कोटद्वार स्वच्छता अभियान और खुले में शौच रोक अभियान को चूना लगा रहे मकान मालिक और किराएदार।
कोटद्वार। पौड़ी जिले को खुले में शौच और स्वच्छता अभियान में पुरुस्कृत किया जा चुका है। लेकिन कोटद्वार नगर निगम जो कि जिले सबसे ज्यादा शिक्षित, आधुनिक शहरों में गिना जाता है, वहीं प्रधानमंत्री की सबसे ज्यादा महत्वाकांक्षी और सफल योजना जिसे सबसे ज्यादा समर्थन मिला वह देश के सभी राज्यों ने इस योजना को सफल बनाने के लिए हरसंभव काम भी किया।
खोह नदी में खुले में शौच को जाती महिलाएं
खुले में शौच और स्वच्छता अभियान से जहां महिलाओं, बालिकाओं को सुरक्षा का आभास मिला वहीं पूरे देश में खुले में शौच से होने वाली कई बीमारियों पर रोकथाम लगाने में भी काफी हद तक सरकारों को सफलता मिली। कोटद्वार नगर निगम के विकास नगर गाड़ी घाट में सरकार की इस योजना से मकान मालिकों और किराएदारों को कोई लेना-देना नहीं। बताते चलें कि कोटद्वार नगर निगम का विकास नगर खोह नदी के किनारे बसा हुआ है।खोह नदी में अक्सर खनन होता रहता है और इस खनन में बाहरी राज्यों से आए मजदूर काम करते हैं इसके अलावा विकास नगर में भवन निर्माण, कारपेंटर,पेंटर, जैसे कार्य से मिस्त्री और मजदूर भी स्थानीय मकानों में परिवार सहित किराए में रहते हैं। विकास नगर के अधिकांश मालिकों द्वारा अपने मकानों में किराएदार तो रखें हुए हैं परन्तु उनके लिए शौचालय की सुविधा नहीं दी गई है। मूल समस्या मजदूर परिवारों की महिलाओं और बालिकाओं की है जो सुबह-शाम बहु बेटियों के साथ जब खोह नदी खुले में शौच को जाती को जाती है तो फायर ब्रिगेड के समीप बने पुल के नीचे नशेड़ियों,जुवारियों की कामुक नजरें उन टिकी रहती हैं व मौके ढूंढती रहती है जो कभी भी किसी बुरी घटना को अंजाम दे सकती है।
नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र में कोई शुलभ या सार्वजनिक शौचालय का भी निर्माण नहीं किया गया है। खुले में शौच करने वाले न केवल स्वच्छता अभियान को धता बता रहे हैं वहीं किसी बड़ी शर्मनाक घटनाओं को भी निमंत्रण दे रहे हैं। इसलिए नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाकर मकान मालिकों के किराएदारों के लिए शौचालयों की सुविधाओं का भी निरीक्षण करना होगा जिससे स्वच्छता का पालन, बीमारियों और किसी अनहोनी से बचा जा सके।


