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कोटद्वार भाजपा जिलाध्यक्ष को किसानों का झटका, मुख्यमंत्री से वापस लिया प्रस्ताव

रिपोर्टर: Author August 5, 2026

 कोटद्वार भाजपा जिलाध्यक्ष को किसानों का झटका, मुख्यमंत्री से वापस लिया प्रस्ताव 

मालनी किसान पंचायत भाबर क्षेत्र के चलते बैकफुट पर भाजपा जिलाध्यक्ष 

कोटद्वार। भाजपा जिलाध्यक्ष कोटद्वार को अपनी वाहवाही और प्रभुत्व दिखाने पर कोटद्वार के किसानों द्वारा बिना तैयारी के मुख्यमंत्री से कोटद्वार को गैर-कृषि भूमि घोषित करने के प्रस्ताव को लेकर काफी किरकिरी उठानी पड़ी। 
मामला कोटद्वार नगर निगम की भूमि को गैर कृषि भूमि करवाने के प्रस्ताव को लेकर है। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत द्वारा पिछले सप्ताह बिना पूर्व तैयारी के कुछ प्रौपर्टी डीलरों और भू माफिया के चंगुल में फंसकर कोटद्वार को गैर कृषि भूमि भूमि घोषित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को दिया और साथ ही मिडिया में भी अपने प्रस्ताव को जगजाहिर करने और वाहवाही बटोरने के लिए खबर प्रकाशित करवा दी।  
  कोटद्वार में जब किसान संगठनों सहित खेती बाड़ी से जुड़े वास्तविक कृषकों और भूमिधरों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसकी खामियों को देखते हुए एकजुट होकर इसके विरोध में संगठित होना शुरू कर दिया। संगठित किसानों को कोटद्वार में किसानों के संगठन सहित विभिन्न संगठनों का सहयोग मिलना शुरू हो गया जिसके चलते विगत रविवार को किसानों का यह संगठन कोटद्वार के मालिनी किसान संगठन, मालिनी पूर्व सैनिक के  तत्वावधान में मालिनी पूर्व सैनिक संगठन के प्रांगण में श्रीरामपुर में मालनी किसान पंचायत भाबर क्षेत्र के नेतृत्व में एक सभा का आयोजन किया गया जिसमें कोटद्वार के विभिन्न किसान प्रतिनिधियों ने कृषि भूमि को व्यवसायिक भूमि में परिवर्तित करने के संबंध में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल के द्वारा जिला अधिकारी को प्रेषित पत्राचार व बी जे पी के जिलाध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन का एकजुट होकर विरोध प्रकट किया गया। सभा में निवर्तमान पार्षद श सुखपाल शाह ने कृषि भूमी का व्यवसायीकरण होने के कुप्रभाओ पर प्रकाश डाला गया।  
  गौरतलब है कि कोटद्वार में एसटी और एससी-एसटी की भूमि को भी  गैर कृषि भूमि में आ जाने से से इस वर्झंग की भूमि को भू-माफिया आसानी से ठिकाने लगा सकते हैं। वहीं बड़ी जोत के कृषकों को भारी टैक्स सहित नगरीय नियमों के तहत कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से कृषकों को बहुत नुकसान पहुंचेगा। किसान पंचायत में झंडीचौड से पहुंचे किसान नेता ने किसान पंचायत के अतीत के आंदोलनों पर चर्चा की साथ ही के किसानों के संघर्ष के लिए हर समय तत्पर रहने का आश्वासन दिया।  इसी क्रम में  दीपक गौड़, गणेश जलाल ,पूर्वसैनिक विद्यादत्त केस्टवाल ,दर्शन केस्टवाल आदि किसानों ने अपने विचार रखे ।
 जब किसानों की एकजुटता की खबर बी जे पी के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत को मिली तो वह किसान पंचायत में पहुंचकर  उनके द्वारा जो ज्ञापन मुख्यमंत्री जी को दिया गया था उसपर खेद प्रकट किया गया।  जब उनको पता चला कि इस में किसानों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है तो उनके द्वारा कृषि भूमि के व्यवसायीकरण के संबंध में जो ज्ञापन मुख्यमंत्री जी को दिया गया था उसको तुरंत वापस लेने की जानकारी दी साथ ही किसानों की हर समस्या के लिए उनका साथ देने के लिए तत्पर रहने को कहा गया है। अंत में सभी किसानों ने उनका आभार प्रकट किया किसान पंचायत को संबोधित करने वालो में किसान पंचायत केअध्यक्ष ,जे पी बौखंडी,महासचिव मधुसूदन सिंह नेगी ,संरक्षक कुबेर जलाल मौजूद रहे।

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