वन दरोगा भर्ती में घपरौल करने वाले नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
लोक संवाद टुडे
घपरौल सरकार के शासनकाल में वनविभाग के वन दरोगा भर्ती घपरौल में अब नौ घपरौली दबोचे
देहरादून। उत्तराखंड की घपरौल सरकारों में विभिन्न विभागों की नियुक्तियों में एक के बाद एक घपरौल (भ्रष्टाचार) जो बीज बोया था वह बीज जम तो गया परन्तु जल्दबाजी में बोए गए बीज की बोने से पहले सही तैयारी न करने पर अब पेड़ बनने से पहले कीड़ा लग गया। ऐसा ही कुछ उत्तराखंड में वन विभाग में हुए वन दरोगा भर्ती मामले में भी प्रकाश में आया जब वन दरोगाओं को भ्रष्टाचार रूपी दीमक ने चाटना शुरू किया। अब जब सरकार की नींद खुली तो आनन फानन में ट्रीटमेंट के बहाने कार्यवाही शुरू की जा रही है। उसी के तहत वन दरोगा के 316 रिक्त पदो की भर्ती प्रक्रिया में गडबडी करने वाले नौ लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार साईबर क्राइम थाने में तैनात एसआई राजेश ध्यानी ने रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि वर्ष 2021 में 14 जुलाई से 25 जुलाई तक वन दरोगाओं के 316 पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा हुई थी जिसमें अनुज कुमार पुत्र ऋषिपाल निवासी कल्याणपुर रूडकी जनपद हरिद्वार, दीक्षित कुमार पुत्र रमेश चंद निवासी जमालपुर हरिद्वार, मौहम्मद जीशान पुत्र मुस्तकीम निवासी नगला खुर्द लक्सर हरिद्वार, मौहम्मद मजिद पुत्र अब्दुल हमीद निवासी जौरासी मस्त लढौरा मंगलौर हरिद्वार, सचिन कुमार पुत्र राजवीर निवासी तेलीवाला शिवदासपुर कलियर हरिद्वार, शेखर कुमार पुत्र कंवर पाल निवासी रायसी पोडोवाली लक्सर हरिद्वार, रविन्द्र सिंह पुत्र योगेन्द्र सिंह निवासी वार्ड नम्बर 11 लक्सर हरिद्वार, प्रशांत कुमार पुत्र बाबू राम निवासी खानपुर हरिद्वार व अश्वनी कुमार पुत्र ईश्वर चंद निवासी आसफ नगर मंगलौर हरिद्वार के द्वारा षडयंत्र कर धोखाधडी करते हुए पेपर लीक कराया गया। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।