कोटद्वार बेस हॉस्पिटल में इमरजेंसी सेवा के लिए दस बेड के आईसीयू यूनिट का शुभारंभ
सीएमएस को मिला आवश्यक जरुरी स्टाफ रखने का अधिकार।
कोटद्वार में कोविड संक्रमितों के लिए पांच सौ बेडों की व्यवस्था
कोटद्वार।कोविड नाइन्टीन महामारी के तहत पौड़ी जिले के प्रभारी व वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कोटद्वार बेस हॉस्पिटल में इमरजेंसी सेवा के लिए दस बेड के आईसीयू सेंटर का जनता के लिए शुभारंभ किया। उक्त सेंटर पर केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार का लगभग तीन करोड़ रुपए रुपए खर्च हुआ है। वनमंत्री रावत ने बताया कि इसके बाद जल्दी ही पचास बेड का आइसीयू और तैयार किया जायेगा । मा०मंत्री जी द्वारा बताया गया कि अब तक कोटद्वार में आइसोलेशन के लिए सौ बेड बेस हॉस्पिटल में नब्बे बेड कौड़िया जीएमवीएन के गेस्ट हाउस मे, सौ बेड विभिन्न होटलों में तैयार है, सौ बेड की तैयारी बेस अस्पताल में और की जा रही है । इस प्रकार कोटद्वार में इमरजेंसी के लिए चौबीस घंटे पांच सौ बेडो की व्यवस्था रहेगी। साथ वन मंत्री ने केंद्र व प्रदेश में उच्च अधिकारियों से बात कर ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली कंपनी को तुरंत प्लांट शुरू करने का आदेश दिया है। मंत्री जी ने कहा कि सभी लोग धैर्य रखें व अनावश्यक बाहर न निकले, ऑक्सीजन की मांग तभी करें जब डॉक्टरों ने सलाह दी हो । सरकार द्वारा पूरी व्यवस्था कर दी गई है जिसमें लगभग पांच सौ बेड कोटद्वार में तथा दो सौ बयालिस बेड श्रीनगर बेस चिकित्सालय मे चौबीस घण्टे ऐवेलेबल है तथा इन्हे और भी बढाया जा रहा है। कोटद्वार के सभी अस्पताल कर्मचारीयो को सीएमएस के अधीन कार्य करने को कहा गया है व सीएमएस को आपात स्थिति मे संविधा पर स्टाफ रखने की छूट देदी गयी है । इस अवसर पर डॉ शर्मा ,हॉस्पिटल मैनेजर रावत,सीपी नैथानी, सुरेंद्र गुसाईं ,सुधीर बहुगुणा आदि मौजूद थे ।
नकली रेमेडीसिविर इंजेक्शन बनाने वाले गैंग के 5 शातिर कोटद्वार उत्तराखंड से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने उत्तराखंड पुलिस की नाक के नीचे पकडे शातिर
उत्तराखंड पुलिस मात्र हेलमेट और मास्क ढूंढने में मशगूल
कोटद्वार।दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली रेमेडेसिविर इंजेक्शन बनाने और उन्हें बेचने वाले गैंग के 5 लोगों को कोटद्वार उत्तराखंड से गिरफ्तार किया। इन नकली इंजेक्शन को 25 हजार रुपये में ये जरूरतमंदों को बेचा करते थे। क्राइम ब्रांच डीसीपी मोनिका भारद्वाज की टीम ने एक जानकारी के बाद कोटद्वार की इस फैक्ट्री में छापा मारकर यहां से नकली इंजेक्शन, पैकिंग डिब्बे और मशीन बरामद की है। पुलिस ने बताया कि यह लोग एक इंजेक्शन को 25 हजार रुपये में बेचते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से रेमडेसिविर के 196 नकली इंजेक्शन बरामद किए हैं और साथ ही इंजेक्शन पैक करने के लिए काम आने वाले 3000 वायल्स भी पुलिस ने बरामद किए हैं।आपको बता दें कि नकली असली रेमडेसिविर इंजेक्शन की पहचान कैसे करे इसके लिए क्राइम ब्रांच की डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने ट्वीट किया था। क्राइम ब्रांच की टीम को जानकारी मिली थी कि यह गैंग नकली इंजेक्शन बनाकर लोगो की परेशानी का फायदा उठा रहा है।
बता दें कि इस समय देश के कई राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर ने कहर मचाया हुआ है। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही वजह है कि अधिकांश जगहों पर इंजेक्शन की भारी किल्लत देखने को मिल रही है और इसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते उत्तराखंड भी रेमडेसिविर की कमी से जूझ रहा है।
गजब की बात यह है कि उत्तराखंड की पुलिस को इस मामले की भनक तक नहीं मिली।मिलती भी कैसे उत्तराखंड पुलिस तो मात्र हेलमेट और मास्क के पीछे जो पडी है उसे तो कोटद्वार में सबसे बड़ा अपराध विना मास्क और हेलमेट नहीं पहनने वाले जो नजर आते हैं। वहीं कोटद्वार के अवैध कारोबार पर नजर रखने की जिम्मेदारी जो दस पंद्रह सालों से कोटद्वार में टिके पुलिस कर्मी हैं उन पर जो है…….!

