गुलदार दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
कोटद्वार। अंतरराष्ट्रीय गुलदार दिवस के अवसर पर गढ़वाल वन प्रभाग द्वारा सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए ‘वन एवं वन्यजीव’ विषय पर और कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘वनाग्नि का वन एवं वन्यजीवों पर प्रभाव’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
उपप्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी आयशा बिष्ट ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से छात्रों को गुलदार की पारिस्थितिकी तंत्र में महत्ता, मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रमुख कारण और गुलदार के साथ मानव के सह-अस्तित्व के लिए आवश्यक जीवनशैली में परिवर्तन के बारे में जानकारी दी।
कक्षा 1 से 5 तक के वर्ग में ‘वन एवं वन्यजीव’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता में आशवी सैनी प्रथम स्थान पर, आयांश द्वितीय तथा समृद्धि तीसरे स्थान पर रहीं जबकि कक्षा 6 से 8 तक के वर्ग में ‘वनाग्नि का वन एवं वन्यजीवों पर प्रभाव’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता में नाविका बोरा प्रथम स्थान पर, आरोही भंडारी द्वितीय तथा अविकल रोडियल तीसरे स्थान पर रहे।
आयोजित कार्यक्रम में एसडीओ लक्की शाह, उप-प्रभागीय वन अधिकारी थलीसैंण, सेंट थॉमस प्रबंधक फादर जीजो पैलाथिंकल, प्रिंसिपल सिस्टर सौमिनी, शिक्षक और नागदेव रेंज के कार्मिक उपस्थित रहे।
जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार में 8 मई को निर्यात संवर्धन कार्यशाला आयोजित
कार्यशाला में भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शनिवार से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू
कोटद्वार। जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार के तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तर निर्यात संवर्धन एवं RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यशाला का आयोजन 8 मई, 2025 को किया जाएगा। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को निर्यात के क्षेत्र में सशक्त बनाना एवं राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के प्रदर्शन को बेहतर बनाना है।
कार्यशाला में भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आज शनिवार से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू कर दी गई है।
जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग ने बताया कि कार्यशाला में भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों के विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं एवं अनुभवी उद्योगपतियों द्वारा उद्यमियों को मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही कार्यशाला न केवल जानकारी का आदान-प्रदान करने का मंच होगी, बल्कि यह स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।
कार्यशाला में उत्तराखंड निर्यात पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया, RAMP योजना की विशेषताएं एवं लाभ, स्थानीय उद्यमियों एवं उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ नेटवर्किंग के अवसर, निर्यात से जुड़े दस्तावेज़ीकरण, प्रोत्साहन योजनाएं एवं सरकारी नीतियों की जानकारी, निर्यात के लिए तैयार व्यवसायों को मिलने वाली सरकारी सहायता आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।