देवभूमि में कुदरत का कहर
चमोली के एड़ी गांव में फटा ग्लेशियर
जोशीमठ के समीप तपोवन के ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट में फटने से भारी तबाही
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 7 लोगों की मौत 35 से ज्यादा लोग टनल में फंसे, कई लोगों की गायब होने की भी आशंका।
एनडीआरएफ एसडीआरएफ आइटीबीपी उत्तराखंड पुलिस के जवान सहित सेना के जवान भी हताहतों को बचाने में जुटे।
गंगा प्रोजेक्ट मैं पूर्व में भी हो चुका है हादसा
2013 के बाद 2021 में आई आपदा ने उत्तराखंड को हिला कर रख दिया।
भू वैज्ञानिकों और मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सरकार को केवल मैपिंग नहीं आकलन भी करना होगा।
2005 में स्वीकृत हुआ था ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट व काम 2011से शुरू हुआ।
उत्तराखंड में आवश्यकता से अधिक डैमो के निर्माण से भी इस प्रकार के हादसों की आशंका ज्यादा बनी।
मानकों को ताक पर रखकर बनाए जा रहे हैं उत्तराखंड में पावर प्रोजेक्ट। पर्यावरण को पहुंच रहा है भारी नुकसान। भविष्य में भी भारी तबाही की आशंका
शुरुआत से ही विवाद में रहा पावर प्रोजेक्ट, ग्रामीणों के भारी विरोध के वावजूद बनाया जा रहा है पावर प्रोजेक्ट।