गोखले मार्ग बाजार में अतिक्रमण अतिक्रमणकारियों की नाक का सवाल
हम नहीं सुधरेंगे न सुधरने देंगे!
किस में है दम जो हमें सुधार सकें ?
जनप्रतिनिधि और नगर निगम प्रशासन हमारी जेब में चाहे जितना जोर लगा लो नहीं होगा टस से मस।
गोखले मार्ग अतिक्रमणकारियों का जोड़ है, चाहे जितना जोर लगा लो नहीं टूटेगा।
सफेद पट्टी नगर निगम पुलिस प्रशासन यानी शांत रहो शांति से रहने दो तुम भी खाओ हमें भी खाने दो। जितना चाहे लूट सको हम भी साथ हमें भी साथ ले लो।
कोटद्वार में गोखले मार्ग में लगने वाला फड बाजार वह बाजार है जो किसी भी जनप्रतिनिधि चाहे वह मंत्री हो, विधायक हो, मेयर हो या पार्षद। या फिर अधिकारियों में जिला अधिकारी, उप जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, एसपी, एएसपी, सीओ या कोतवाल को घुटने टेकने में विवश कर देता है। मजाल जो कोई भी इन पर आंखें तरेर सके ? मुट्ठी भर बाजार किस प्रकार पूरे जिले के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को अपनी उंगलियों में नचा रहा है यह गोखले मार्ग में आसानी से देखा जा सकता है। गोखले मार्ग के व्यापारी राज्य के मंत्रियों को भी एड़ियां रगड़ने में विवश करने का दम भरते हैं चाहे वह वर्तमान होंया पूर्व। वह गोखले मार के व्यापारीयों से आसानी से सीखा जा सकता है। नगरपालिका बनने के बाद से नगर निगम और कोटद्वार विधानसभा तक को अपने व्यवसाय कौशल, से अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को अपने आगे पीछे घुमाने में माहिर गोखले मार्ग के तमाम फड और स्थाई व्यापारियों को आज तक नहीं हिला मिला पाना व्यापारियों की राजनीतिक कुशलता भी कही जा सकती है। राजनीतिक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को गोखले मार्ग के व्यापारियों से सीख लेनी चाहिए कि कैसे एक जगह पर स्थाई रूप से टिका जा सकता है। चाहे जनता, विरोधी और मीडिया कितना ही हो हल्ला मचा ले, छुटपुट बारिश से कुछ नहीं बिगड़ता वैसे ही गोखले मार्ग फड बाजार का कुछ नहीं बिगड सकता। धन्य है गोखले मार्ग बाजार के व्यापारी।
