कोटद्वार नगर निगम के पूर्व सहायक नगर आयुक्त पर जुर्माना
अवैध निर्माण के संबंध में चाही गई सूचना न दिए जाने के कारण लगा जुर्माना
समय सीमा में हीला हवाली करने पर हुई कार्यवाही
सूचना अधिकार के तहत समयावधि में सूचना न देने पर लोक सूचना अधिकारी को जुर्माने के रूप में खामियाजा भुगतना पडा़ है. मामला कोटद्वार नगर निगम से सम्बन्धित है जिसमें लोक सूचना अधिकारी/ सहायक नगर निगम आयुक्त को अपने दायित्व के अधिकारों में हीला हवाली करने पर राज्य सूचना आयुक्त माननीय योगेश भट्ट जी द्वारा नगर निगम कोटद्वार में अवैध निर्माण के संबंध में चाही गई सूचना न दिए जाने के कारण पूर्व सहायक नगर आयुक्त /लोक सूचना अधिकारी मोहम्मद कामिल पर ₹6250 का जुर्माना आरोपित किया है ।
विदित हो कि कोटद्वार नगर निगम में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत बाहर आ रहे हैं , जिसमें कई मामलों में अब तक एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
वर्तमान अपील में अपीलार्थी मुजीब नैथानी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा वाद संख्या : 171/2021 में दिए गए आदेशों के संबंध ने की गई कार्यवाही के साथ साथ अवैध निर्माण के खिलाफ आई शिकायतों की सूचना एवं शिकायतों पर की गई कार्रवाई की सूचना का अवलोकन हेतु 3 नवंबर 2021 को आवेदन किया गया था।
तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त एवं लोक सूचना अधिकारी मोहम्मद कामिल द्वारा 7 दिसंबर 2021 को या लिखा गया कि आपके द्वारा चाही गई सूचनाओं का अवलोकन एवं चिन्हित की गई प्रतियों की सूचना की प्रतियां देय भुगतान के उपरांत उपलब्ध करा दी जाएंगी ।
इस पर द्वारा प्रथम अपील आयोजित की गई जिसमें प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा चिन्हित सूचनाओं की छायाप्रतिलिपि मुफ्त में उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया उसके बावजूद अपीलार्थी को सूचनाएं उपलब्ध ना कराए जाने पर अपीलार्थी द्वारा आयोग की शरण ली गई। जहां माननीय सूचना आयुक्त माननीय योगेश भट्ट जी द्वारा यह पाया गया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचनाओं का अवलोकन हेतु 7 दिवस के भीतर आवेदनकर्ता को सूचित करना चाहिए, जबकि लोक सूचना अधिकारी मोहम्मद कामिल द्वारा 1 माह 3 दिन के बाद सूचना के अवलोकन हेतु लिखा गया था।
जिसका मोहम्मद कामिल द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया कि उनके समक्ष उक्त सूचना देर से रखी गई थी, इसलिए उनके द्वारा एक मास 3 दिन के बाद उक्त सूचना प्रेषित की गई। जिससे आयुक्त महोदय के संज्ञान में आया कि लोक सूचना अधिकारी के द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया गया है ।
इस पर आयुक्त श्री योगेश भट्ट जी द्वारा मोहम्मद कामिल पर ₹6250 का जुर्माना आरोपित किया गया। साथ ही उक्त सूचना की सुनवाई में यह पाया गया कि कोटद्वार नगर निगम में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 के तहत अधिकारियों के दायित्व एवं कर्तव्यों के संबंध में कोई मैन्युअल नहीं है और ना ही हर साल उक्त मैन्युअल को अपडेट किया रहा है, इसे गंभीर त्रुटि एवम घोर लापरवाही मानते हुए आयोग के द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी नगर निगम कोटद्वार वैभव गुप्ता को आदेशित किया गया कि तुरंत धारा 4 के तहत मैनुएल्स को तैयार करने की कार्यवाही की जाय।
जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से क्रॉप कटिंग का प्रयोग
किसानों के वास्तविक उपज का आकलन का वैज्ञानिक तरीका
जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ0 आशीष चौहान ने आज जिले में फसलों की औसत उपज और उत्पादन के आंकड़े संकलन को लेकर तहसील पौड़ी के अन्तर्गत ग्राम पंचायत डूंगरी में गेहूं की फसल पर की जा रही क्रॉप कटिंग का जायजा लिया। राजस्व विभाग ने डूंगरी गांव के कृषक ध्रुव सिंह के गेहूं के खेत में 30 वर्ग मीटर का प्लाट बनाकर सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से क्रॉप कटिंग का प्रयोग किया। जिसमे 8 किलो 550 ग्राम गेहूं की फसल प्राप्त हुई।
जिलाधिकारी ने खेत का नक्शा, खसरा, रजिस्टर आदि भू-अभिलेखों की जांच करते हुए किसानों से बोये गए गेहूं के बीज के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोगों के आधार पर ही जिले में फसलों की औसत उपज और उत्पादन के आंकड़े तैयार किए जाते हैं, जिससे जिले में हो रहे उत्पादन की सटीक जानकारी हासिल की जाती है। कहा कि क्रॉप कटिंग के प्रयोगों से प्राप्त उत्पादन के आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति और फसल बीमा की राशि निर्धारित की जाती है।
जिलाधिकारी को अपने मध्य पाकर ग्रामीण प्रसन्न दिखे तथा गांव की समस्याओं से भी अवगत कराया। जिस पर जिलाधिकारी ने शीघ्र निस्तारण करने का भरोसा दिया। ग्रामीणों द्वारा बताई गई पानी की समस्या पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को पंपिंग योजना की जांच करने के निर्देश दिए।
इस अवसर ग्राम सहायक भूलेख अधिकारी पूरन प्रकाश रावत, अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी रविन्द्र चौहान, राजस्व उपनिरीक्षक कैलाश रवि व महावीर सिंह चौहान सहित ग्रामीण उपस्थित थे।



