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कोटद्वार में प्राइवेट स्कूल की मनमानी

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 कोटद्वार में प्राइवेट स्कूल की मनमानी 

2 साल से दो बच्चियों के शिक्षा से रखा दूर निजी स्कूल ने फीस के लिए

स्थानांतरण पत्र टीसी के लिए दर-दर भटक रहा गार्जियन।

बी ई ओ और डी ई ओ स्तर से भी नहीं हुई स्कूल पर कोई कार्यवाही

2 साल से घर पर बैठी हैं दोनों बच्चियां, शिक्षा से हो रही महरूम। उत्तराखंड में बालिका शिक्षा पर लग रहा दाग। प्राइवेट स्कूल की चल रही दादागिरी ।

टीसी मांगने पर अभिभावक को थमा दिया 72 हजार का बिल जिसमें एनुअल चार्जेस, री एडमिशन भी शामिल। मानकों को ताक पर रख शिक्षा देने के बजाय शिक्षा की दुकान बनाया है शिक्षा के मंदिर को। 

टीसी नहीं मिलने के कारण अन्य विद्यालय में भी नहीं करा पा रहे हैं अभिभावक दोनों बच्चियों का प्रवेश। दोनों बालिकाओं की शिक्षा पर लगा ब्रेक, जिस कारण अभिभावक बच्चियों को घर में बैठाने पर मजबूर  यही मानवता है निजी स्कूल की ?

किसान की है बेटियां दोनों, कोरोना काल में किसान नहीं दे पाया फीस। दो साल से शिक्षा के लिए तरस रही बालिकाएं।  2020 में बच्चीयों को स्कूल से निकालने के लिए किया था आवेदन परंतु नहीं दी गई टीसी। सरकारी स्कूल में प्रवेश कराया तो सरकारी स्कूल द्वारा टीसी मांगने पर जब निजी विद्यालय में पहुंचे अविभावक तो टीसी देने में आनाकानी की गई 2 साल से भटक रहा बच्चियों का पिता टीसी के लिए।

अभिभावक के अनुसार दोनों बच्चियों को लाने ले जाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने बस की की थी व्यवस्था, परंतु 2 साल से बस व्यवस्था ठप कर दी जिसके कारण भी नहीं जा पाई बच्चियां स्कूल। स्कूल घर से 21 किलोमीटर है दूर। प्रवेश के समय बच्चों के अभिभावकों को दिया था फिश कि नहीं होगी किल्लत।

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