आए दिन जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों से पुलिस कर्मियों की नोंक-झोंक को एएसपी ने लिया संज्ञान
कोटद्वार। जनप्रतिनिधी, पुलिस और पत्रकार समाज के वह अंग हैं,जिनका आमजनता से रोजाना वास्ता पड़ता रहता है। तीनों जनता के दुःख दर्द, खुशी और निजी तौर पर जुड़े होते हैं। पिछले कुछ समय से विशेष कर कोरोनाकाल में जनप्रतिनिधी और पत्रकार तो जनता के नजदीक आए, परन्तु पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद वह आमजनता से जुड़ने के बजाय कुछ पुलिसकर्मियों के व्यवहार के चलते दूर होती चली गई। वहीं कोराना काल में पुलिस की जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के साथ भी दूरियां बढ़ती रही।
जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और जनता को पुलिस से सबसे बड़ी शिकायत कुछ पुलिसकर्मियों की शिघंम स्टाइल से रही जिससे आए दिन किसी न किसी विवाद ने जन्म लिया। ऐसा ही एक विवाद तीन दिन पूर्व कोटद्वार के जनप्रतिनिधी के साथ कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा शराब के नशे में करने का आया। जिसमें जनप्रतिनिधी भी अपनी रेपुटेशन को लेकर जनप्रतिनिधी स्टाइल में एएसपी कार्यालय में जा धमके। इस प्रकरण के चलते कोटद्वार पुलिस को काफी फजीहत झेलनी पड़ गई। इसी को लेकर एएसपी मनीषा जोशी ने एसएसपी के दिशा निर्देशन में बुधवार को रात्रि गणना में कोटद्वार कोतवाली में समस्त चौकी प्रभारियों और पुलिस कर्मियों के साथ ब्रीफिंग की। ब्रीफिंग के दौरान एएसपी मनीषा जोशी ने सीओ,प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक, एएचटीयू,सीआईयू/एडीटीएफ, प्रभारी कोतवाल,बाजार चौकी प्रभारी सहित कोटद्वार में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया भविष्य में पुलिस कर्मी से शहनशीलता का परिचय देते हुए जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों,व आमजनता से शालीन व्यवहार करें। पीड़ित व्यक्तियों को तुरंत कानूनी दायरे में न्याय दिलाएं।
खेल
भारतीय क्रिकेट के धुरंधरों का कमाल 78 रन पर हुए ढेर। जितना खर्च सरकार और बीसीसीआई इन धुरंधरों पर खर्च करती है और विज्ञापन एजेंसियों द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है उसका आधा भी एथलेटिक्स पर खर्च हो जाए तो गोल्ड मेडल के ढेर लगा दें खिलाडी।

