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नव दम्पत्ति विवाह पूर्व बनवाएं स्वास्थ्य कुण्डली

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

  स्वास्थ्य जन्मकुंडली बनवाने को लेकर जागरूकता अभियान का संकल्प लेकर साईकिल यात्रा पर चिकित्सक 


कोटद्वार। समाज में अनेक ऐसी कुरुतियां, बुराईयां और भेद-भाव सभ्य मानव समाज को कई समस्याओं के घेरे में ले लेते हैं,जिस कारण समाज का स्वरूप कुरुपता का शिकार हो जाता है। ऐसी एक बुराई वर्तमान समाज में बेमेल विवाह और परिवार के टूटने का कारण बन जाता है। यह विवाह किसी भी धर्म, सम्प्रदाय या जाति का हो सभी में विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद, सास-ससुर से विवाद जैसी समस्याओं को जन्म देने का कारण बन जाता है वह विवाह है बिना स्वास्थ्य जन्मकुंडली के विवाह होना।

  इस समस्या को भली-भांति महसूस किया है मेरठ मेडिकल कॉलेज के हेमाटोपैथोलोजिस्ट और सोसल एक्टीविस्ट प्रोफेसर डॉ. अनिल नौसरान, एमडी. जो इस प्रकार की सामाजिक बुराई के खिलाफ वर्षों से संघर्ष कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। डॉ अनिल के अनुसार जिस प्रकार हिन्दू समाज में विवाह पूर्व जन्मपत्री मिलाकर नव दम्पत्ति के सुखमय की बुनियाद तैयार की जाती है,उसी प्रकार वर्तमान में आधुनिकता और भौतिकता के युग की बेतहाशा भागदौड़ की जिंदगी में मनुष्य अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दे पा रहा। न सही खानपान का समय,न आराम का सही समय और न ही अपने शारीरिक श्रम और व्यायाम का। इसका परिणाम यह हो रहा है कि युवाओं की शारीरिक क्षमताओं में कमियां पैदा हो रही हैं,जिसका सीधा प्रभाव उनके वैवाहिक जीवन में पड़ रहा है। विवाह के पश्चात कई नव दम्पत्तियों में शारीरिक कमियों के चलते डिप्रेशन, विवाह का टूटना, पारिवारिक झगड़े, के कारण परिवार के परिवार बर्बाद हो रहे हैं। इसलिए डॉ अनिल परिवारों को इन समस्याओं से बचाने के लिए पूरे देश में ” शादी से पहले मेडिकल कुण्डली बनवाएं लड़के लड़की का HIV टेस्ट कराएं असाध्य रोग से मुक्ति पाएं।” स्लोगन के साथ साईकिल यात्रा पर निकले हैं। इसी यात्रा के दौरान गढ़वाल भ्रमण पर निकले डॉ अनिल नौसरान से मिलने का मौका मिला और उनके समाज के लिए किए जा रहे पुनित कार्य का पता चला। समाज के ऐसे ही छुपे रुस्तम समाज को सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक करने के लिए  नींव के पत्थर की भूमिका निभा रहे हैं।

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