डेंगू की तैयारी को ढेंगा दिखाता कोटद्वार नगर निगम का स्वच्छता विभाग
कोटद्वार शहर में डेंगू को दावत दे रहे खाली प्लाट
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में खाली प्लाट बने बीमारियों का वेडिंग प्वाइंट
डेंगू रोकथाम के लिए गंभीरता से कार्य करेंः जिलाधिकारी।
कोटद्वार। जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए लिए दिशा निर्देश तो जारी किए लेकिन भौतिक स्थिति को नजरअंदाज कर। मामला कोटद्वार सहित सभी नगर निकाय, नगर पालिका और नगरनिगम क्षेत्रों का है। कोटद्वार नगर निगम सहित, श्रीनगर, सतपुली, दुगड्डा के शहरी क्षेत्रों में भूमाफिया, प्रोपर्टी डीलरों व धन्ना सेठों के खाली पड़े भूमि प्लाट बीमारियों को न्यौता देते नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि शहरों के खाली प्लाटों में आसपड़ोस सहित नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत के सफाई कर्मी भी कूड़ा डालकर स्वच्छता की खानापूर्ति करते नजर आते हैं, वहीं सफाई कर्मचारी खाली प्लाटों से कूड़ा उठाने में परहेज करते हैं जिससे आसपास के क्षेत्रों में बीमारियों का प्रकोप बना रहता है। यही नहीं नगर निकायों के अधिकारी एसी आफिस में बैठकर स्वच्छता की बोकस रिपोर्ट शासन को भेजकर गुमराह करते नजर आते हैं। नगर निकायों के अधिकांश अधिकारी स्वच्छता अभियान के नाम पर शाहन प्रशासन को गुमराह करते नजर आते हैं। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही, नगर निकायों के अधिकारियों की सफाई कर्मचारियों पर मेहरबानी शहरी क्षेत्रों में बीमारियों का कारण बन रही है। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही और नगर निकायों जिसमें नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के लोग बीमारियों का दंश झेल रहे हैं। नगर निकायों द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में न तो फागिग की जा रही न ही ब्लीचिंग और अन्य बीमारियों को रोकने वाले रासायनिक छिडकाव।
बताते चलें कि पौड़ी जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा सोमवार को शतकों तक पहुँच गया। जिलाधिकारी भी आपदा और मूसलाधार बारिश के बाद अब जागकर निर्देश जारी कर रहे हैं जभ पानी सर से ऊपर गुजरने लगा है।
जिलाधिकारी ने एनआईसी कक्ष में ली डेंगू रोकथाम की बैठक।
जिलाधिकारी ने डेंगू रोकथाम के संबंधित अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश।
सूचना विभागः दिनांकः 11 सितंबर, 2023ः जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने एनआईसी कक्ष में डेंगू रोग के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व नगर निकायो के अधिकारियों को डेंगू वाले क्षेत्रों में निरंतर रूप से फॉगिंग करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने मलेरिया अधिकारी द्वारा डोर-टू-डोर डेंगू रोकथाम की सर्वे नहीं करने व सहायक नगर आयुक्त द्वारा निरंतर रूप से फॉगिंग नहीं करने पर वेतन रोकने के निर्देश दिये। जबकि सहायक नगर आयुक्त श्रीनगर को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि प्रतिदिन घर-घर जाकर फॉगिंग कर उसकी फोटोग्राफ्स उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने मलेरिया अधिकारी को गत वर्ष जिन वार्ड, गल्ली-मुहल्ला में जिन व्यक्तियों को डेंगू की पुष्टि हुई है व इस वर्ष भी उन्हीं वार्ड, गल्ली-मुहल्ला में डेंगू के मरीज मिले हैं तो उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जिससे वहां डेंगू से निजात दिलाने हेतु आवश्यक कार्यवाही समय पर की जा सकेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रीनगर, कोटद्वार व यमकेश्वर में डेंगू कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जनपद में डेंगू के मामले कुल 99 हैं। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व नगर निकाय के अधिकारियों को डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर रूप से प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये हैं। जिससे बड़ते डेंगू मामलों की संख्या कम की जा सकेगी।
उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा है कि डेंगू रोकथाम हेतु निरंतर रूप से श्रीनगर शहर के समस्त वार्ड, गल्ली-मोहल्लों में फॉगिंग की जा रही है। यदि शहर में ऐसे क्षेत्र छूट जाते हैं तो ऐसे जगहों पर फॉगिंग हेतु सफाई निरीक्षक को निर्देशित किया जायेगा।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 प्रवीण कुमार, सीएमएस बेस चिकित्सालय श्रीकोट डॉ0 रविन्द्र बिष्ट, एसीएमओ डॉ0 रमेश कुंवर, मलेरिया अधिकारी डॉ0 इंद्रपाल सिंह, सीएमएस डॉ0 नीरज कुमार रॉय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।