रिपोर्टर: Author
August 5, 2026
खाई में गिरी कार, दो की मौत तीन घायल
कोटद्वार। फरीदाबाद हरियाणा से रिखणीखाल ब्लॉक जा रही एक कार रथुवाढाब-ढौंटियाल मोटर मार्ग पर अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन घायल हो गये। घायलों का राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में उपचार चल रहा है। राजस्व पुलिस द्वारा पंचायतनामा व पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है।
कोतवाली कोटद्वार के वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप नेगी ने बताया कि बीती गुरूवार रात करीब 9 बजे जिला कंट्रोल रूम पौड़ी से रथुवाढाब-ढौंटियाल मोटर मार्ग पर एक गाड़ी के खाई में गिरने की सूचना मिली। दुगड्डा पुलिस चौकी प्रभारी ओमप्रकाश को घटना के बारे में अवगत कराया गया। चौकी प्रभारी ओमप्रकाश पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दुगड्डा पुलिस ने रेसक्यू अभियान चलाकर घायलों को खाई से बाहर निकालकर आपातकालीन सेवा वाहन 108 की मदद से राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती कराया। जहां उनका उपचार चल रहा है। कार में पांच लोग सवार थे। दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गये। एसएसआई प्रदीप नेगी ने बताया कि 32 वर्षीय तेजबीर पुत्र सुरेन्द्र गुसांई, 28 वर्षीय राजेन्द्र सिंह रावत पुत्र मनवर सिंह रावत निवासी फरीदाबाद हरियाणा की दुर्घटनाग्रस्त वाहन के नीचे दबकर मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 33 वर्षीय धनवीर पुत्र प्रेम सिंह गुसांई, 34 वर्षीय मनोज पुत्र सुभाष, 32 वर्षीय सुनील पुत्र संतराम ठाकुर निवासी फरीदाबाद हरियाणा घायल हो गये। घायलों को राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती कराया गया है। घायलों ने पुलिस को बताया कि वह फरीदाबाद हरियाणा से शादी समारोह में शामिल होने के लिए कार में सवार होकर रथुवाढाव गांव जा रहे थे। इसी दौरान अचानक ढौंटियाल के पास मोड पर गाडी पूरी तरह न कटने के कारण गाड़ी सड़क से नीचे खाई में गिर गई। रेसक्यू करने वाली पुलिस टीम में पुलिस चौकी प्रभारी दुगड्डा ओमप्रकाश, कांस्टेबल मोहन सिंह, मनोज कुमार, महेन्द्र कुमार, राकेश गुसांई आदि शामिल थे।
बेस अस्पताल की एक्सरे मशीन खराब, मरीज परेशान
कोटद्वार । राजकीय बेस चिकित्सालय में एक्सरे मशीन लगभग पिछले बीस दिनों से खराब है। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर घायलों के एक्सरे के लिए बाहर ले जाया जाता है, कई बार तो कुछ घायलों के एक्सरे दूरी के कारण नहीं हो पा रहे हैं। मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बेस अस्पताल में एक्सरे मशीन खराब होने के कारण अस्पताल में आए मरीजों को निजी अस्पतालों से महंगे दाम देकर ऐसे एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं। कोटद्वार बेस अस्पताल के ऊपर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे गाँव व पहाड़ी इलाकों के गांव निर्भर है ।जिस कारण अस्पताल में रोजाना ही काफी मरीजों की भीड होती है जिनमें से 15 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को डॉक्टरों द्वारा एक्सरे करवाने की बात कही जाती है, ऐसे में कोरोना काल में भी एक्सरे मशीन की ओर से रोजाना लगभग 50 के करीब एक्सरे किए जाते थे, लेकिन पिछले लगभग बीस दिनों से एक्सरे मशीन के खराब होने के कारण लोगों को निजी लैबों या निजी अस्पतालों में जाकर एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं ।राजकीय बेस चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डाक्टर बी.सी. काला ने बताया कि एक्स रे मशीन खराब होने के संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाने के साथ-साथ मशीन को ठीक करने के लिए कंपनी को भी सूचना भी दी गई है। आगामी दिनों में मशीन को ठीक करके लोगों को बेहतर सेवाएं दी जाएगी।
भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में सीबीआई जांच की माँग को लेकर कांग्रेस ने डॉ हरक सिंह रावत को मंत्री पद से हटाने की मांग
कोटद्वार । कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मालवीय उद्यान पार्क मे वन एवं पर्यावरण मंत्री का पुतला दहन कर भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सामान खरीद सहित कई अन्य घोटालो में सीबीआई जाँच की माँग की है ।शुक्रवार को कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता मालवीय उद्यान में एकत्रित हुए जहाँ पर सभी ने वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का पुतला दहन कर इस्तीफे की माँग की है । जिसके बाद सभी कार्यकर्ताओ ने तहसील परिसर पहुँचकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपा । जिसमें उन्होने वन एवं श्रम मंत्री हरक सिंह रावत भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद श्रमिकों और मजदूरों के लिए बनाई गई विभिन्न योजनाओं में कई प्रकार के घोटालों के सामने आने के बाद सीबीआई जाँच कराने की माँग की है । कांग्रेस ने कहा कि जिस प्रकार वन मंत्री द्वारा एनजीओ के माध्यम से करोड़ों रुपयों का घोटाला किया गया है उससे गरीब श्रमिकों और मजदूरों के मुंह से निवाला छीना गया है। कांग्रेस की मांग है कि इन घोटालों की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए और पद से भी बर्खास्त किया जाए।
13 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड रोडवेज इम्पलाइज यूनियन का धरना
कोटद्वार । पांच माह के वेतन समेत कई लंबित मांगों के पूरा न होने से नाराज रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। बस अड्डा परिसर में कर्मचारियों ने मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर धरना दिया। जल्द मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन करने को चेताया।शुक्रवार को उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने बस अड्डा परिसर स्थित यूनियन कार्यालय के बाहर धरना दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि परिवहन निगम (रोडवेज) कर्मचारियों को पांच माह (बीते जून माह) से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने के कारण आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। बच्चों की स्कूल की फीस देने में भी परेशानी हो रही है। अभी राशन का पहला ही भुगतान नहीं हो पा रहा है तो आगामी महीने का राशन कैसे खरीदें। इन सब चीजों को लेकर मानसिक तनाव बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि जून से लेकर अक्तूबर तक का वेतन भुगतान जल्द किया जाए। कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का लंबित भुगतान जल्द किया जाए ।कार्यशाला का भी जीर्णोद्धार भी कराया जाए। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के साथ परिसंपत्तियों का बंटवारा जल्द किया जाए, ताकि उत्तराखंड परिवहन निगम की आर्थिकी में सुधार हो सके।
डिजिटल इंडिया को ठेंगा दिखाती सीएससी सैंटर की सेवाएं,सीएससी पोर्टल मे भारी खामियां,संचालक और उपभोक्ता परेशान।
कोटद्वार । कोविड 19 के दौरान बेरोजगारी के बीच सीएससी यानी कॉमन सर्विस सेंटर विकल्प के रूप में रोजगार से जोडने के सरकारी प्रयास को सरकारी एजेसियां ही लापरवाही कर बेरोजगार युवाओं के लिए मुसीबत बन कर उभरी हैं। सीएससी सेंटर के माध्यम से गांवों को डिजिटल प्लेटफाॅर्म तो मिला और युवाओं को खुद का रोजगार शुरू करने का मौका भी।
शुरुआती दौर में सीएससी सेंटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को पैनकार्ड, बिजली, एलआईसी प्रीमियम और बैंकिंग मित्र जैसी सुविधाएं दी जा रही थी। अब सीएससी पर सर्विसेस का दायरा भी 450 से अधिक सेवाओं तक पहुंच गया है। यानी एक ही सेंटर पर शासन की 450 से अधिक सरकारी,अर्धसरकारी और निजी सेवाओं का ग्रामीण क्षेत्र के लोग बिना शहर जाए लाभ ले रहे हैं। चूंकि एक गांव में एक से भी अधिक सीएससी सेंटर हो सकते हैं, इस कारण भी लगातार रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। सीएससी का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता पर फोकस, सरकारी व गैर सरकारी सेवाओं में एजेंट के रूप में काम करना है। अब राज्य के अधिकांश गांव डिजिटल हो गये हैं।
वर्तमान में प्रकाश में आया है कि एक व्यक्ति द्वारा किशनपुरी स्थित एक सीएससी सैंटर से बिजली के बिल का भुगतान किया था जो भुगतान ना तो विघुत विभाग तक पहुँचा और ना ही वापिस उक्त व्यक्ति को मिल पा रहा है ।व्यक्ति को रोज सीएससी के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड रहा है क्योंकि विघुत विभाग लाईन काटने की बात कह रहा है ।जबकि सीएससी संचालक ने बताया कि इस सम्बन्ध में एक सप्ताह पूर्व सीएससी के आला अधिकारियों को शिकायत कर दी गई थी किंतु अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है ।जिससे अब लोगों का सीएससी के प्रति विश्वास कम होते दिख रहा है ।जिसे साफ शब्दों में कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री के डिजीटल इंडिया को सीएससी सैंटर संचालन का काम देखने वाली एजेसियां घोर लापरवाही कर सरकार की देश और राज्य को डीजिटल करने की मंशा को ठेंगा दिखाने का काम कर रही हैं । सीएससी संचालक ने अंतत: इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री पोर्टल में शिकायत के बाद सीएससी क्या निर्णय व जबाब देती है ।
इस सम्बन्ध में जब राज्य सीएससी टीम के सीनियर सुप्रीत सैमुल से बात की गई तो उन्होने बताया कि इनकी शिकायत बुधवार शाम को मिली है ।एक सप्ताह के अंदर उपभोक्ता का पैसा वापस आ जायेगा ।




