मिलीं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के बाद आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद हाई कोर्ट ने सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद तीनों न्यायिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त (Dismissed) कर दिया। इसके सम्बन्ध में अधिसूचना/आदेश राज्य द्वारा जल्द जारी करने की सम्भावना है।

पूर्व विधि आयोग के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी की पुण्यतिथि पर किया याद


कोटद्वार पूर्व विधि और योजना आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय जगमोहन सिंह नेगी की पहली पुण्यतिथि पर उनके कार्यालय में उनके शिष्यों और कोटद्वार के वकीलों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देकर याद किया। उनके विनम्र स्वभाव को याद कर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर एडवोकेट  विधि आयोग के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी जी की पत्नी और उनकी बेटियां परिवार सहित उपस्थित थी। वही कोटद्वार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत वरिष्ठ एडवोकेट अरविंद वर्मा, वरिष्ठ एडवोकेट जसवीर राणा एडवोकेट नवीन आर्य एडवोकेट एहसान अहमद एडवोकेट सुरजीत बिष्ट सहित कई वरिष्ठ एडवोकेट और उनके सहयोगी मौजूद रहे। साथ मीडिया के लोगों में पुष्कर पवार, मनोज नौटियाल और सूरज कुकरेती ने भी श्रद्धांजलि सभा में प्रतिभाग कर नेगी जी को पुष्पांजलि देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने इस मौके पर नेगी जी के द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों, राजनीति में उनकी कार्यशैली और एक अच्छे और ज्ञाता एडवोकेट रूप के रूप में उनकी उपलब्धियों को सराहा। इस मौके पर उनके पूर्व शिष्यों  की आंखों में नमी भी देखी गई। वक्ताओं ने कहा कि एडवोकेट नेगी जैसा विशाल हृदय का व्यक्तित्व बहुत कम लोगों में देखने को मिलता है वह हर समय समाज के हर तबके को मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे उनमें ऊंच-नीच की भावना, जाती पाती की भावना बिल्कुल नहीं थी। हमेशा मानव को सरल रूप में लेते थे और जरूरतमंदों की मदद को सबसे आगे की पंक्ति में खड़े दिखाई देते थे।


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