कोटद्वार के निजी स्कूल से नहीं हुई करोड़ों की सरकारी वसूली
नदी की भूमि में चल रहा निजी विद्यालय विद्यालय संचालक ने शिक्षा विभाग को गलत सूचना देकर ले ली मान्यता
विद्यालय संचालक ने दूसरे की भूमि अपनी भूमि बता कर विद्यालय को दी लीज में भूमी। विद्यालय को भूमी वेदखली के आदेश हुए हैं जारी
राजस्व विभाग के अनुसार नदी जहां विद्यालय है वह भूमि जेड ए श्रेणी की है।
2014 से पूर्व राजस्व अभिलेखों में नहीं है विद्यालय दर्ज
बिना मान्यता के इंटर की कक्षाएं संचालित हो रही
राजस्व विभाग ने 2002 से 2014 तक विद्यालय पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने पर लगाया है एक करोड़ तिरसठ लाख अस्सी हज़ार का जुर्माना
2020तक राजस्व विभाग नही वसूल कर पा रहा सरकारी धन। दबाव में कोटद्वार तहसील प्रशासन।
शिक्षा विभाग की भूमिका विद्यालय पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान।
विद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य और जीवन से कर रहा खिलवाड़,शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी न बन जाए मुसीबत।
कमजोर और निर्धन का होता कब्जा तो फौरन हो गई होती वसूली

