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गैरसैंण राजधानी बनाने को लेकर अनशन आन्दोलन 16वें दिन भी जारी

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रिपोर्टर: Author August 5, 2026

  गैरसैंण राजधानी बनाने को लेकर अनशन आन्दोलन 16वें दिन भी जारी 

सड़क से सदन तक घेराबंदी—अनशन के 16वें दिन सुरेंद्र सिंह रावत का संकल्प

क्रांतिकारी युवा जोश बॉबी पंवार और त्रिभुवन चौहान का भी मिला समर्थन

 पूर्व IAS विनोद रतूड़ी की हुंकार से हिला सत्ता का गलियारा 

     देहरादून, 23 मार्च 2026। उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण के स्वाभिमान की मशाल अब एक ऐसे ‘दावानल’ जंगल की आग का रूप ले चुकी है, जिसे बुझाना अब सरकार के वश में नहीं रहा। एकता विहार में जारी ‘प्रण से प्राण तक’ महा-अनशन के 16वें दिन आज आंदोलनकारी सुरेंद्र सिंह रावत अनशन की वेदी पर बैठे। कल जहाँ विधायक लखपत सिंह बुटोला ने इस संघर्ष को सदन की ऊर्जा दी थी, वहीं आज बेरोजगार संघ एवं स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार और त्रिभुवन चौहान ने धरना स्थल पहुँचकर आंदोलन को युवा शक्ति का प्रचंड वेग दे दिया है।

अनशनकारी सुरेंद्र सिंह रावत ने फौलादी तेवरों के साथ कहा: सरकार हमारी खामोशी को हमारी कमजोरी समझने की भूल न करे। 16 दिन का यह तप अब उस ज्वालामुखी में तब्दील हो चुका है, जिसकी तपिश विधानसभा के बंद कमरों तक पहुँच रही है। गैरसैंण हमारा अधिकार है और हम इसे छीन कर रहेंगे।

बॉबी पंवार ने सरकार के मनोविज्ञान’ पर चोट करते हुए दहाड़ मारी: यह सरकार केवल लाठियों और मुकदमों की भाषा समझती है, लेकिन याद रहे कि जब युवा जागता है तो भूगोल बदल जाता है। पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी जी जैसे अनुभवी व्यक्तित्व का मार्गदर्शन और प्रदेश के युवाओं का जोश अब इस बहरी सत्ता के पतन का कारण बनेगा। हम अब याचना नहीं, रण करेंगे। त्रिभुवन चौहान ने कहा कि गैरसैंण की लड़ाई अब हर उस पहाड़वासी की लड़ाई है जिसे 25 सालों से छला गया है। अब हिसाब होगा और वह भी डंके की चोट पर।मुख्य संयोजक पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी ने इस बढ़ते समर्थन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधि विधायक और युवा नेता एक ही सुर में बात करने लगें, तो समझ लीजिए कि व्यवस्था के ‘बदलाव’ की घड़ी आ चुकी है। 

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