गढ़वाल।अवसाद,पलायन और बेरोजगारी से आहत गढ़वाल मंडल की सामाजिक स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य बनने के बाद राज्य के लोगों ने सोचा था कि नये राज्य सरकार बनने के बाद राज्य मे उन्हें रोजगार, सुरक्षा और स्थायित्व मिलेगा। अपने राज्य में अपने लोगों के बीच काम करके सुरक्षा मिलेगी। लेकिन राज्य बनने के बाद से राज्य में विभिन्न प्रकार के माफियाओं का बर्चस्व बडा है और जनप्रतिनिधियों ने सेवा के नाम पर जो लूट मचाई,भाई भतीजावाद फैलाया,जातीवाज का जहर घर घर बोया उसने परिवार मे बिखराव कर विद्वेष भावना को प्रबल दिया। जिससे लोगों के मन आपसी सदभाव मे कमी के चलते मानसिक तनाव बढ़ने लगा है। आपसी और पारिवारिक तनाव के कारण लोगों की सहनशक्ति जवाब देने लगी है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोग आत्महत्या जैसे कायरतापूर्ण कदम उठाने मे भी नही हिचक रहे। आंकड़ों के अनुसार सन् २००० से २०१० तक आत्महत्याएं करने वाले गढ़वाल मंडल के लोगों का आंकड़ा जहां वार्षिक ४०-५० का था,वह २०१५ तक बढकर १०० की संख्या को पार गया। लेकिन चौंकानेवाली रिपोर्ट- २०१५ से २०१९ अक्टूबर की है। पिछले चार सालों में आत्महत्या करनेवाले लोगों की संख्या मे जिस तेजी से वृद्धि हुई है वह बहुत गंभीर और दुखदाई है। एक निजी सर्वेक्षण के अनुसार केवल गढ़वाल मंडल मे ही पिछले चार सालों में दस हजार के आंकड़ों को पार गई है। यह आंकड़ा तो केवल गढ़वाल मंडल का है। अगर परे राज्य में यह आंकड़ा देखें तो राज्य के लोगों की आआखे शर्म और दुख से झुक जाती हैं लेकिन राज्य के नौकरशाहों और जनप्रतिनिधियों को कोई मलाल नही होता। एसी मे व देहरादून में बैठकर पहाड़ की योजनाओं को अमली जामा पहनाया जा रहा है। नाकाबिल,मक्कार लोगों से पहाड़ की योजनाओं को आकार दिया जा रहा है।पहाड की जवानी,पानीऔर प्राकृतिक संसाधनों का जमकर शोषण और दुरूपयोग किया जा रहा है। नाकाबिल मतलब परस्त चापलूसों की पौ-बारह है। पहाड़ो से उद्योग तक पलायन कर रहे हैं। पहाड़ के लोगों के उद्योगों के नाम पर नशे के उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पहाड़ की खेती दिन पर दिन बंजर हो रही है। पूरे देश मे अपनी बुद्धिमानी और शौर्य ता का झंडा फहराने वाले विद्वानों के सिरमौर गढ़वाल मंडल की ऐसी दुर्दशा पर कोफ्त होती है। दिल्ली, देहरादून मे गद्दी पर बैठे लोगों नै गढ़वाल को सबसे ज्यादा गर्त मे पहुंचाने का काम किया है।
गढ़वाल में आत्महत्या का बढता ग्राफ
रिपोर्टर: Author
August 5, 2026

