बेटे के पोस्टमॉर्टम के लिए मांगे 50, सरकारी सिस्टम के आगे मां बाप लाचार
भीख मांगकर पोस्टमॉर्टम के लिए पैसे जुटा रहे मां बाप
समस्तीपुरः जब एक बाप को अपने बेटे को ही कंधा देने की नौबत आ जाए और बेटे का शव सामने होते हुए उसे कंधा देने का अधिकार छिन रहा हो तो उस बाप के दिल पर क्या गुजरी होगी…! एक तो बेटा चला गया वहीं सरकारी सिस्टम के जिम्मेदार जिन्हें लोग भगवान का दूसरा रूप मानते हो वहीं जब जुलम की इंतहा कर दे तो…? ऐसी ही एक घटना बिहार के समस्तीपुर जिले से आ रही है जहां सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों की धनलोलुपता ने बेबस बाप को अपने बेटे के पोस्टमॉर्टम और शव लेने के लिए एड़ियां रगड़ने पर विवश होना पड़ा। खबर के अनुसार अस्पताल कर्मियों ने बेबस बाप से पहले तो शव के पोस्टमार्टम के लिए 50 हजार जैसी बड़ी रकम मांग की,ऐसा करते वक्त न तो उन सरकारी मुलाजिमों की जुबान कांपी न ही दिल पसीजा। अपने जिगर के टुकड़े का शव पाने के लिए बूढ़े-लाचार मां-बाप भिक्षाटन करने को मजबूर हो गए। भीख से पैसे जुटा रहे हैं, ताकि बेटे के शव का पोस्टमार्टम हो सके और वे उसका अंतिम संस्कार कर सकें। ये वाकया समस्तीपुर के सदर अस्पताल का है। अव्यवस्थाएं की तमाम घटनाएं इस अस्पताल से तो रोजाना ही सामने आती हैं, लेकिन इस बार जब ये करुण वाकया सबके सामने आया तो लोगों का दिल पसीजे बिना नहीं रह सका। इसके बावजूद पोस्टमार्टम करने वालों के दिल नहीं पिघले।
मिली जानकारी के मुताबिक, मामला ताजपुर थाना क्षेत्र के कस्बे आहार का है। यहां के महेश ठाकुर का 25 वर्षीय पुत्र जो मानसिक रूप से विक्षिप्त था 25 मई से घर से लापता हो गया था । परिजन ने पहले तो अपने स्तर से काफी खोजबीन की, बाद में फेसबुक और व्हाट्सअप के माध्यम उसे ढूंढने की कोशिश की । 7 जून को उन्हें जानकारी मिली कि मुसरीघरारी थाना क्षेत्र से एक अज्ञात युवक के शव को पुलिस ने बरामद किया है। जिसके बाद परिजन मुसरीघरारी थाना पहुंचे। थाने से उन्हें जानकारी दी गई कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
मानवता को शर्मसार कर शव देने से भी किया इन्कार
पहले तो पोस्टमार्टम कर्मी ने शव दिखाने से आनाकानी की, लेकिन बाद में काफी गुहार के बाद उसे शव दिखाया गया। शव देखकर उसने अपने बेटे संजीव ठाकुर के रूप में बॉडी की पहचान की। आरोप है कि जब मृतक के पिता ने कर्मी से शव को उनके हवाले करने की बात कही तब कर्मी के द्वारा पचास हजार रुपये की मांग की गई। इतनी मोटी रकम देने से असमर्थ जताई तब पोस्टमार्टम कर्मी ने पिता को शव देने से इनकार कर दिया।
सिस्टम को कोस रहे हैं, लोग रुपये के लिए बेटे का शव पोस्टमार्टम कर्मी के द्वारा देने से इनकार किये जाने के बाद लाचार माँ बाप रुपया इकट्ठा करने के लिए भीख मांगने को विवश है। मां-बाप मुहल्ले में घूम-घूम आँचल फैलाये भिक्षाटन कर रहे हैं। वही इस लाचार माता पिता को देखकर हर कोई सिस्टम और सरकार को कोस रहा है । स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार इतना गरीब है कि बेटे के अंतिम संस्कार तक करने में असमर्थ ह। ऐसे में मुहल्ले के लोग थोड़ी बहुत रुपये देकर मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे है । सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के नाम पर रुपये मांगने का यह कोई पहला मामला नही है लेकिन हर मामले में शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के द्वारा जांच और कार्रवाई की बात कही जाती है । ऐसे में अब देखना है कि इतने संवेदनहीन कर्मी पर कब तक और क्या कार्रवाई होती है।
देश की राज दिल्ली की बेरहम मां, 48 डिग्री तापमान पर 5 साल की बच्ची को हाथ पैर बांध कर छत पर उल्टा लिटाया
दिल्ली। मां का नाम आते ही ममता की हिलोरों की मिठास जग उठती है। वहीं अगर बच्चा छोटा हो तो उस बच्चे के प्रति मां की ममता का कोई मोल नहीं होता। लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में एक बेरहम मां ने अपनी पांच साल की बेटी पर जो कहर ढ़ाया उसे और सुनकर अच्छे अच्छे की रूह कांप जाए। मिली सूचना के आधार पर बच्ची ने होमवर्क नहीं किया था। इस बात से नाराज मां ने उसके हाथ-पैर बांधे और तपती छत पर डाल दिया। भरी दोपहर में छत तबे की तरह गर्म थी। बच्ची का शरीर जल रहा था और वह दर्द के मारे तड़प रही थी, चीख रही थी और मां-मां कहकर बख्श देने की गुहार लगा रही थी, लेकिन उस निर्दयी मां की ममता नहीं पिघली। बच्ची काफी देर तक तपती दोपहर में छत पर तड़पती रही। वह खुद को छत से ऊपर उठाने की कोशिश करती ताकि जलने से बच सके, लेकिन पीछे की ओर कर बांधे गए हाथ के चलते ऐसा नहीं कर पा रही थी। काफी देर तक वह इसी तरह छटपटाती रही फिर बेसुध होकर एक ओर लुढ़क गई। घटना के 25 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वीडियो के वायरल होते ही दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि घटना तकमीरपुर के खाजुरी खास इलाके में घटी। पुलिस आरोपी मां के घर पहुंची और उससे पूछताछ की। मां ने बताया कि होमवर्क नहीं करने पर उसने अपनी बेटी को सजा दी थी। उसने 5-7 मिनट तक बच्ची को छत पर रखा फिर नीचे ले आई। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि आरोपी मां के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष स्वती मालीवाल ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए ट्वीट कर जानकारी दी कि दिल्ली की तेज धूप में एक बच्ची को खजूरी ख़ास में छत पे हाथ पाँव बांध के रोता चीखता छोड़ दिया गया। विडीओ में साफ़ दिख रहा है की बच्ची तड़प रही है। लड़की रेस्क्यू हो गयी है। मैंने दिल्ली पुलिस को नोटिस कर मामले में FIR की माँग की है।


