स्वामित्व योजना हेतु समीक्षा बैठक
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी गढ़वाल कैंप कार्यालय के वीसी कक्ष से जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने आज वर्चुअल के माध्यम से जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं तहसीलदार व संबंधित अधिकारी के साथ स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन हेतु समीक्षा बैठक ली। 15 अगस्त 2021 को मा0 प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समय से पूर्व कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगा। उन्होने प्राथमिक नक्शा तथा अन्तिम नक्शा इंट्रीब्यूटी कार्य सही तरह से शीघ्र करने के निर्देश दिऐ। कहा कि सभी राजस्व गांव का सर्वे किया जाना है, इसमें किसी प्रकार की दुविधा न रखें। कहा कि जिन-जिन क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे नहीं हुआ है वहा तत्काल ड्रोन सर्वे की कार्य करना सुनिश्चित करें तथा नक्शा 30 जून 2021 से पूर्व सर्वे ऑफ इंडिया को भेजना सुनिश्चित करेंगे। अंतिम नक्शा के बाद शीघ्र 10 दिन की नोटिस जारी करेंगे। जो कि 10 दिन के भीतर आपत्ति आने पर निस्तारण की कार्यवाही करेंगे। उन्होने कहा कि तैयार नक्शा को प्रत्येक सप्ताह जिला कार्यालय पौड़ी में एएलआरओ के पास समीट करेंगे, जिन्हे समय पर समन्यवय स्थापित करते हुए सर्वे आफ इण्डिया भारत सरकार को भेज दी जायेगी। कहा कि कार्य में तेजी लाने हेतु साप्ताहिक बैठक आहूत की जायेगी। सभी संबंधित अधिकारी दी गई जिम्मेदारी को गंभीरता से लेना सुनिश्चित करेंगे।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने जनपद के सभी तहसीलों की क्रमवार अद्यतन जानकारी संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार से लेते हुए कार्य में तेजी लाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। कहा कि कार्य में तेजी लाने हेतु आपसी समन्वय बनाये, तहसील स्तर से पूर्ण नक्शा यथाशीघ्र मुख्यालय भेजना सुनिश्ति करेंगे। जिस हेतु उन्होंने स्वामित्व योजना नोडल अधिकारी डा0 एस के बरनवाल से कार्यो को लेकर समन्वय बनाये रखने को कहा। कहा कि किसी भी प्रकार की कार्य को लेकर समस्या आने पर एएलआरओ एवं नोडल अधिकारी से संपर्क स्थापित कर निस्तारण करेगें। उन्होंने तहसीलों को आवंटित राजस्व गांव की जानकारी ली, कहा कि जल जीवन मिशन के रिपोर्ट के अनुसार संख्या में एकरूपता नहीं है। अपने आवंटित गांव का भली भांति जांच करने को कहा, साथ ही उन्होने प्राथमिक नक्शा, ड्रोन सर्वे एवं अंतिम नक्शा के कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए कम प्रगति वाले तहसीलदार एवं उपजिलाधिकारी के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कार्य में तेजी लाने हेतु कडी निर्देश दिये। अपर जिलाधिकारी डा0 बरनवाल ने कहा कि लक्षित संख्या करीब 985 नक्शा है, जिन पर तेजी से कार्य करते हुए पूर्ण नक्शा को सर्वे आफ इण्डिया भारत सरकार को भेजा जाना है। शीघ्र तैयार नक्शा को तहसील से आने वाले कार्मिक आदि के माध्यम से भी जिला मुख्यालय में एएलआरओ को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी पौड़ी श्याम सिंह राणा, डीपीआरओ एम एम खान, सहायक भूलेख अधिकारी नरेश नौड़ियाल, तहसीलदार एच एम खंडूरी, तहसीलों से उपजिलाधिकारी कोटद्वार, योगेश मेहरा, श्रीनगर रविन्द्र बिष्ट, सतपुली संदीप कुमार, लैसडोन अपर्णा ढौडियाल सहित खण्ड विकास अधिकारी, तहसीलदार आदि ने वीसी के माध्यम से प्रतिभाग कलाधिकारी गढ़वाल कैंप कार्यालय के वीसी कक्ष से जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने आज वर्चुअल के माध्यम से जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं तहसीलदार व संबंधित अधिकारी के साथ स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन हेतु समीक्षा बैठक ली। 15 अगस्त 2021 को मा0 प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समय से पूर्व कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगा। उन्होने प्राथमिक नक्शा तथा अन्तिम नक्शा इंट्रीब्यूटी कार्य सही तरह से शीघ्र करने के निर्देश दिऐ। कहा कि सभी राजस्व गांव का सर्वे किया जाना है, इसमें किसी प्रकार की दुविधा न रखें। कहा कि जिन-जिन क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे नहीं हुआ है वहा तत्काल ड्रोन सर्वे की कार्य करना सुनिश्चित करें तथा नक्शा 30 जून 2021 से पूर्व सर्वे ऑफ इंडिया को भेजना सुनिश्चित करेंगे। अंतिम नक्शा के बाद शीघ्र 10 दिन की नोटिस जारी करेंगे। जो कि 10 दिन के भीतर आपत्ति आने पर निस्तारण की कार्यवाही करेंगे। उन्होने कहा कि तैयार नक्शा को प्रत्येक सप्ताह जिला कार्यालय पौड़ी में एएलआरओ के पास समीट करेंगे, जिन्हे समय पर समन्यवय स्थापित करते हुए सर्वे आफ इण्डिया भारत सरकार को भेज दी जायेगी। कहा कि कार्य में तेजी लाने हेतु साप्ताहिक बैठक आहूत की जायेगी। सभी संबंधित अधिकारी दी गई जिम्मेदारी को गंभीरता से लेना सुनिश्चित करेंगे।
बारिश ने किसानों के खिलाए चेहरे, तो आमंजन को मिली गर्मी से राहत
कोटद्वार में शनिवार की सुबह हुई भारी बारिश ने जहां किसानों के चेहरे मैं रोनक ला दी, वहीं आमजन को भी गर्मी से भारी राहत मिली है। मानसून की दस्तक की यह पहली बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित है। किसानों की धान की फसल की तैयारी को लेकर शनिवार को हुई बारिश ने भूमि को नमी देने का काम किया है। मौसम की पहली बारिश ने काफी हद तक किसानों की मुराद पूरी कर दी, वहीं काफी दिनों से चली आ रही भीषण गर्मी और उमस ने लोगों को शकुन पहुंचाया है। भारी बारिश के चलते कोटद्वार नगर निगम के शहरी क्षेत्र मैं भले ही कई जगह भारी जलभराव देखने को मिला जिससे नगर निगम की बारिश पूर्व तैयारियों का भी पता चला। नगर निगम बारिश से हुए जलभराव की स्थितियों का आकलन कर रहा है उसके बाद जल निकासी के लिए नगर निगम द्वारा प्रयास किए जाएंगे। बताते चलें कि काफी दिनों से किसानों को खेती के लिए वर्षा जल की बहुत आवश्यकता थी। ट्यूबल वाले क्षेत्रों में नलकूपों पर भारी दबाव बना हुआ था। जिससे कि कई बार नलकूप खराब होने की शिकायतें भी सामने आ रही थी। नलकूप खराब होने से लोगों की पेयजल की समस्याएं भी बढ रही थी।
लैंसडाउन वन विभाग के कोटड़ी रेज में नियमों को ताक पर रख कराए जा रहे निर्माण कार्य
कोटद्वार लैंसडौन वन प्रभाग के तहत कोटी रेंज में इन दिनों मानकों को ताक पर रख कराए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों से पता चलता है कि यह निर्माण कार्य अपने खासम खास चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं। बताते चलें कि लैंसडौन वन विभाग का अधिकांश भाग बफर जोन में आता है जहां पर मशीनों से कार्य करवाना संवैधानिक रूप से मान्य नहीं है परंतु लैंसडौन वन प्रभाग के कोटरीरेंज में मशीनों से धड़ल्ले से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। यही नहीं बरसात के मौसम में नदियों में पक्के निर्माण कार्य जो कि बफर जोन में प्रतिबंधित है कराए जा रहे हैं। जबकि पूर्व में कराए जा रहे निर्माण कार्य अधूरे कराकर छोड़ दिए गए हैं। जिससे सरकारी धश का भारी अपव्यय हुवा है जिसकी उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए।
जून के दूसरे सप्ताह में नदियों में रपटों का पक्का निर्माण भी बहुत बडै घोटाले की बुनियाद तैयार कर रहा है। कोटड़ी रेंज में इन दिनों कोल्हू नदी पर रपटों का जो काम किया जा रहा है वह बरसात की शुरुआत में जबकि बरसात सर पर है बजट को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से कराया जा रहा है लगता। वन महकमे के अधिकारियों और कुछ वन मंत्री के खासम खास द्वारा अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर कार्य कराए जा रहे हैं ऐसा ही एक कार्य कोटद्वार रेंज और कोटरी रेंज से जुड़े हाथी दीवाल का भी है जोकि अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई जा रही है ना कि ग्रामीणों को लाभ के लिए। कोटरी रेंज और कोटद्वार रेंज के कोटड़ी ढांग से लेकर सिद्धबली तक पूर्व में भी हाथी दीवाल का निर्माण कार्य किया जा चुका है जो की कई जगह पर क्षतिग्रस्त भी हुई है इसके बावजूद भी वन विभाग द्वारा पूर्व दीवाल को ठीक करने के बजाय नए सिरे से कोटद्वार रेंज में मुख्य रूप से हाथी दीवाल का काम किया जा रहा है। इन हाथी दीवारों में ठेकेदारों द्वारा नियमों को ताक कर कच्चे पत्थरों बिना बुनियाद और पांग वाले रेत का इस्तेमाल कर खुलेआम निर्माण कार्य किया किया जा रहा है। कार्यदाई संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारी भी निर्माण कार्य ठकी क्वालिटी को नजर अंदाज कर रहे हैं।