
उत्तराखंड। जनप्रतिनिधि कैसा होना चाहिए यह बताया है उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा की जनता ने। निर्दलीय विधायक होते हुए भी खानपुर विधानसभा के विधायक उमेश कुमार ने अपनी खुली मानसिकता और बुद्धिमता से अपनी विधानसभा में विकास की क्रांति जगाकर दिखा दिया है कि अगर जनप्रतिनिधि जनता के हित में काम के लिए समर्पित है तो उसकी मेहनत और जनता के प्रति समर्पण को पंख लगने से कोई नहीं रोक सकता।
मकर संक्रांति के अवसर पर ऋषिकेश के कृषि उत्पादक मंडी में पहुंचे खानपुर के विधायक उमेश कुमार ने सभी आढ़तियों व्यापारियों को मकर संक्रांति की बधाई देते हुए खिचड़ी का प्रसाद बांटा ।
खानपुर के विधायक उमेश कुमार ने ऋषिकेश क्षेत्र में डंपिंग ग्राउंड के मुद्दे को उठाया और कहा की गाज़ीपुर की मंडी भी ऐसे ही सरकार के लोगों ने झांसे में लेकर डंपिंग ग्राउंड बनवा दिया था और आज वहां पर चील कौवे घर के ऊपर मंडराते रहते है।
बताया कि ट्रंपिंग ग्राउंड बनने से उस क्षेत्र की वैल्यू खत्म हो जाती है जमीनों के रेट 50% से भी नीचे आ जाते हैं । उस क्षेत्र का विकास कभी नहीं हो सकता क्योंकि कूडे़ के ढेरों में विकास योजनाओं को बनाना टेड़ी खीर है।
विधायक उमेश कुमार ने कहा कि एक बार ऋषिकेश वालों को विचार करना चाहिए कि हम किन लोगों को चुन रहे हैं हम उन लोगों को चुने जो हमारे गरीब आदमी के प्रति संवेदनहीन है जिन्हें आम आदमी गरीब आदमी से कोई लेना-देना नहीं है। बताया कि हमने बहुत सारी योजनाएं अपने विधानसभा क्षेत्र में शुरू की पौने दो साल में उपजिला अस्पताल लेकर आए, अपने खानपुर विधानसभा के लिए हम बाईपास लेकर आए और सबसे बड़ी बात पौने दो साल में पूरे उत्तराखंड में कोई विधानसभा ऐसी नहीं है जहां पर सिडकुल आया हो निर्दलीय विधायक होने के वावजूद सिडकुल की योजना लेकर आए, जहां 100 फैक्ट्रीयों में लगभग 15 से 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। उत्तराखंड में अकेली विधानसभा है जहां सिडकुल का इग्नोरेसन होने जा रहा है। जानकारी देते हुए बताया कि जनता का जनप्रतिनिधि होने के नाते उनके द्वारा सामूहिक विवाह योजना चलाई जा रही जिसमें किसी भी धर्म की कन्या के लिए जो मां-बाप गरीब है और बच्ची अनाथ है या बहुत गरीब मां-बाप है उनके विवाह की जिम्मेदारी उठाने का काम किया। कहा की पौने दो साल में 350 से ज्यादा कन्याओं का विवाह अपने विधानसभा क्षेत्र में कराया है ।
जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष जून में दुनिया की सबसे बड़ी सामूहिक विवाह की योजना है जिसमें 1001 कन्याओं का सामूहिक विवाह होना पूरे उत्तराखंड के हर धर्म के कन्या का विवाह कराया जाएगा कहा कि किसी भी जनपद जिले में रिश्तेदारी में कोई भी गरीब कन्या ऐसी हो तो कार्यालय में पंजीकरण करवा सकते हैं।