डबल इंजन सरकार द्वारा कोटद्वार की उपेक्षा को लेकर उमडा जनसैलाब
कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र की महिला मंगल दलों का सरकार को अल्टीमेटम
“विकास स नहीं तो वोट नहीं “
पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के आह्वान पर कोटद्वार में विकास में बाधक उत्तराखंड सरकार के खिलाफ विशाल जनांदोलन
कोटद्वार। कोटद्वार विधानसभा में बरसात के बाद से उजड़े कोटद्वार की डबल इंजन सरकार की लगातार उपेक्षा से नाराज़ जनमानस जिसमें मातृशक्ति, पूर्व सैनिक संगठन, स्थानीय सामाजिक जनप्रतिनिधि, किसान व आम जनमानस द्वारा कोटद्वार में चार महीने बीत जाने पर भी, लालढांग चिल्लरखाल मार्ग, स्थानीय पुलों, सड़कों, मेडिकल कॉलेज, केन्द्रीय विद्यालय स्थापना को लेकर बयान बाजी का ढिंढोरा पीटने पर आक्रोश जताते हुए विशाल जनरैली निकाल कर सरकार के खिलाफ वादाखिलाफ़ी के नारों के साथ प्रदर्शन किया।
चिल्लरखाल बैरियर से शुरू जनाक्रोश रैली क्षतिग्रस्त मालन पुल पर जनसभा में तब्दील हो गई, जहां वक्ताओं ने डबल इंजन सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए विकास नहीं तो वोट नहीं का ऐलान कर दिया।
मातृशक्ति ने सरकार के जनप्रतिनिधियों को घेरते हुए आरोप लगाया कि बरसात के बाद मालन भाबर को काला पानी बना दिया है। विकास से जुड़ी तमाम योजनाओं पर विराम लगा हुआ है। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के वक्ताओं ने कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों को गुमराह कर रही है कोटद्वार में सैनिक परिवारों की लम्बे अर्से से कोटद्वार में सैनिक स्कूल/केन्द्रीय विद्यालय की मांग पर टालमटोल किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज कॉलेज के नाम पर ओछी राजनीति की जा रही है। कोटद्वार की लाईफ लाईन मालन नदी के पुल को जानबूझकर कर लटकाया जा रहा है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और जनसेवकों द्वारा कोटद्वार विधानसभा में विकास कार्य जानबूझकर लटकाए जाने का आरोप सरकार पर लगाए। वक्ताओं ने कहा कि कोटद्वार की जनता अब बहकावे में नहीं आएगी, कोटद्वार की उपेक्षा करना सरकार को भारी पड़ सकता है।


