कोटद्वार गाडीघाट-रतनपुर पुल के अब दूसरी साईड के पिलर की बुनियाद भी खतरे की जद में
कोटद्वार। मंगलवार को हुई जबरदस्त बारिश ने कोटद्वार के सनेह क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाले गाड़ीघाट रतनपुर पुल को बाजार जाने वाली दिशा यानि पश्चिमी छोर से खोह नदी ने ध्वस्त कर दिया था।
वहीं पुनः शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने सनेह क्षेत्र के पूर्वी क्षेत्र में खोह नदी ने धावा बोलकर पुल के पिल्लरों की बुनियाद को खोखला कर सनेह क्षेत्र के लोगों की परेशानियों को दोगुना कर दिया है।
जिलाधिकारी का सनेह क्षेत्र में बहनेवाली खोह नदी द्वारा बनाए डेंजर जोन का रात्रि में निरीक्षण
जिलाधिकारी गढ़वाल ने आपदा प्रबंधन की दृष्टिगत से किया कोटद्वार में उत्तर प्रदेश से सटे हुए सनेह क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण
सिंचाई विभाग को खोह नदी के बरसाती पानी को नदी के मध्य में डाइवर्ट करने के दिए निर्देश
नदी से हो रहे कटाव को रोकने के लिए तत्कालिक वैकल्पिक व्यवस्था बनाने तथा कटाव से बचाव का स्थाई समाधान करने के लिए हाइड्रोलॉजी संस्थान से अध्ययन कराते हुए दूरगामी प्लान बनाने को कहा
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा 11 अगस्त 2023 की रात्रि को कोटद्वार में उत्तर प्रदेश से सटे हुए सनेह क्षेत्र (सनेह तल्ली) का आपदा प्रबंधन की दृष्टि से स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग को आवासीय बस्ती को नदी के कटाव से सुरक्षित करने के लिए नदी को जेसीबी और पौकलैंड मशीन के द्वारा मध्य भाग में डाइवर्ट करने तथा तत्काल वैकल्पिक सुरक्षा के लिए जाली अथवा सुरक्षा दीवार बनाने को कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने खोह नदी के जल से होने वाले कटाव के स्थाई समाधान के लिए हाइड्रोलॉजी संस्थान के वैज्ञानिकों से नदी के बहाव का अध्ययन कराते हुए उसी अनुरूप कटाव से सुरक्षा का दूरगामी और स्थाई समाधान निकालने के निर्देश दिए।
स्थानीय लोगों द्वारा जिला अधिकारी को बताया गया कि सनेह में स्थित विद्यालय में एक पेड़ विद्यालय की छत तथा बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है जिसको हटाना अथवा उसकी कटिंग व लॉपिंग करना जरूरी है। इसके संबंध में जिलाधिकारी ने वन विभाग को मानक के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए। देर रात्रि तक जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कोटद्वार के खोह नदी के बॉर्डर एरिया क्षेत्र में भूस्खलन और भू कटाव का पैदल निरीक्षण किया तथा भू कटाव को रोकने के लिए इसका स्थाई समाधान करने की दृष्टिगत उसका बारीकी से संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता सिंचाई संजीव श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी कोटद्वार प्रमोद कुमार व मनजीत सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई अजय कुमार जॉन सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मेरी माटी मेरा देश’ कार्यक्रम के अंतर्गत जीजीआईसी, कोटद्वार में तिरंगा यात्रा
विधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों को मेरी माटी मेरा देश अभियान को बताते हुए कहा की “मिट्टी को नमन, वीरों का वंदन” मेरी माटी मेरा देश अभियान को प्रधानमंत्री ने निर्देशों पर शुरू हुआ है। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य उन साहसी शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और बहादुर महिलाओं को सम्मान और श्रद्धांजलि देना है जिन्होंने पूरे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सेवा की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तराखंड की प्रथम महिला स्वतंत्रता सेनानी बिश्नी देवी शाह को याद करते हुए कहा की बिश्नी देवी शाह 13 साल की उम्र में शादी, 16 साल की उम्र में पति का निधन। ससुराल व मायके वालों ने ठुकराया फिर भी जीवन संघर्ष रखा जारी। उन्होंने आजादी की लडाई में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका। पहली बार कुमाऊं के अल्मोडा में फहराया तिरंगा।
खण्डूडी ने बताया की उत्तराखण्ड की पहली महिला जो आजादी की लड़ाई के लिये जेल गई और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों को नमन किया।
कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने बताया की देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए सरकार की मंशा के अनुरूप मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, मेरी सभी से अपील है कि इस राष्ट्रीय महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और मिट्टी को नमन वीरों को वंदन करें।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने छात्र छात्राओं व समस्त उपस्थित जनों को आगे आकर देश हित में कार्य करने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य सुनीता मधवाल, जिला अध्यक्ष वीरेंद्र रावत, राजेंद्र, दिनेश चंद्र , हरि सिंह पुंडीर, उमेश , उमेश सिंह बिष्ट सुमन कोटनाला, पंकज भाटिया ,अनीता सुनीता आदि मौजूद रहे।