उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट निवासी लकी बिष्ट ने मात्र 16 वर्ष की उम्र में कमांडो ट्रेनिंग शुरू की थी। RAW एजेंट के रूप में उन्होंने इजराइल में अढ़ाई साल तक सेवा दी और कई गुप्त मिशनों को अंजाम दिया। वे भारतीय सुरक्षा बलों के बेहतरीन स्नाइपर और जासूस भी रहे हैं।
नैनीताल में गैंगस्टर की हत्या के आरोप में जेल जाने से लेकर बॉलीवुड तक का सफर (Commando Lucky Bishts Discussion for Raw Hitman2)
लकी बिष्ट का जीवन हमेशा संघर्षों से भरा रहा है। साल 2011 में उन पर भवाली-नैनीताल के निकट श्यामखेत के पास उत्तराखंड के एक बड़े गैंगस्टर की हत्या का आरोप लगा और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। हुआ यह था कि 6 सितंबर 2011 की सुबह श्यामखेत के पास एक कार में हल्द्वानी के पनियाली लोहरियासाल निवासी हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र सिंह बिष्ट उर्फ राजू परगाईं और राजपुरा निवासी अमित आर्या की लाश मिली थी। हत्या धारदार हथियारों और पत्थरों से सिर कुचलकर की गई थी। घटना से जिले में हड़कंप मच गया था।
राजू के मामा जमन सिंह ने तब पनियाली हल्द्वानी निवासी और सेना में कमांडो लक्ष्मण सिंह बिष्ट उर्फ लकी और दमुवाढूंगा निवासी हृदयेश कुमार के विरुद्ध भवाली कोतवाली में हत्या का अभियोग दर्ज किया था। पुलिस ने कमांडो और हृदयेश को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस की जांच में छड़ैल निवासी वीरेंद्र बोरा, ऊंचापुल निवासी प्रकाश बोरा और दमुवाढूंगा निवासी मनीष कुमार उर्फ मंटू के नाम भी सामने आने पर इन तीनों के विरुद्ध भी हत्या का अभियोग दर्ज किया गया।
मामले में अदालत में आरोप पत्र पेश होने के बाद सुनवाई पहले एडीजे द्वितीय और उसके बाद एडीजे प्रथम की अदालत में हुई। एडीजे प्रथम नितिन शर्मा के समक्ष हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह परीक्षित कराए गए। आरोपितों की ओर से अधिवक्ताओं ने पैरवी करते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। इस पर 6 मार्च 2018 को हुई अंतिम सुनवाई में अदालत ने ठोस साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपितों को दोषमुक्त करने का आदेश दे दिया। तीन वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहने के दौरान उन्हें 11 अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित किया गया। 11 मार्च 2015 को उन्हें रिहा किया गया।
फिर से सेना में वापसी और बॉलीवुड में कदम (Commando Lucky Bishts Discussion for Raw Hitman2)
लकी बिष्ट 2018 में फिर से विशेष बलों में शामिल हुए और 2019 में सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद उन्होंने RAW की नौकरी छोड़कर फिल्म लेखन में कदम रखा और अब तक तीन वेब सीरीज और एक फिल्म लिख चुके हैं। उन्हें बिग बॉस में आने का ऑफर भी मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।
अब्बास-मस्तान जैसे बॉलीवुड के बड़े फिल्म निर्माता उनकी कहानी पर फिल्म और वेब सीरीज बनाने की योजना बना रहे हैं। लकी बिष्ट की कहानी साहस, संघर्ष और सफलता की मिसाल है, जो युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है।
