कोटद्वार में राष्ट्रीय ध्वज का नगर निगम द्वारा सम्मान या अपमान…?
नगर निगम कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज की गठडियां बनाकर रात में पार्षदों के घरों में छोडी
कई पार्षदों ने बिना जानकारी के गठडी बने राष्ट्रीय ध्वजों को वापस लौटाया
पार्षदों की नाराजगी से घबराकर नगर निगम कर्मचारियों ने रातभर लोगों के घरों में लटकाए राष्ट्रीय ध्वज
पूर्व सभासद गुड्डू सिंह चौहान
पार्षद विपिन डोबरियाल,कोद्वार
कोटद्वार। राष्ट्रीय ध्वज जो कि देश की आन बान शान का प्रतीक ही नहीं बल्कि हर भारतीयों का गौरव भी है, लेकिन भारत की आन,बान, शान मान और गौरव को मलिया मेट करने में कोटद्वार नगर निगम ने जो भूमिका निभाई, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति बदसलूकी दिखाई उससे कोटद्वार शहर ही नहीं वरन पूरा उत्तराखंड और देश भी स्वयं को अपमानित करेगा । मामला कोटद्वार में हर घर झंडा को लेकर सरकार के जबरन थोपे गए निर्णय जिसमें नगर निगम को भी भागीदारी निभानी थी तो नगरनिगम प्रशासन द्वारा अपने कर्मचारियों पर अधिकारियों के दबाव के चलते देर रात जिस प्रकार राष्ट्रीय ध्वज की गठडियां बनाकर पार्षदों के घरों में छोड़ी गई उससे कोटद्वार नगर निगम के अधिकांश पार्षद नाराज और स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं । कोटद्वार नगर निगम के तेजतर्रार पार्षदों में जाने वाले जाने वाले विपिन डोबरियाल ने बताया कि देर रात कुछ नगर निगम के कर्मचारी उनके घर के बाहर रखी चेयर पर राष्ट्रीय ध्वज के बने गठरी को फेंककर बिना जानकारी दिए चलते बने। वहीं जौनपुर आमपडाव के पार्षद पति गुड्डू सिंह चौहान ने भी राष्ट्रीय ध्वज को गठरी बनाकर घर में सौंपने को लेकर नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय ध्वजों की गठडी को वापस कर दिया। वहीं क्षेत्र पार्षद आशा चौहान द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के बिना जानकारी सौंपने को लेकर नगर आयुक्त को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय ध्वज का नगर निगम कर्मचारियों द्वारा गठरी बनाकर सौंपना राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है। इसलिए उसे वापस भिजवा रही हैं उसे से सम्मान पार्षदों को सौंपा जाए। पार्षद पति गुड्डू सिंह चौहान ने इसे नगर निगम की घोर लापरवाही बताते हुए नगर निगम कर्मचारियों और अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही करने की बात कही। वही कालावड क्षेत्र के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विपिन कोटनाला और उनकी पार्षद पत्नी मीनाक्षी कोटनाला ने भी जानकारी देते हुए बताया कि उनके घर में भी कुछ कर्मचारी बिना जानकारी दिए गठरी सौंपने का प्रयास कर रहे थे पूछने पर जब उन्होंने कर्मचारियों ने बताया कि यह राष्ट्रीय ध्वज आपको प्रत्येक व्यक्ति को देना है तो उन्होंने भी गठडी लेने से इनकार करते हुए नगर आयुक्त उसे इसकी शिकायत करते हुए नाराजगी जताई और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने करते हुए पार्षदों को पूरे नियम के तहत राष्ट्रीय ध्वज सौंपने की बात कही । पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विपिन कोटनाला ने कहा कि वे अपने जीवन में पहली बार देख रहे हैं कि कोई सरकारी प्रतिष्ठान राष्ट्रीय ध्वज के प्रति इस प्रकार की गैरजिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है। कोटनाला ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के इस तरह अपमान करने पर प्रदेश और केंद्र सरकार को स्वयं संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी कठोर से कठोर कार्यवाही की जाए। वही आमजन भी नगर निगम की इस कार्यकारिणी प्रणाली से खासा नाराजगी दिखाई। कोटद्वार के आम जनमानस का मानना है कि जिस प्रकार से नगर निगम कर्मचारियों द्वारा जबरन लोगों को राष्ट्रीय ध्वज सौंपे जा रहे हैं चलते फिरते वाहनों में राष्ट्रीय ध्वज लगाया जा रहे हैं वह भी बिना नियम कानून के जिससे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो रहा है कई कई जगह तो राष्ट्रीय ध्वज सीना तानने के बजाय झुके हुए, आड़े तिरछे लगे दिखाई दिए तो कुछ जगह लोग राष्ट्रीय ध्वज को तोड़ मरोड़ कर मोटरसाइकिल, साईकिल के बैगो और कैरियर पर ले जाते भी दिखाई दिए। यही नहीं प्रदेश के शिक्षा मंत्री द्वारा जबसे राष्ट्रीय ध्वज उल्टा लहराया गया उत्तराखंड के आम जनमानस में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति शिक्षा मंत्री द्वारा किए गए अपमान पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई।
